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Gonda News: दोगुने हुए गले में खराश व टांसिलाइटिस के मरीज
Sat, 06 Dec 2025 11:26 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 06 Dec 2025 11:26 PM IST
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मेडिकल कॉलेज में इलाज करते नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएन राय। - संवाद
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गोंडा। सुबह शाम गलन और ठंड के कारण नाक, कान के साथ गले के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। पिछले सप्ताह तक जिला अस्पताल में इन बीमारियों के 20-25 रोगी पहुंचते थे, लेकिन अब रोजाना 40 से 50 रोगी पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल की नाक, कान व गला रोग विभाग की ओपीडी में शनिवार को 300 रोगियों का उपचार हुआ। अधिकतर रोगी पहले की तरह वायरल, फ्लू व त्वचा रोग के ही थे। इनके अलावा 40 मरीज नाक, कान व गला रोग के पहुंचे। जांच रिपोर्ट के आधार पर नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएन राय ने इन मरीजों को दवा व एहतियात बरतने की सलाह दी।
बताया कि हवा की खराब गुणवत्ता व बढ़ती ठंड से नाक, कान और गले के रोगी बढ़ रहे हैं। गले में खराश के साथ जख्म भी हो रहा है। खानपान और मौसम के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। कुछ लोगों के गले व कान में दर्द की भी तकलीफ बढ़ी है। गले व कान में दर्द की समस्या के मरीजों की संख्या भी अधिक रही। गले में घरघराहट, तेज खांसी, बुखार, गले के टांसिल वाले मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं।
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ऐसे करें बचाव
- बाहर निकलते समय मास्क पहनें या रुमाल से नाक-मुंह ढककर रखें।
- बच्चे, बुजुर्ग और श्वसन संबंधी रोगी सुबह और शाम बाहर जाने से बचें।
- गुनगुने नमक मिले पानी से गरारा और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें।
- पर्याप्त मात्रा में सामान्य तापमान का पानी पीएं ताकि गले में सूजन न हो।
- धूल मिट्टी से बचें, घर की सफाई नियमित करें।
- सांस लेने में दिक्कत या गले में दर्द हो तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।
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जिला अस्पताल की नाक, कान व गला रोग विभाग की ओपीडी में शनिवार को 300 रोगियों का उपचार हुआ। अधिकतर रोगी पहले की तरह वायरल, फ्लू व त्वचा रोग के ही थे। इनके अलावा 40 मरीज नाक, कान व गला रोग के पहुंचे। जांच रिपोर्ट के आधार पर नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएन राय ने इन मरीजों को दवा व एहतियात बरतने की सलाह दी।
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बताया कि हवा की खराब गुणवत्ता व बढ़ती ठंड से नाक, कान और गले के रोगी बढ़ रहे हैं। गले में खराश के साथ जख्म भी हो रहा है। खानपान और मौसम के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। कुछ लोगों के गले व कान में दर्द की भी तकलीफ बढ़ी है। गले व कान में दर्द की समस्या के मरीजों की संख्या भी अधिक रही। गले में घरघराहट, तेज खांसी, बुखार, गले के टांसिल वाले मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं।
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ऐसे करें बचाव
- बाहर निकलते समय मास्क पहनें या रुमाल से नाक-मुंह ढककर रखें।
- बच्चे, बुजुर्ग और श्वसन संबंधी रोगी सुबह और शाम बाहर जाने से बचें।
- गुनगुने नमक मिले पानी से गरारा और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें।
- पर्याप्त मात्रा में सामान्य तापमान का पानी पीएं ताकि गले में सूजन न हो।
- धूल मिट्टी से बचें, घर की सफाई नियमित करें।
- सांस लेने में दिक्कत या गले में दर्द हो तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।