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Gonda News: 35.31 लाख से खिलेंगे स्कूल पोषण उद्यान
Wed, 29 Oct 2025 11:12 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 29 Oct 2025 11:12 PM IST
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गोंडा। जिले के 1650 परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के लिए स्कूल न्यूट्रीशन गार्डन (स्कूल पोषण उद्यान) बनेंगे। इसके लिए शासन ने 35.31 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। स्कूल न्यूट्रीशन गार्डन में उगाई गई ताजी सब्जियों का उपयोग पीएम पोषण योजना (मिड-डे-मील) में किया जाएगा।
जिले में 1650 स्कूलों में किचन गार्डन की व्यवस्था नहीं है। जबकि 77 ऐसे विद्यालय हैं, जहां स्कूल न्यूट्रीशन गार्डन (स्कूल पोषण उद्यान) बनाने के लिए पर्याप्त जगह है। इन विद्यालयों में पोषण उद्यान को विकसित करने के लिए 5000 रुपये प्रति विद्यालय आवंटित किए गए हैं।
1573 ऐसे विद्यालय हैं, जहां पोषण उद्यान तैयार करने के लिए पर्याप्त व अनुकूल स्थान नहीं हैं। इन स्कूलों के लिए 2000 रुपये प्रति विद्यालय दिए जाएंगे। यहां गमलों, मटकों, जूट के थैलों, बोरे या पाॅलीबैग में छोटी सब्जियां उगाई जाएं। जिन स्कूलों में खुला स्थान उपलब्ध है, वहां दीवारों के सहारे लौकी, तरोई जैसी बेल वाली सब्जियां तथा छत या बरामदे में टमाटर, मिर्च, धनिया, भिंडी, बैंगन आदि के पौधे लगाए जा सकते हैं।
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इन सब्जियों का उपयोग मिड-डे मील में किया जाएगा, जिससे बच्चों को ताजा और अतिरिक्त पोषण मिल सके। न्यूट्रीशन गार्डन की देखरेख के लिए अन्य विभागों का सहयोग भी लिया जाएगा। जिले में 962 स्कूलों में किचन गार्डन के लिए पहले से ही स्कूल पोषण उद्यान बना हुआ है।
बच्चों को मिलेगी रसायनमुक्त हरी सब्जियां:
स्कूलों में स्कूल न्यूट्रीशन गार्डन (एसएनजी) बनाने के लिए बजट आवंटित किया गया है। इससे छात्रों को बिना रसायन वाली ताजी हरी सब्जियां मिड-डे-मील में मिल सकेंगी। 1650 स्कूलों में एसएनजी बनाने कार्ययोजना तैयार की गई है। 962 स्कूलों में पहले से किचन गार्डन की व्यवस्था है।
अतुल कुमार तिवारी, बीएसए
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जिले में 1650 स्कूलों में किचन गार्डन की व्यवस्था नहीं है। जबकि 77 ऐसे विद्यालय हैं, जहां स्कूल न्यूट्रीशन गार्डन (स्कूल पोषण उद्यान) बनाने के लिए पर्याप्त जगह है। इन विद्यालयों में पोषण उद्यान को विकसित करने के लिए 5000 रुपये प्रति विद्यालय आवंटित किए गए हैं।
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1573 ऐसे विद्यालय हैं, जहां पोषण उद्यान तैयार करने के लिए पर्याप्त व अनुकूल स्थान नहीं हैं। इन स्कूलों के लिए 2000 रुपये प्रति विद्यालय दिए जाएंगे। यहां गमलों, मटकों, जूट के थैलों, बोरे या पाॅलीबैग में छोटी सब्जियां उगाई जाएं। जिन स्कूलों में खुला स्थान उपलब्ध है, वहां दीवारों के सहारे लौकी, तरोई जैसी बेल वाली सब्जियां तथा छत या बरामदे में टमाटर, मिर्च, धनिया, भिंडी, बैंगन आदि के पौधे लगाए जा सकते हैं।
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इन सब्जियों का उपयोग मिड-डे मील में किया जाएगा, जिससे बच्चों को ताजा और अतिरिक्त पोषण मिल सके। न्यूट्रीशन गार्डन की देखरेख के लिए अन्य विभागों का सहयोग भी लिया जाएगा। जिले में 962 स्कूलों में किचन गार्डन के लिए पहले से ही स्कूल पोषण उद्यान बना हुआ है।
बच्चों को मिलेगी रसायनमुक्त हरी सब्जियां:
स्कूलों में स्कूल न्यूट्रीशन गार्डन (एसएनजी) बनाने के लिए बजट आवंटित किया गया है। इससे छात्रों को बिना रसायन वाली ताजी हरी सब्जियां मिड-डे-मील में मिल सकेंगी। 1650 स्कूलों में एसएनजी बनाने कार्ययोजना तैयार की गई है। 962 स्कूलों में पहले से किचन गार्डन की व्यवस्था है।
अतुल कुमार तिवारी, बीएसए