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Gonda News: कोतवाल समेत सात पुलिसकर्मी बने डकैती के मुल्जिम
Sun, 04 Jun 2023 11:39 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 04 Jun 2023 11:39 PM IST
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गोंडा। कोतवाली के ग्राम कैथौली निवासी जयप्रकाश ने राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को प्रार्थनापत्र दिया था। आयोग के हस्तक्षेप पर कटरा बाजार पुलिस ने बीते 26 मई को ही कोतवाली करनैलगंज के सात पुलिसकर्मियों के विरुद्ध मारपीट व डकैती का मुकदमा दर्ज किया। मगर जांच के बाद पुलिस ने मामले को स्पंज भी कर दिया। पूरा मामला गोपनीय रखा गया, जो अब उजागर हुआ है।
मुकदमे में कोतवाल सुधीर कुमार सिंह, उपनिरीक्षक अंकित सिंह, अमर सिंह, वेदप्रकाश शुक्ल, भंभुआ चौकी प्रभारी उमेश सिंह, दीवान शिवप्रकाश पाठक व सिपाही संदीप सिंह को नामजद किया गया था। पीड़ित जयप्रकाश के अनुसार वह हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में वकालत करते हैं। वर्ष 2016 में उनके पिता अपने नाम दर्ज गाटा संख्या 359 की भूमि में मकान का निर्माण करा रहे थे। दीवार बन चुकी थी। मात्र छत डालना बाकी था। इसी बीच उसके पड़ोसी भूमि के छोटे से हिस्से को विवादित बताने लगे। दूसरे पड़ोसी ने सिविल कोर्ट में वाद प्रस्तुत करके स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया, जिससे निर्माण कार्य बंद हो गया। प्रभावी पैरवी के अभाव में स्थगन आदेश खारिज हो गया। जयप्रकाश ने एसडीएम को प्रार्थनापत्र दिया। जिस पर उन्होंने विवादित हिस्सा छोड़कर शेष भूमि पर निर्माण कराने का आदेश कोतवाल को दिया। जयप्रकाश छत डलवाने के लिए शटरिंग लगवाने लगे। फिर भी भंभुआ चौकी प्रभारी ने निर्माण कार्य बंद करा दिया। आरोप है कि वह मामला कोतवाल के संज्ञान में होने की बात कहते हुए 50,000 रुपये की मांग करने लगे। मांग पूरे न होने पर हाथ-पैर तोड़ने की धमकी देने लगे। 28 अक्तूबर 2022 को जयप्रकाश दोबारा शटरिंग लगवाने लगे।
एक नवंबर 2022 की शाम 7:30 कोतवाल सुधीर कुमार सिंह, उपनिरीक्षक अंकित सिंह, अमर सिंह, वेदप्रकाश शुक्ल, भंभुआ चौकी प्रभारी उमेश सिंह, दीवान शिव प्रकाश पाठक व सिपाही संदीप सिंह पहुंचे और जयप्रकाश के छप्पर के घर में घुसकर 1,70,000 रुपये नकदी, नौ अदद सोने-चांदी के जेवर, 20 लीटर पिपरमिंट आयल, बिस्कुट, नमकीन व मिठाई आदि लूटकर पूरे परिवार को मारने लगे। इसमें जयप्रकाश के भाई सूरज का पैर व माता-पिता का हाथ टूट गया। इसी बीच अधिवक्ता जयप्रकाश लखनऊ से आ गए तो पुलिस ने उनसे भी मारपीट की और पकड़ ले गई। फिर मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया।
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इंस्पेक्टर कटरा बाजार मनोज कुमार राय ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कोतवाल सुधीर कुमार के मुताबिक ग्राम कैथौली का प्रकरण है। जयप्रकाश के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसे लेकर जयप्रकाश मानवाधिकार आयोग गए थे, उसी में पुलिस टीम पर मुकदमा दर्ज हुआ है।
आठ माह पूर्व करनैलगंज क्षेत्र में हुई घटना को लेकर मानवाधिकार आयोग की निर्देश पर जो मामला कोतवाल सुधीर कुमार सिंह समेत सात के विरुद्ध केस दर्ज हुआ, उसी मामले में दो मुकदमे पहले से दर्ज हैं। करनैलगंज क्षेत्र के ग्राम कैथौली में बीते एक नवंबर को जमीन विवाद में छत डालने को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट व आगजनी की घटना हुई थी। जिसमें करनैलगंज कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एक सपा नेता सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। मौके पर मिली एक स्कार्पियो गाड़ी पर विधायक लिखा था और ऊपर सपा का झंडा लगा पाया गया था। मारपीट में बीच बचाव करने में एक दरोगा व दो सिपाही भी घायल हुए थे। जिसका मुकदमा भंभुआ चौकी प्रभारी उमेश सिंह ने दर्ज कराया था।
दूसरी तरफ एक पक्ष के दृगपाल की तहरीर पर सपा नेता प्रदीप कुमार यादव निवासी कैसरगंज नौ लोगों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। उसी मामले में मानव मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर दूसरे पक्ष के जयप्रकाश निवासी ग्राम कैथौली के प्रार्थनापत्र पर कोतवाल समेत सात लोगों पर कटरा बाजार थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। विवेचना प्रभारी निरीक्षक कटरा बाजार मनोज कुमार राय ने की। पुलिस की जांच में आरोपी पुलिसकर्मियों पर आरोप निराधार पाए गए। जिस पर मुकदमे को स्पंज कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर कटरा बाजार थाने में मुकदमा कायम कराया गया था। जांच में आरोपों की पुष्टि न होने पर मामले को स्पंज किया गया है। रिपोर्ट आयोग को भेजी जा रही है।
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मुकदमे में कोतवाल सुधीर कुमार सिंह, उपनिरीक्षक अंकित सिंह, अमर सिंह, वेदप्रकाश शुक्ल, भंभुआ चौकी प्रभारी उमेश सिंह, दीवान शिवप्रकाश पाठक व सिपाही संदीप सिंह को नामजद किया गया था। पीड़ित जयप्रकाश के अनुसार वह हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में वकालत करते हैं। वर्ष 2016 में उनके पिता अपने नाम दर्ज गाटा संख्या 359 की भूमि में मकान का निर्माण करा रहे थे। दीवार बन चुकी थी। मात्र छत डालना बाकी था। इसी बीच उसके पड़ोसी भूमि के छोटे से हिस्से को विवादित बताने लगे। दूसरे पड़ोसी ने सिविल कोर्ट में वाद प्रस्तुत करके स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया, जिससे निर्माण कार्य बंद हो गया। प्रभावी पैरवी के अभाव में स्थगन आदेश खारिज हो गया। जयप्रकाश ने एसडीएम को प्रार्थनापत्र दिया। जिस पर उन्होंने विवादित हिस्सा छोड़कर शेष भूमि पर निर्माण कराने का आदेश कोतवाल को दिया। जयप्रकाश छत डलवाने के लिए शटरिंग लगवाने लगे। फिर भी भंभुआ चौकी प्रभारी ने निर्माण कार्य बंद करा दिया। आरोप है कि वह मामला कोतवाल के संज्ञान में होने की बात कहते हुए 50,000 रुपये की मांग करने लगे। मांग पूरे न होने पर हाथ-पैर तोड़ने की धमकी देने लगे। 28 अक्तूबर 2022 को जयप्रकाश दोबारा शटरिंग लगवाने लगे।
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एक नवंबर 2022 की शाम 7:30 कोतवाल सुधीर कुमार सिंह, उपनिरीक्षक अंकित सिंह, अमर सिंह, वेदप्रकाश शुक्ल, भंभुआ चौकी प्रभारी उमेश सिंह, दीवान शिव प्रकाश पाठक व सिपाही संदीप सिंह पहुंचे और जयप्रकाश के छप्पर के घर में घुसकर 1,70,000 रुपये नकदी, नौ अदद सोने-चांदी के जेवर, 20 लीटर पिपरमिंट आयल, बिस्कुट, नमकीन व मिठाई आदि लूटकर पूरे परिवार को मारने लगे। इसमें जयप्रकाश के भाई सूरज का पैर व माता-पिता का हाथ टूट गया। इसी बीच अधिवक्ता जयप्रकाश लखनऊ से आ गए तो पुलिस ने उनसे भी मारपीट की और पकड़ ले गई। फिर मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया।
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इंस्पेक्टर कटरा बाजार मनोज कुमार राय ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कोतवाल सुधीर कुमार के मुताबिक ग्राम कैथौली का प्रकरण है। जयप्रकाश के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसे लेकर जयप्रकाश मानवाधिकार आयोग गए थे, उसी में पुलिस टीम पर मुकदमा दर्ज हुआ है।
आठ माह पूर्व करनैलगंज क्षेत्र में हुई घटना को लेकर मानवाधिकार आयोग की निर्देश पर जो मामला कोतवाल सुधीर कुमार सिंह समेत सात के विरुद्ध केस दर्ज हुआ, उसी मामले में दो मुकदमे पहले से दर्ज हैं। करनैलगंज क्षेत्र के ग्राम कैथौली में बीते एक नवंबर को जमीन विवाद में छत डालने को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट व आगजनी की घटना हुई थी। जिसमें करनैलगंज कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एक सपा नेता सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। मौके पर मिली एक स्कार्पियो गाड़ी पर विधायक लिखा था और ऊपर सपा का झंडा लगा पाया गया था। मारपीट में बीच बचाव करने में एक दरोगा व दो सिपाही भी घायल हुए थे। जिसका मुकदमा भंभुआ चौकी प्रभारी उमेश सिंह ने दर्ज कराया था।
दूसरी तरफ एक पक्ष के दृगपाल की तहरीर पर सपा नेता प्रदीप कुमार यादव निवासी कैसरगंज नौ लोगों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। उसी मामले में मानव मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर दूसरे पक्ष के जयप्रकाश निवासी ग्राम कैथौली के प्रार्थनापत्र पर कोतवाल समेत सात लोगों पर कटरा बाजार थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। विवेचना प्रभारी निरीक्षक कटरा बाजार मनोज कुमार राय ने की। पुलिस की जांच में आरोपी पुलिसकर्मियों पर आरोप निराधार पाए गए। जिस पर मुकदमे को स्पंज कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर कटरा बाजार थाने में मुकदमा कायम कराया गया था। जांच में आरोपों की पुष्टि न होने पर मामले को स्पंज किया गया है। रिपोर्ट आयोग को भेजी जा रही है।