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42 प्रधानाचार्य व 100 लिपिकों का रोका वेतन
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Feb 2016 11:20 PM IST
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शिक्षा निदेशक अमरनाथ वर्मा के निर्देश पर डीआईओएस वीरेंद्र कुमार दुबे ने जिले के 42 सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों सहित इन स्कूलों में कार्यरत 100 बाबुओं का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है। साथ ही इन प्रधानाचार्यों को चेतावनी भी दी है कि अगर वह जल्द से जल्द वरिष्ठता सूची बनाकर उसे निदेशालय नहीं भेजते हैं तो उनके खिलाफ आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा अधिनियम के अध्याय दो, विनियम तीन के उपनियम तीन में शिक्षा विभाग ने सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की वरिष्ठता सूची को लेकर एक गाइड लाइन तैयार कर रखी है। जिसके मुताबिक इन विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की हर साल वरिष्ठता सूची तैयार की जाती है।
इससे हर साल शिक्षकों का स्टेटस और उनकी वरिष्ठता सूची का पता चलता रहता है। इसके बावजूद जिले में संचालित 42 सहायता प्राप्त विद्यालयों से ऐसे शिक्षकों की वरिष्ठता सूची निदेशालय को नहीं भेजी जा रही है। यही वजह है कि इन विद्यालयों में पढ़ाने वाले अध्यापकों को मजबूरन न्यायालय की शरण में जाना पड़ रहा है।
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इससे जहां एक ओर शिक्षक को परेशानी होती है, वहीं बेवजह इसका टेंशन शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी बार-बार न्यायालय की भागदौड़ करके भुगतना पड़ता है। जिसमें समय के साथ-साथ पैसों की भी अनावश्यक बर्बादी होती है।
इसे लेकर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) अमरनाथ वर्मा के निर्देश पर डीआईओएस वीरेंद्र कुमार दुबे ने जिले में संचालित सभी 42 सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्य व उनमें कार्यरत 100 बाबुओं का वेतन अग्रिम आदेशों तक के लिए रोक दिया है।
डीआईओएस वीरेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि शिक्षा निदेशक से प्राप्त निर्देशों के क्रम में तात्कालिक प्रभाव से वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है।
जिम्मेदार लोगों को वेतन तब तक रुका रहेगा, जब तक कि इसकी कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती। जिले में संचालित 42 सहायता प्राप्त विद्यालयों में करीब 500 शिक्षक कार्यरत हैं, जिनकी वरिष्ठता सूची नहीं तैयार की गई है।
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शिक्षा अधिनियम के अध्याय दो, विनियम तीन के उपनियम तीन में शिक्षा विभाग ने सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की वरिष्ठता सूची को लेकर एक गाइड लाइन तैयार कर रखी है। जिसके मुताबिक इन विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की हर साल वरिष्ठता सूची तैयार की जाती है।
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इससे हर साल शिक्षकों का स्टेटस और उनकी वरिष्ठता सूची का पता चलता रहता है। इसके बावजूद जिले में संचालित 42 सहायता प्राप्त विद्यालयों से ऐसे शिक्षकों की वरिष्ठता सूची निदेशालय को नहीं भेजी जा रही है। यही वजह है कि इन विद्यालयों में पढ़ाने वाले अध्यापकों को मजबूरन न्यायालय की शरण में जाना पड़ रहा है।
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इससे जहां एक ओर शिक्षक को परेशानी होती है, वहीं बेवजह इसका टेंशन शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी बार-बार न्यायालय की भागदौड़ करके भुगतना पड़ता है। जिसमें समय के साथ-साथ पैसों की भी अनावश्यक बर्बादी होती है।
इसे लेकर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) अमरनाथ वर्मा के निर्देश पर डीआईओएस वीरेंद्र कुमार दुबे ने जिले में संचालित सभी 42 सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्य व उनमें कार्यरत 100 बाबुओं का वेतन अग्रिम आदेशों तक के लिए रोक दिया है।
डीआईओएस वीरेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि शिक्षा निदेशक से प्राप्त निर्देशों के क्रम में तात्कालिक प्रभाव से वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है।
जिम्मेदार लोगों को वेतन तब तक रुका रहेगा, जब तक कि इसकी कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती। जिले में संचालित 42 सहायता प्राप्त विद्यालयों में करीब 500 शिक्षक कार्यरत हैं, जिनकी वरिष्ठता सूची नहीं तैयार की गई है।