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Gonda News: गोंडा से श्रेया और बहराइच से रमेश पर सपा ने लगाया दांव
Tue, 20 Feb 2024 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 20 Feb 2024 12:06 AM IST
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गोंडा। देवीपाटन मंडल की चार में से दो लोकसभा सीट पर सपा ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। कैसरगंज और श्रावस्ती लोकसभा क्षेत्र पर अभी भी संशय बरकरार है, जबकि गोंडा और बहराइच के प्रत्याशियों की घोषणा अन्य राजनीतिक दलों से पहले कर दी।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) समीकरण के तहत लोकसभा चुनाव को लेकर दूसरी सूची जारी की है। जिसमें 59-गोंडा लोकसभा सीट से श्रेया वर्मा और 56-बहराइच (सुरक्षित) लोकसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक रमेश गौतम को टिकट दिया गया है।
श्रेया के दादा स्व. बेनी प्रसाद वर्मा साल-2009 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर गोंडा से सांसद बने थे। बाद में उन्हें मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली यूपीए सरकार में केंद्रीय इस्पात मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी।
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सपा के संस्थापक सदस्यों में शुमार रहे बेनी बाबू 1996, 1998, 1999 और 2004 में कैसरगंज लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे। इस वक्त श्रेया के पास सांगठनिक जिम्मेदारी है, वह समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं।
दूसरी तरफ पूर्व विधायक रमेश गौतम (अब तरबगंज) वर्ष 2007 में बसपा के टिकट पर विधायक बने थे। रमेश डिक्सिर (सुरक्षित) विधानसभा क्षेत्र से साल 2007 में बसपा से विधायक बने थे।
यह क्षेत्र केंद्रीय निर्वाचन आयोग के परिसीमन के बाद नवगठित तरबगंज विधानसभा सीट के रूप में तब्दील हो गया। इसके बाद 2012 में वह मनकापुर (सुरक्षित) सीट से बसपा प्रत्याशी के रूप में लड़े, लेकिन सफलता नहीं मिली। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर बसपा प्रत्याशी के रूप में उतरे लेकिन पूर्व मंत्री रमापति शास्त्री ने उन्हें हरा दिया।
बल्हा (सुरक्षित) विधानसभा सीट से लड़ चुके उपचुनाव
साल 2019 में अक्षैवरलाल गोंड के सांसद चुने जाने के बाद बहराइच की बल्हा (सुरक्षित) विधानसभा सीट से उपचुनाव में बतौर बसपा प्रत्याशी मैदान में उतरे थे, लेकिन उन्हें भाजपा प्रत्याशी सरोज सोनकर ने शिकस्त दी थी। वर्ष 2020 में बसपा सुप्रीमो ने उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। साल 2022 के चुनाव में रमापति शास्त्री लगातार जीत दर्ज करते हुए उन्हें हराया, लेकिन इस बार वह सपा उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे थे। पूर्व विधायक रमेश गौतम का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन पर भरोसा जताया है। बहराइच के लोग भी बदलाव चाहते हैं। पिछले पांच साल से बहराइच में सक्रियता है।
पिछड़े, युवा और महिलाओं को साधने की कोशिश
समाजवादी पार्टी की ओर से गोंडा लोकसभा क्षेत्र से श्रेया वर्मा को प्रत्याशी बनाया गया है। 15 फरवरी को वह वाहनों के लंबे काफिले के साथ गोंडा आई थीं। गांधीपार्क स्थित टाउनहाॅल में आयोजित समारोह में ही उनको गोंडा से प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा जोरों पर थी। श्रेया ने अपने पिता पूर्व कारागार मंत्री राकेश वर्मा, समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह सहित तमाम समर्थकों के साथ दर्जीकुआं, मनकापुर होते हुए गौराचौकी तक गई थीं। सपा ने गोंडा सीट से श्रेया को प्रत्याशी बनाकर पिछड़ा, युवा और महिला वर्ग को साधा है। श्रेया ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का आभार जताया। कहा कि गोंडा से उनका पुराना नाता है। यहां से उनके दादा कांग्रेस के टिकट पर सांसद चुने गए थे। जिन्हें केंद्रीय इस्पात मंत्री भी बनाया गया था। वह अपने बाबा के अधूरे सपनों को पूरा करेंगे। गोंडा के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगी।
गोंडा लोकसभा सीट में हैं पांच विधानसभा क्षेत्र
गोंडा लोकसभा सीट में पांच विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। जिसमें गोंडा सदर, मेहनौन, मनकापुर, गौरा व उतरौला (जिला बलरामपुर) हैं। माना जा रहा है कि कुर्मी, मुस्लिम और यादव मतदाताओं के साथ-साथ पिछड़े, महिलाओं और युवाओं को साधने के लिए सपा ने श्रेया वर्मा को मैदान में उतारा है। सपा जिलाध्यक्ष अरशद हुसैन ने बताया कि पार्टी नेतृत्व का फैसला सभी को मान्य है। सभी कार्यकर्ता सपा प्रत्याशी को जिताने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे।
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सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) समीकरण के तहत लोकसभा चुनाव को लेकर दूसरी सूची जारी की है। जिसमें 59-गोंडा लोकसभा सीट से श्रेया वर्मा और 56-बहराइच (सुरक्षित) लोकसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक रमेश गौतम को टिकट दिया गया है।
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श्रेया के दादा स्व. बेनी प्रसाद वर्मा साल-2009 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर गोंडा से सांसद बने थे। बाद में उन्हें मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली यूपीए सरकार में केंद्रीय इस्पात मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी।
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सपा के संस्थापक सदस्यों में शुमार रहे बेनी बाबू 1996, 1998, 1999 और 2004 में कैसरगंज लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे। इस वक्त श्रेया के पास सांगठनिक जिम्मेदारी है, वह समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं।
दूसरी तरफ पूर्व विधायक रमेश गौतम (अब तरबगंज) वर्ष 2007 में बसपा के टिकट पर विधायक बने थे। रमेश डिक्सिर (सुरक्षित) विधानसभा क्षेत्र से साल 2007 में बसपा से विधायक बने थे।
यह क्षेत्र केंद्रीय निर्वाचन आयोग के परिसीमन के बाद नवगठित तरबगंज विधानसभा सीट के रूप में तब्दील हो गया। इसके बाद 2012 में वह मनकापुर (सुरक्षित) सीट से बसपा प्रत्याशी के रूप में लड़े, लेकिन सफलता नहीं मिली। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर बसपा प्रत्याशी के रूप में उतरे लेकिन पूर्व मंत्री रमापति शास्त्री ने उन्हें हरा दिया।
बल्हा (सुरक्षित) विधानसभा सीट से लड़ चुके उपचुनाव
साल 2019 में अक्षैवरलाल गोंड के सांसद चुने जाने के बाद बहराइच की बल्हा (सुरक्षित) विधानसभा सीट से उपचुनाव में बतौर बसपा प्रत्याशी मैदान में उतरे थे, लेकिन उन्हें भाजपा प्रत्याशी सरोज सोनकर ने शिकस्त दी थी। वर्ष 2020 में बसपा सुप्रीमो ने उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। साल 2022 के चुनाव में रमापति शास्त्री लगातार जीत दर्ज करते हुए उन्हें हराया, लेकिन इस बार वह सपा उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे थे। पूर्व विधायक रमेश गौतम का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन पर भरोसा जताया है। बहराइच के लोग भी बदलाव चाहते हैं। पिछले पांच साल से बहराइच में सक्रियता है।
पिछड़े, युवा और महिलाओं को साधने की कोशिश
समाजवादी पार्टी की ओर से गोंडा लोकसभा क्षेत्र से श्रेया वर्मा को प्रत्याशी बनाया गया है। 15 फरवरी को वह वाहनों के लंबे काफिले के साथ गोंडा आई थीं। गांधीपार्क स्थित टाउनहाॅल में आयोजित समारोह में ही उनको गोंडा से प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा जोरों पर थी। श्रेया ने अपने पिता पूर्व कारागार मंत्री राकेश वर्मा, समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह सहित तमाम समर्थकों के साथ दर्जीकुआं, मनकापुर होते हुए गौराचौकी तक गई थीं। सपा ने गोंडा सीट से श्रेया को प्रत्याशी बनाकर पिछड़ा, युवा और महिला वर्ग को साधा है। श्रेया ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का आभार जताया। कहा कि गोंडा से उनका पुराना नाता है। यहां से उनके दादा कांग्रेस के टिकट पर सांसद चुने गए थे। जिन्हें केंद्रीय इस्पात मंत्री भी बनाया गया था। वह अपने बाबा के अधूरे सपनों को पूरा करेंगे। गोंडा के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगी।
गोंडा लोकसभा सीट में हैं पांच विधानसभा क्षेत्र
गोंडा लोकसभा सीट में पांच विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। जिसमें गोंडा सदर, मेहनौन, मनकापुर, गौरा व उतरौला (जिला बलरामपुर) हैं। माना जा रहा है कि कुर्मी, मुस्लिम और यादव मतदाताओं के साथ-साथ पिछड़े, महिलाओं और युवाओं को साधने के लिए सपा ने श्रेया वर्मा को मैदान में उतारा है। सपा जिलाध्यक्ष अरशद हुसैन ने बताया कि पार्टी नेतृत्व का फैसला सभी को मान्य है। सभी कार्यकर्ता सपा प्रत्याशी को जिताने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे।