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Gonda News: खतरे के निशान से तीन सेमी ऊपर बह रही सरयू
Wed, 13 Aug 2025 11:17 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 13 Aug 2025 11:17 PM IST
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कटान करती सरयू नदी।
करनैलगंज/ विश्नोहरपुर(गोंडा)। सरयू नदी का जलस्तर लगातार घट-बढ़ रहा है। दो दिनों तक खतरे के निशान से 14 सेंटीमीटर नीचे रहने वाली नदी का जलस्तर बुधवार को अचानक खतरे के निशान से तीन सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। नवाबगंज के साकीपुर में बुधवार सुबह से बिजली आपूर्ति बंद है। इससे लोगों को कई तरह की परेशानी उठानी पड़ रही है।
करनैलगंज क्षेत्र में गांव में भरा बाढ़ का पानी निकलना शुरू हो गया था। बुधवार से पानी एक बार फिर बढ़ने लगा है। ग्राम चंदापुर किटौली के 9 मजरे, ग्राम नकहरा के 10 मजरे और ग्राम बहुवन मदार माझा, घरकुइया की सैकड़ों बीघा जमीन बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित है। ग्राम घरकुइयां, बहुवन मदार मांझा की आबादी प्रभावित नहीं है मगर इन गांवों के किसानों की खेती पूरी तरह से जलमग्न है।
उधर, जिले की सीमा पर बसे बाराबंकी जिले के गांव लगातार बाढ़ की चपेट में आते जा रहे हैं। ग्राम परसावल, कमियार, नैपुरा, मांझा रायपुर, चिलवारी, लोधेमऊ, बेहटा के चार गांव बेहटा डीहा, रेता पुरवा, चरपुरवा, गोड़ियनपुरवा, ग्राम पारा, बांसगांव दक्षिणी, ग्राम असवा दक्षिणी शामिल हैं। उपजिलाधिकारी यशवंत राव का कहना है कि बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी की जा रही है। गांव में नाव की व्यवस्था कर दी गई है।
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कटान में तेजी, बिजली आपूर्ति बंद
विश्नोहरपुर (गोंडा)। साकीपुर में रिहायशी इलाकों से पानी घट चुका है लेकिन नाले में पानी भरा हुआ है। पानी के बहाव से किनारे के खेत व आवासीय जमीनोें में कटान हो रही है। शुक्ल पुरवा माझा में शेष कुमार का छप्पर कटान की जद में है। राम मनोरथ यादव व अनंतराम के छप्पर व खेत बाढ़ के पानी में पहले ही डूब चुका है। ये अब दूसरे की जमीन पर गुजर-बसर कर रहे हैं। पंचम यादव ने बताया कि फोन बंद होने से अपनों का हाल नहीं मिल रहा। बाढ़ के चलते चारों तरफ सांप व अन्य जहरीले जीवों का भय बना है। रात के अंधेरे में और डर लगता है।
एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर-106.040 मीटर
एल्गिन ब्रिज पर सरयू का खतरे का निशान- 106.070
अयोध्या में सरयू का जलस्तर-92.540 मीटर
अयोध्या में सरयू का खतरे का निशान-92.730 मीटर
कुल डिस्चार्ज-289162 क्यूसेक
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करनैलगंज क्षेत्र में गांव में भरा बाढ़ का पानी निकलना शुरू हो गया था। बुधवार से पानी एक बार फिर बढ़ने लगा है। ग्राम चंदापुर किटौली के 9 मजरे, ग्राम नकहरा के 10 मजरे और ग्राम बहुवन मदार माझा, घरकुइया की सैकड़ों बीघा जमीन बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित है। ग्राम घरकुइयां, बहुवन मदार मांझा की आबादी प्रभावित नहीं है मगर इन गांवों के किसानों की खेती पूरी तरह से जलमग्न है।
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उधर, जिले की सीमा पर बसे बाराबंकी जिले के गांव लगातार बाढ़ की चपेट में आते जा रहे हैं। ग्राम परसावल, कमियार, नैपुरा, मांझा रायपुर, चिलवारी, लोधेमऊ, बेहटा के चार गांव बेहटा डीहा, रेता पुरवा, चरपुरवा, गोड़ियनपुरवा, ग्राम पारा, बांसगांव दक्षिणी, ग्राम असवा दक्षिणी शामिल हैं। उपजिलाधिकारी यशवंत राव का कहना है कि बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी की जा रही है। गांव में नाव की व्यवस्था कर दी गई है।
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कटान में तेजी, बिजली आपूर्ति बंद
विश्नोहरपुर (गोंडा)। साकीपुर में रिहायशी इलाकों से पानी घट चुका है लेकिन नाले में पानी भरा हुआ है। पानी के बहाव से किनारे के खेत व आवासीय जमीनोें में कटान हो रही है। शुक्ल पुरवा माझा में शेष कुमार का छप्पर कटान की जद में है। राम मनोरथ यादव व अनंतराम के छप्पर व खेत बाढ़ के पानी में पहले ही डूब चुका है। ये अब दूसरे की जमीन पर गुजर-बसर कर रहे हैं। पंचम यादव ने बताया कि फोन बंद होने से अपनों का हाल नहीं मिल रहा। बाढ़ के चलते चारों तरफ सांप व अन्य जहरीले जीवों का भय बना है। रात के अंधेरे में और डर लगता है।
एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर-106.040 मीटर
एल्गिन ब्रिज पर सरयू का खतरे का निशान- 106.070
अयोध्या में सरयू का जलस्तर-92.540 मीटर
अयोध्या में सरयू का खतरे का निशान-92.730 मीटर
कुल डिस्चार्ज-289162 क्यूसेक