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Gonda News: डीएपी नहीं मिलने से पिछड़ रही बोआई
Mon, 20 Nov 2023 12:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 20 Nov 2023 12:33 AM IST
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बेलसर (गोंडा)। साधन सहकारी समिति की दुकानों पर डीएपी की कमी से किसानों को दिक्कत हो रही है। आलू, चना, मटर, सरसों की बोआई पिछड़ रही है। विकास खंड बेलसर के साधन सहकारी समिति डिडिसिया कला से चार ग्राम पंचायतों गोपीपुर, खड़ोरा, सिंहपुर, डिडिसिया कला के हजारों किसानों को खाद, बीज समय से नहीं मिल पा रहा है।
किसान संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि चना, सरसों, आलू, मटर, बुवाई का समय चल रहा है, लेकिन साधन सहकारी समिति पर डीएपी नहीं है। किसान बलभद्र शुक्ल ने बताया कि समिति पर डीएपी न होने का फायदा निजी दुकानदार उठा रहे हैं। डीएपी साधन सहकारी समिति पर 1350 की बिक्री होती है, जबकि प्राइवेट दुकानदार 1550 रुपये में बेच रहे हैं। दुर्गा मिश्र ने बताया कि समिति पर डीएपी के बजाय एनपीके दिया जा रहा है। डीएपी का रेट 1350 जबकि एनपीके 1470 रुपये में दी जा रही है।
क्यों नहीं पहुंच रही है डीएपी
समिति के सचिव शिव कुमार ने बताया कि डीएपी की कमी नहीं है, लेकिन सरकार प्रति बोरी मजदूरी नौ रुपये की दर से भुगतान करती है, जबकि प्रति बोरी 20 रुपये देना पड़ता है। इसलिए डीएपी नहीं मंगाई जा रही है। एक बार मंगाकर वितरण कर दिया गया है। किसानों को अभी करीब एक हजार बोरी डीएपी की जरूरत है। दोपहर तक 23 किसानों को खाद व बीज का वितरण किया गया है।
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किसान संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि चना, सरसों, आलू, मटर, बुवाई का समय चल रहा है, लेकिन साधन सहकारी समिति पर डीएपी नहीं है। किसान बलभद्र शुक्ल ने बताया कि समिति पर डीएपी न होने का फायदा निजी दुकानदार उठा रहे हैं। डीएपी साधन सहकारी समिति पर 1350 की बिक्री होती है, जबकि प्राइवेट दुकानदार 1550 रुपये में बेच रहे हैं। दुर्गा मिश्र ने बताया कि समिति पर डीएपी के बजाय एनपीके दिया जा रहा है। डीएपी का रेट 1350 जबकि एनपीके 1470 रुपये में दी जा रही है।
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क्यों नहीं पहुंच रही है डीएपी
समिति के सचिव शिव कुमार ने बताया कि डीएपी की कमी नहीं है, लेकिन सरकार प्रति बोरी मजदूरी नौ रुपये की दर से भुगतान करती है, जबकि प्रति बोरी 20 रुपये देना पड़ता है। इसलिए डीएपी नहीं मंगाई जा रही है। एक बार मंगाकर वितरण कर दिया गया है। किसानों को अभी करीब एक हजार बोरी डीएपी की जरूरत है। दोपहर तक 23 किसानों को खाद व बीज का वितरण किया गया है।
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