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माह के अंतिम शनिवार को स्कूल में रहेगी नारी शक्ति की गूंज
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गोंडा। सरकारी जूनियर हाईस्कूलों में माह के आखिरी शनिवार को नारी शक्ति की गूंज रहेगी। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के लिए विशेष अभियान शुरू हो रहा है। यह कार्यक्रम विद्यालय अवधि के बाद होगा। इसमें ऐसी बालिकाओं को चिह्नित किया जाएगा, जो अक्सर अनुपस्थित रहती हैं। उनकी सूची बनाकर अभिभावकों से संपर्क किया जाएगा। सभी बालिकाओं को प्रतिदिन विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसमें वे अभिभावक सम्मानित किए जाएंगेे, जिनकी बेटियां नियमित रूप से विद्यालय आती हैं।
जिले के 901 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शनिवार को जीवन कौशल शिक्षा/ सेल्फ एस्टीम से प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को बाल-अधिकारों, सुरक्षा एवं संरक्षा के संबंध में यथा-घरेलू हिंसा, बच्चों के साथ होने वाली हिंसा, यौन हिंसा, छेड़छाड़, सेफ टच-अनसेफ टच, हेल्प लाइन नंबर आदि की जानकारी दी जाएगी।
अभिभावकों की बैठकों में बालिका शिक्षा के महत्व पर बच्चों से चित्रकला, वाद-विवाद, चर्चा-परिचर्चा आयोजित कराई जाएगी। बाल-अखबार का निर्माण होगा, जिसकी प्रदर्शनी लगाकर अभिभावकों को दिखाया जाएगा। जिससे वह जान सकेंगे कि उनकी बेटियों को कितनी जानकारी है। बालिकाओं को घर में अधिक से अधिक पढ़ने के अवसर देने के लिए जागरूक तथा प्रोत्साहित किया जाना है।
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सक्रिय की जाएगी बाल संसद और मीना मंच
प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में बाल संसद एवं प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय व कस्तूरबा स्कूलों में मीना मंच को सक्रिय किए जाएंगे। सप्ताह के अंतिम दिन बाल सभा का आयोजन होगा। बाल संसद एवं बाल सभा की गतिविधियों में बालक-बालिका को समान रूप से जिम्मेदारी दी जाएगी। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्यापिकाएं नियमित रूप से बालिकाओं के साथ माहवारी स्वच्छता प्रबन्धन के विषय पर चर्चा करेंगी और उन्हें जागरूक भी करेंगी।
कानूनी जानकारी देने के साथ हेल्पलाइन नंबर दिए जाएंगे
बच्चों को कानूनी प्राविधानों की जानकारी दी जाएगी। उन्हें शिक्षा का अधिकार, पॉक्सो, बाल-विवाह, दहेज-प्रथा, घरेलू हिंसा आदि के बारे में सुगमकर्ता/ शिक्षक-शिक्षिका द्वारा जागरूक किया जाएगा। समस्त सभाओं तथा बैठकों में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, महिला हेल्पलाइन नंबर 1090, किसी भी प्रकार का उत्पीड़न होने की दशा में पुलिस से संपर्क के लिए हेल्पलाइन नंबर 112 तथा घर पर किसी भी प्रकार की पुलिस सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 181 आदि नंबरों की जानकारी दी जानी है। शिक्षक-अभिभावक संघ की बैठकों में विधिक साक्षरता, पॉक्सो एवं बाल विवाह आदि के-मुद्दों पर चर्चा कर जागरूक किया जाएगा।
जागरूकता के निर्देश मिले
स्कूलों में गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता करने के निर्देश मिले हैं। जिसके तहत खंड शिक्षा अधिकारियों को आयोजन कराने का निर्देश दिया गया है। उनसे हर महीने रिपोर्ट भी मांगी गई है। अखिलेश प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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जिले के 901 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शनिवार को जीवन कौशल शिक्षा/ सेल्फ एस्टीम से प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को बाल-अधिकारों, सुरक्षा एवं संरक्षा के संबंध में यथा-घरेलू हिंसा, बच्चों के साथ होने वाली हिंसा, यौन हिंसा, छेड़छाड़, सेफ टच-अनसेफ टच, हेल्प लाइन नंबर आदि की जानकारी दी जाएगी।
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अभिभावकों की बैठकों में बालिका शिक्षा के महत्व पर बच्चों से चित्रकला, वाद-विवाद, चर्चा-परिचर्चा आयोजित कराई जाएगी। बाल-अखबार का निर्माण होगा, जिसकी प्रदर्शनी लगाकर अभिभावकों को दिखाया जाएगा। जिससे वह जान सकेंगे कि उनकी बेटियों को कितनी जानकारी है। बालिकाओं को घर में अधिक से अधिक पढ़ने के अवसर देने के लिए जागरूक तथा प्रोत्साहित किया जाना है।
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सक्रिय की जाएगी बाल संसद और मीना मंच
प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में बाल संसद एवं प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय व कस्तूरबा स्कूलों में मीना मंच को सक्रिय किए जाएंगे। सप्ताह के अंतिम दिन बाल सभा का आयोजन होगा। बाल संसद एवं बाल सभा की गतिविधियों में बालक-बालिका को समान रूप से जिम्मेदारी दी जाएगी। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्यापिकाएं नियमित रूप से बालिकाओं के साथ माहवारी स्वच्छता प्रबन्धन के विषय पर चर्चा करेंगी और उन्हें जागरूक भी करेंगी।
कानूनी जानकारी देने के साथ हेल्पलाइन नंबर दिए जाएंगे
बच्चों को कानूनी प्राविधानों की जानकारी दी जाएगी। उन्हें शिक्षा का अधिकार, पॉक्सो, बाल-विवाह, दहेज-प्रथा, घरेलू हिंसा आदि के बारे में सुगमकर्ता/ शिक्षक-शिक्षिका द्वारा जागरूक किया जाएगा। समस्त सभाओं तथा बैठकों में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, महिला हेल्पलाइन नंबर 1090, किसी भी प्रकार का उत्पीड़न होने की दशा में पुलिस से संपर्क के लिए हेल्पलाइन नंबर 112 तथा घर पर किसी भी प्रकार की पुलिस सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 181 आदि नंबरों की जानकारी दी जानी है। शिक्षक-अभिभावक संघ की बैठकों में विधिक साक्षरता, पॉक्सो एवं बाल विवाह आदि के-मुद्दों पर चर्चा कर जागरूक किया जाएगा।
जागरूकता के निर्देश मिले
स्कूलों में गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता करने के निर्देश मिले हैं। जिसके तहत खंड शिक्षा अधिकारियों को आयोजन कराने का निर्देश दिया गया है। उनसे हर महीने रिपोर्ट भी मांगी गई है। अखिलेश प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी