{"_id":"5f4d17858ebc3e3d2038ffa8","slug":"scam-in-toilet-budget-of-22-crores-gonda-news-lko5377681138","type":"story","status":"publish","title_hn":"चाइल्ड फ्रेंडली शौचालय के 22.46 करोड़ के बजट में गोलमाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चाइल्ड फ्रेंडली शौचालय के 22.46 करोड़ के बजट में गोलमाल
विज्ञापन
गोंडा में प्राथमिक विद्यालय मुजेहना में अधूरा पड़ा शौचालय, बिखरी ईंट।
- फोटो : GONDA
गोंडा। बेसिक शिक्षा के परिषदीय स्कूलों में बन रहे चाइल्ड फ्रेंडली शौचालयों में गोलमाल का मामला सामने आया है। 1123 शौचालयों के 22 करोड़ 46 लाख रुपये के बजट में खेल हो रहा है। इन शौचालयों का निर्माण अभी अधूरा है और भुगतान में तेजी हो रही है। एक चाइल्ड फ्रेंडली शौचालय के हकीकत की पड़ताल की गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। स्कूल परिसर में नींव तैयार कर कुछ ईंट रख दिए गए हैं और बजट भी एक फर्म को जारी कर दिया गया है। ऐसे ही 100 से अधिक शौचालयों का हाल है और 1123 का निर्माण ही आधा अधूरा छोड़ रखा गया है। आशंका जताई जा रही है कि पंचायतों में चाइल्ड फ्रेंडली शौचालयों में बड़े पैमाने पर खेल हो रहा है।
परिषदीय स्कूलों में बनने वाले चाइल्ड फ्रेंडली शौचालय में गोलमाल हो रहा है। जिले में 1123 शौचालय ऐसे हैं जिनके निर्माण सवालों के घेरे में हैं। परिषदीय स्कूलों में कुल 2234 शौचालय बनने हैं। इसके लिए करीब 22 करोड़ 46 लाख रुपये का बजट मिला है। पंचायतें बजट को दबाए बैठी हैं कई पंचायतों ने तो बिना काम कराए ही बजट खर्च दिखा दिया है। विभाग अब पूरे मामले की जांच कराने की तैयारी कर रहा है। मुजेहना ब्लाक के पूरे सिधारी गांव में बन रहे चाइल्ड़ फ्रेंडली शौचालय की पड़ताल में गोलमाल का मामला सामने आया है। स्कूल परिसर में सिर्फ नींव ही तैयार करके करीब एक लाख छह हजार रुपये का बजट एक फर्म को मैटिरियल के लिए दे दिया गया है और काम रूका हुआ है। इस गांव के अलावा करीब 100 स्कूलों में निर्माण की स्थिति मानक के विपरीत बताई जा रही है। जिन 1123 शौचालयों के निर्माण अधूरे हैं उनको पूरा करने में भी लापरवाही हो रही है और मानक के अनदेखी का आरोप लग रहा है।
दो लाख से तीन लाख खर्च कर बनते हैं शौचालय
स्कूलों के बच्चों को शौचालय की सुविधा देने के लिए बनाए जा रहे चाइल्ड फ्रेंडली शौचालयों पर बजट तो खर्च हो रहा है लेकिन निर्माण में मानक का ध्यान नही रखा जा रहा है। एक शौचालय के निर्माण पर दो से तीन लाख रुपये का बजट खर्च हो रहा है। निर्माण के दौरान निगरानी की व्यवस्था ठीक से न होने के कारण मनमानी हो रही है। मुजेहना का मामला उजागर होने के बाद जिले के कई निर्माण कार्य सवालों से घिर गए हैं।
विज्ञापन
1200 से अधिक शौचालयों का हो चुका है निर्माण
जिले के परिषदीय स्कूलों में 1200 से अधिक शौचालयों का निर्माण हो चुुका है। इनका निर्माण पूरा होने के बाद अब उपयोग सवालों से घिरा है। शौचालयों को बनाने में भले ही बच्चों की सुविधाओं का ध्यान रखा गया है लेकिन मानक को लेकर संशय बना हुआ है। कई शौचालय ऐसे हैं जिनमें अभी से ही दरार पड़ने लगी है। फिलहाल अधिकारियों ने हर निर्माण के गुणवत्ता के जांच की बात कही है।
शैचालय निर्माण न होने की जांच कराई जाएगी। वहां के सचिव से रिपोर्ट ली जा रही है और कार्य बिना कराए भुगतान के मामले के बारे में जानकारी किया जाएगा। -शेर बहादुर सिंह, बीडीओ मुजेहना
चाइल्ड फ्रेंडली शौचालयों के निर्माण की जानकारी की जा रही है। सभी एडीओ पंचायत को निर्माण कार्य की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, जहां की शिकायत मिलेगी कार्रवाई की जाएगी। -सभाजीत पांडे, डीपीआरओ
चाइल्ड फ्रेंडली शौचालयों का निर्माण प्राथमिकता में है, जो अधूरे हैं उनको भी चेतावनी दी गई है। बिना कार्य कराए बजट निकालना संभव नही है। जानकारी किया जाएगा। -अभय रमन, समन्वयक स्वच्छता मिशन गोंडा
विज्ञापन
परिषदीय स्कूलों में बनने वाले चाइल्ड फ्रेंडली शौचालय में गोलमाल हो रहा है। जिले में 1123 शौचालय ऐसे हैं जिनके निर्माण सवालों के घेरे में हैं। परिषदीय स्कूलों में कुल 2234 शौचालय बनने हैं। इसके लिए करीब 22 करोड़ 46 लाख रुपये का बजट मिला है। पंचायतें बजट को दबाए बैठी हैं कई पंचायतों ने तो बिना काम कराए ही बजट खर्च दिखा दिया है। विभाग अब पूरे मामले की जांच कराने की तैयारी कर रहा है। मुजेहना ब्लाक के पूरे सिधारी गांव में बन रहे चाइल्ड़ फ्रेंडली शौचालय की पड़ताल में गोलमाल का मामला सामने आया है। स्कूल परिसर में सिर्फ नींव ही तैयार करके करीब एक लाख छह हजार रुपये का बजट एक फर्म को मैटिरियल के लिए दे दिया गया है और काम रूका हुआ है। इस गांव के अलावा करीब 100 स्कूलों में निर्माण की स्थिति मानक के विपरीत बताई जा रही है। जिन 1123 शौचालयों के निर्माण अधूरे हैं उनको पूरा करने में भी लापरवाही हो रही है और मानक के अनदेखी का आरोप लग रहा है।
विज्ञापन
दो लाख से तीन लाख खर्च कर बनते हैं शौचालय
स्कूलों के बच्चों को शौचालय की सुविधा देने के लिए बनाए जा रहे चाइल्ड फ्रेंडली शौचालयों पर बजट तो खर्च हो रहा है लेकिन निर्माण में मानक का ध्यान नही रखा जा रहा है। एक शौचालय के निर्माण पर दो से तीन लाख रुपये का बजट खर्च हो रहा है। निर्माण के दौरान निगरानी की व्यवस्था ठीक से न होने के कारण मनमानी हो रही है। मुजेहना का मामला उजागर होने के बाद जिले के कई निर्माण कार्य सवालों से घिर गए हैं।
विज्ञापन
1200 से अधिक शौचालयों का हो चुका है निर्माण
जिले के परिषदीय स्कूलों में 1200 से अधिक शौचालयों का निर्माण हो चुुका है। इनका निर्माण पूरा होने के बाद अब उपयोग सवालों से घिरा है। शौचालयों को बनाने में भले ही बच्चों की सुविधाओं का ध्यान रखा गया है लेकिन मानक को लेकर संशय बना हुआ है। कई शौचालय ऐसे हैं जिनमें अभी से ही दरार पड़ने लगी है। फिलहाल अधिकारियों ने हर निर्माण के गुणवत्ता के जांच की बात कही है।
शैचालय निर्माण न होने की जांच कराई जाएगी। वहां के सचिव से रिपोर्ट ली जा रही है और कार्य बिना कराए भुगतान के मामले के बारे में जानकारी किया जाएगा। -शेर बहादुर सिंह, बीडीओ मुजेहना
चाइल्ड फ्रेंडली शौचालयों के निर्माण की जानकारी की जा रही है। सभी एडीओ पंचायत को निर्माण कार्य की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, जहां की शिकायत मिलेगी कार्रवाई की जाएगी। -सभाजीत पांडे, डीपीआरओ
चाइल्ड फ्रेंडली शौचालयों का निर्माण प्राथमिकता में है, जो अधूरे हैं उनको भी चेतावनी दी गई है। बिना कार्य कराए बजट निकालना संभव नही है। जानकारी किया जाएगा। -अभय रमन, समन्वयक स्वच्छता मिशन गोंडा