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Gonda News: विद्यांजलि से विद्यालयों का होगा विकास
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गोंडा स्थित कंपोजिट विद्यालय छावनी सरकार। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। परिषदीय स्कूलों को संवारने व हाईटेक बनाने में आड़े आ रही बजट की कमी अब कायाकल्प विद्यांजलि प्रोजेक्ट से दूर होगी। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से तैयार कायाकल्प विद्यांजलि पोर्टल के माध्यम से देश विदेश के अन्य लोग भी अब अभियान से जुड़कर स्कूलों की बेहतरी के लिए धनराशि दान कर सकेंगे। परिषदीय स्कलों की तस्वीर बदलने के लिए वर्तमान में चल रहे ऑपरेशन कायाकल्प में सिर्फ पंचायतों के माध्यम से उपलब्ध बजट से ही कार्य हो पाता है। ऐसे में भवन के निर्माण के इतर पंखा, वाटर कूलर, बेंच आदि का प्रबंध संभव नहीं हो पाता है।
इस परेशानी से छुटकारा पाने के लिए अब कायाकल्प विद्यांजलि पोर्टल को शुरू किया जाएगा। इससे जिले में परिषदीय स्तर पर संचालित 2611 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों को अब देश विदेश में रहने वाले अन्य लोगों से भी शिक्षण संसाधनों को बेहतर बनाने में आर्थिक मदद मिल सकेगी। प्रभारी बीएसए राम खेलावन सिंह ने बताया कि इसके लिए जिले में सोसाइटी को पंजीकृत कराने के साथ ही इसका खाता भी राष्ट्रीय कृत बैंक में खोला जाएगा, जिसे पोर्टल से लिंक किया जाएगा। फिर पोर्टल के माध्यम से देश या विदेश से सीधे वित्तीय मदद इस खाते में भेजी जा सकेगी।
सीडीओ व बीएसए के हस्ताक्षर से चलेगा खाता
योजना में सभी प्रकार की दान संबंधी धनराशि पोर्टल के माध्यम से ही जमा की जाएगी। खाते का संचालन मुख्य विकास अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाएगा। इस खाते से खर्च की जाने वाली राशि का उपभोग जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी सुनिश्चित करेगी। अभी तक धनराशि प्राप्त करने के लिए ऐसी कोई भी व्यवस्था नहीं थी।
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सामाजिक लोग कर सकेंगे स्कूलों की सहायता
इससे स्कूलों को सामाजिक लोगों की मदद से बेहतर बनाने की पहल होगी। जिले के बाहर रह रहे लोगों से संपर्क साध कर प्रधानाध्यापक मदद ले सकेंगे। स्कूलों में बच्चों की सुविधा बढ़ाने के लिए कोई भी इस पोर्टल के माध्यम से स्कूल को गोद लेकर, विद्यालय विकास कोष में दान देकर, अध्ययन सामग्री देकर या पथ प्रदर्शक बनकर भी सहयोग दिया जा सकेगा। पंजीकृत एनजीओ, विद्यालय के पुरातन छात्र या परिजन, कोई व्यक्ति विशेष या व्यवसायी आदि सहयोग प्रदान कर सकेंगे।
एक नजर में
स्कूलों की संख्या- 2611
पढ़ने वाले बच्चों की संख्या- 4.21 लाख
आपरेशन कायाकल्प के स्कूल- 1700
बिना बेंच वाले स्कूल - 1200
तय किए स्मार्ट स्कूल - 220
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इस परेशानी से छुटकारा पाने के लिए अब कायाकल्प विद्यांजलि पोर्टल को शुरू किया जाएगा। इससे जिले में परिषदीय स्तर पर संचालित 2611 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों को अब देश विदेश में रहने वाले अन्य लोगों से भी शिक्षण संसाधनों को बेहतर बनाने में आर्थिक मदद मिल सकेगी। प्रभारी बीएसए राम खेलावन सिंह ने बताया कि इसके लिए जिले में सोसाइटी को पंजीकृत कराने के साथ ही इसका खाता भी राष्ट्रीय कृत बैंक में खोला जाएगा, जिसे पोर्टल से लिंक किया जाएगा। फिर पोर्टल के माध्यम से देश या विदेश से सीधे वित्तीय मदद इस खाते में भेजी जा सकेगी।
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सीडीओ व बीएसए के हस्ताक्षर से चलेगा खाता
योजना में सभी प्रकार की दान संबंधी धनराशि पोर्टल के माध्यम से ही जमा की जाएगी। खाते का संचालन मुख्य विकास अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाएगा। इस खाते से खर्च की जाने वाली राशि का उपभोग जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी सुनिश्चित करेगी। अभी तक धनराशि प्राप्त करने के लिए ऐसी कोई भी व्यवस्था नहीं थी।
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सामाजिक लोग कर सकेंगे स्कूलों की सहायता
इससे स्कूलों को सामाजिक लोगों की मदद से बेहतर बनाने की पहल होगी। जिले के बाहर रह रहे लोगों से संपर्क साध कर प्रधानाध्यापक मदद ले सकेंगे। स्कूलों में बच्चों की सुविधा बढ़ाने के लिए कोई भी इस पोर्टल के माध्यम से स्कूल को गोद लेकर, विद्यालय विकास कोष में दान देकर, अध्ययन सामग्री देकर या पथ प्रदर्शक बनकर भी सहयोग दिया जा सकेगा। पंजीकृत एनजीओ, विद्यालय के पुरातन छात्र या परिजन, कोई व्यक्ति विशेष या व्यवसायी आदि सहयोग प्रदान कर सकेंगे।
एक नजर में
स्कूलों की संख्या- 2611
पढ़ने वाले बच्चों की संख्या- 4.21 लाख
आपरेशन कायाकल्प के स्कूल- 1700
बिना बेंच वाले स्कूल - 1200
तय किए स्मार्ट स्कूल - 220