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बिना फिटनेस के सड़क पर न दिखें स्कूली वाहन : मंडलायुक्त
Thu, 13 Nov 2025 11:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 13 Nov 2025 11:19 PM IST
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गोंडा। मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में बृहस्पतिवार को आयुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने अफसरों से सीधा संवाद किया। बनघुसरा में स्कूल वैन में आग लगने की घटना का संज्ञान लेते हुए कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सबसे ऊपर है। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी स्कूली वाहन बिना फिटनेस के सड़क पर न दिखे। इसके लिए नियमित तौर जांच की जाए। विद्यालय परिवहन सुरक्षा समितियों की नियमित बैठक करके चालकों के चरित्र प्रमाणपत्र की जांच भी कराई जाए।
आयुक्त ने कहा कि गोंडा के 20, बहराइच के 36, बलरामपुर के एक व श्रावस्ती के तीन ब्लैक स्पॉट पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। जिन स्थानों पर तीन या अधिक मृत्यु वाली सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, उन्हें ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। सड़क संकेतक, पर्याप्त रोशनी, गति सीमा के बोर्ड का निरीक्षण कर तत्काल सुधार कराया जाए।
बैठक में बताया गया कि जनवरी 2024 से सितंबर 2024 की तुलना में जनवरी 2025 से सितंबर 2025 के बीच सड़क दुर्घटनाओं में 16.24 प्रतिशत की वृद्धि, मृतकों में 13.79 प्रतिशत की वृद्धि और घायलों में 26.17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो गंभीर चिंता का विषय है। आयुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसलिए परिवहन, पुलिस, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, नगर निकाय और शिक्षा विभाग अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें। बैठक में आरटीओ प्रवर्तन राजेंद्र कुमार सरोज, एएसपी मनोज रावत, सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा, लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर अखिलेश दिवाकर, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राम चंद्र आदि मौजूद रहे।
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यह भी दिए निर्देश
- कोहरे के समय दृश्यता कम होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए सभी भारी वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगवाना अनिवार्य किया जाए।
- सड़क किनारे ट्रैक्टर-ट्रॉली या ट्रक खड़ा करने पर सख्ती से रोक लगाएं और उल्लंघन पर कार्रवाई की जाए।
- ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग और नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही ‘राह वीर योजना’ का प्रचार-प्रसार बढ़ाया जाए ताकि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर सहायता मिल सके।
- सड़क किनारे उगी झाड़ियों को हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग एवं नगर निकाय नियमित अभियान चलाएं। ताकि दृश्यता बनी रहे और दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।
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आयुक्त ने कहा कि गोंडा के 20, बहराइच के 36, बलरामपुर के एक व श्रावस्ती के तीन ब्लैक स्पॉट पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। जिन स्थानों पर तीन या अधिक मृत्यु वाली सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, उन्हें ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। सड़क संकेतक, पर्याप्त रोशनी, गति सीमा के बोर्ड का निरीक्षण कर तत्काल सुधार कराया जाए।
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बैठक में बताया गया कि जनवरी 2024 से सितंबर 2024 की तुलना में जनवरी 2025 से सितंबर 2025 के बीच सड़क दुर्घटनाओं में 16.24 प्रतिशत की वृद्धि, मृतकों में 13.79 प्रतिशत की वृद्धि और घायलों में 26.17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो गंभीर चिंता का विषय है। आयुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसलिए परिवहन, पुलिस, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, नगर निकाय और शिक्षा विभाग अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें। बैठक में आरटीओ प्रवर्तन राजेंद्र कुमार सरोज, एएसपी मनोज रावत, सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा, लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर अखिलेश दिवाकर, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राम चंद्र आदि मौजूद रहे।
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यह भी दिए निर्देश
- कोहरे के समय दृश्यता कम होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए सभी भारी वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगवाना अनिवार्य किया जाए।
- सड़क किनारे ट्रैक्टर-ट्रॉली या ट्रक खड़ा करने पर सख्ती से रोक लगाएं और उल्लंघन पर कार्रवाई की जाए।
- ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग और नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही ‘राह वीर योजना’ का प्रचार-प्रसार बढ़ाया जाए ताकि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर सहायता मिल सके।
- सड़क किनारे उगी झाड़ियों को हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग एवं नगर निकाय नियमित अभियान चलाएं। ताकि दृश्यता बनी रहे और दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।