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एल्गिन-चरसड़ी बांध में कटान तेज

Sun, 07 Aug 2016 11:07 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
अमर उजाला/गोंडा Updated Sun, 07 Aug 2016 11:07 PM IST
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sharp intersection in algin-charsadi dam
बांध में कटान शुरू - फोटो : अमर उजाला
जिस तरह रविवार को घाघरा ने एल्गिन-चरसड़ी बांध में कटान करना शुरू किया है, उससे तो रात भर में भारी तबाही के संकेत नजर आ रहे हैं। बांध को बचाने की जितनी कोशिश हो रही है, घाघरा भी उतनी ही तेजी से बांध को काटने पर तुली है। स्थिति यह है कि शाम को एल्गिन-चरसड़ी बांध के 15 मीटर में मात्र एक मीटर बांध ही बचा है, जो कभी भी कट सकता है। वहीं बांध कटान की सूचना पर लखनऊ से आए प्रमुख सचिव सिंचाई व डीएम ने बांध बचाव कार्य में लगे अभियंताओं को चेतावनी दी कि यदि बांध कटा तो वे इसका खामियाजा भुगतने को तैयार रहें।
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एल्गिन-चरसड़ी बांध को बचाने के लिए पिछले तीन माह में कराया गया करोड़ों रुपये का काम रविवार को नदी की धारा में बह गया। मुख्य बांध से करीब एक हजार मीटर कटवन व करीब छह सौ मीटर स्पर वन पूरी तरह नदी के बहाव में समा गया। वहीं घाघरा ने शनिवार की रात्रि से सीधे एल्गिन-चरसड़ी बांध में कटान शुरू कर दी। सुबह तक बांध का अधिकांश हिस्सा नदी में समाहित हो चुका था। रविवार को पूरे दिन बचाव कार्य के साथ कटान होती रही।
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देर शाम तक बांध का अधिकांश हिस्सा नदी में कटकर गिरता रहा। जहां पर बांध कट रहा था, वहां बचाव कार्य शुरू होते ही नदी ने बांध को दूसरी जगह काटना शुरू कर दिया। रिंग बाध को मजबूत करने का काम शुरू हुआ तो रिंग बांध के बाहरी बांध में कटान शुरू हो गई। देर शाम तक बांध में कटान जारी रही तथा करीब एक मीटर का हिस्सा बचा था। कटान को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल को बांध पर तैनात करना पड़ा।
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देर शाम को प्रशासन ने मान लिया कि बांध कटना है, मगर जितना बचाव किया जाएगा तो पानी कम होने पर करनैलगंज तहसील क्षेत्र का कम एरिया बाढ़ से प्रभावित होगा। दूसरी ओर धौरहरा-सकरौर बांध की स्थिति भी लगातार हो रही कटान से प्रभावित हो रही है।

उधर, क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह पूरे दिन अधिकारियों पर दबाव बनाकर बचाव कार्य में जुटे रहे। वह बांध की स्थिति से मुख्यमंत्री व सिंचाई मंत्री को पल-पल की जानकारी देते रहे। वहीं, बांध कटने के बाद उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने देर शाम को एनडीआरएफ  की टीम बुला ली। बांध में कटान होते ही पास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई है। डर से काशीपुर गांव के लोगों ने गांव से पलायन शुरू कर दिया है। यदि कटान हो गई तो करनैलगंज व परसपुर के सैकड़ों मजरों पर संकट उत्पन्न हो सकता है। 


रविवार को एल्गिन-चरसड़ी बांध पर प्रमुख सचिव सिंचाई सुरेश चंद्रा, सचिव सिंचाई, पूर्व राज्यमंत्री व विधायक योगेश प्रताप सिंह, डीएम आशुतोष निंरजन, डीएम बाराबंकी, एसपी गोंडा सुधीर कुमार सिंह, एडीएम त्रिलोकी सिंह, एएसपी आरके सिंह, एसडीएम मनकापुर वीके सिंह, एसडीएम करनैलगंज अनिल कुमार मिश्रा, सीओ सबीहुल हम्द सहित सिंचाई विभाग के चीफ  इंजीनियर, एसी, एक्सईएन, एई व पांच थानों के प्रभारी सहित भारी संख्या में अधिकारी मौजूद रहे। 
 
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