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Gonda News: 14 सेंटीमीटर घटा सरयू का जलस्तर
Tue, 04 Jul 2023 11:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 04 Jul 2023 11:24 PM IST
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नवाबगंज के ढेमवाघाट मार्ग पर बाढ़ के पानी में फंसा वाहन। - संवाद
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गोंडा। बारिश थमने से नदियों में उफान तो कम हो गया है मगर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। सरयू नदी के जलस्तर में अभी आंशिक गिरावट दर्ज हुई है। अब खतरे के निशान से नदी का जलस्तर 1.11 मीटर से घटकर 1.25 मीटर हो गया है।
तीनों बैराजों से सरयू नदी में छोड़ा गया एक लाख 32 हजार 815 क्यूसेक पानी लगातार आ रहा है। इससे नदी का जलस्तर कभी भी बढ़ सकता है। वैसे जलस्तर कम होने से तटबंधों में कटान की आशंका है। बाढ़ नियंत्रण के लिए विभाग की ओर से हो रहे कार्य भी जलस्तर के उतार-चढ़ाव से प्रभावित हो रहे हैं। विभाग के अधिकारियों की मानें तो तटबंधों की सुरक्षा के काम पहले ही हो चुके हैं। अब जहां-जहां तटबंध में किसी तरह का कट होता है उसे सही कर दिया जाता है। फिलहाल जलस्तर कम होने से खतरे का निशान पार करने की संभावना कम हुई है। वहीं, तरबगंज क्षेत्र में बाढ़ का पानी परेशानी खड़ी करने लगा है। सरयू नदी के तटवर्ती नवाबगंज क्षेत्र के कई गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं।
नवाबगंज से सोहावल जाने वाले ढेमवा मार्ग पर पानी भरने से आवागमन बंद हो गया है। वहीं, कुछ लोग जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से निकल रहे हैं। तुलसीपुर माझा होते हुए सोहावल को जाने वाली ढेमवा मार्ग पर पिछले वर्ष बाढ़ के तेज बहाव के चलते तीन स्थानों से सड़क कट गई थी। दत्तनगर के बैसिया, ढेमवा पुलिस चौकी के निकट व ढेमवा पुल के पास सड़क कटने के चलते लोग बैसिया से ढेमवा पुल तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग से जाते थे। अब इस मार्ग पर भी जलभराव हो गया है। वहीं, पुल के नीचे से होकर गुजरने वाला मार्ग जलमग्न हो चुका है। इससे रास्ता तो बंद कर दिया गया मगर लोगों को सोहावल व लखनऊ के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। ऐसे में तमाम लोग जलमग्न रास्ते से ही जोखिम उठाकर आवागमन कर रहे हैं। यहां नाव की भी कोई व्यवस्था नहीं है। मंगलवार को इस रास्ते जा रहा एक पिकअप तेज बहाव में फंस गया। जिसे निकालने के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ी।
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अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी का कहना है कि बाढ़ की स्थिति पर पूरी नजर है। लगातार निरीक्षण हो रहा है। अधिकारियों को सतर्क किया गया है। किसी प्रकार की दिक्कत होने पर तत्काल राहत दी जाएगी।
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तीनों बैराजों से सरयू नदी में छोड़ा गया एक लाख 32 हजार 815 क्यूसेक पानी लगातार आ रहा है। इससे नदी का जलस्तर कभी भी बढ़ सकता है। वैसे जलस्तर कम होने से तटबंधों में कटान की आशंका है। बाढ़ नियंत्रण के लिए विभाग की ओर से हो रहे कार्य भी जलस्तर के उतार-चढ़ाव से प्रभावित हो रहे हैं। विभाग के अधिकारियों की मानें तो तटबंधों की सुरक्षा के काम पहले ही हो चुके हैं। अब जहां-जहां तटबंध में किसी तरह का कट होता है उसे सही कर दिया जाता है। फिलहाल जलस्तर कम होने से खतरे का निशान पार करने की संभावना कम हुई है। वहीं, तरबगंज क्षेत्र में बाढ़ का पानी परेशानी खड़ी करने लगा है। सरयू नदी के तटवर्ती नवाबगंज क्षेत्र के कई गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं।
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नवाबगंज से सोहावल जाने वाले ढेमवा मार्ग पर पानी भरने से आवागमन बंद हो गया है। वहीं, कुछ लोग जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से निकल रहे हैं। तुलसीपुर माझा होते हुए सोहावल को जाने वाली ढेमवा मार्ग पर पिछले वर्ष बाढ़ के तेज बहाव के चलते तीन स्थानों से सड़क कट गई थी। दत्तनगर के बैसिया, ढेमवा पुलिस चौकी के निकट व ढेमवा पुल के पास सड़क कटने के चलते लोग बैसिया से ढेमवा पुल तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग से जाते थे। अब इस मार्ग पर भी जलभराव हो गया है। वहीं, पुल के नीचे से होकर गुजरने वाला मार्ग जलमग्न हो चुका है। इससे रास्ता तो बंद कर दिया गया मगर लोगों को सोहावल व लखनऊ के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। ऐसे में तमाम लोग जलमग्न रास्ते से ही जोखिम उठाकर आवागमन कर रहे हैं। यहां नाव की भी कोई व्यवस्था नहीं है। मंगलवार को इस रास्ते जा रहा एक पिकअप तेज बहाव में फंस गया। जिसे निकालने के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ी।
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अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी का कहना है कि बाढ़ की स्थिति पर पूरी नजर है। लगातार निरीक्षण हो रहा है। अधिकारियों को सतर्क किया गया है। किसी प्रकार की दिक्कत होने पर तत्काल राहत दी जाएगी।