{"_id":"58f3b3354f1c1b1b74470bb0","slug":"salary-wages-of-14-board-assistants","type":"story","status":"publish","title_hn":"14 पटल सहायकों का रोका वेतन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
14 पटल सहायकों का रोका वेतन
अमर उजाला/गोंडा
Updated Sun, 16 Apr 2017 11:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्रों का पंजीकरण कराने में शिथिलता बरतने पर 14 कर्मचारी फंस गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने 14 ब्लॉकों के पटल सहायकों का वेतन रोकने का निर्देश खंड विकास अधिकारियों को दिया है। साथ ही संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिले को 8903 आवास का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिले स्तर से विकासखंड वार आवास का लक्ष्य आवंटित करते हुए पात्र परिवारों का पंजीकरण कराने के निर्देश ग्राम पंचायतों को दिए गए थे। 31 मार्च तक इस पंजीकरण के कार्य को हर हाल में पूरा कर लिया जाना था, लेकिन लक्ष्य से दूर रहने पर यह तारीख बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दी गई थी।
पंजीकरण की जिम्मेदारी मनरेगा के पटल सहायकों को सौंपी गई थी। 15 अप्रैल को जब इस योजना की समीक्षा की गई तो पता चला कि जिले में अब तक 77 फीसदी पात्र परिवारों का पंजीकरण ही किया गया है।
विज्ञापन
ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक वीरपाल ने बताया कि पंजीकरण को लेकर जिले के मनकापुर व परसपुर विकासखंड को छोड़कर अन्य सभी ब्लॉकों की हालत बेहद खराब है। करनैलगंज, रुपईडीह, नवाबगंज, मुजेहना व वजीरगंज में महज 60 से 70 फीसदी पात्र परिवारों का ही पंजीकरण कराया गया है।
इस नाराजगी जताते हुए सीडीओ ने ने सभी बीडीओ को फटकार लगाई है। सीडीओ ने करनैलगंज, रुपईडीह, नवाबगंज, मुजेहना, वजीरगंज, झंझरी, पंडरीकृपाल, छपिया, हलधरमऊ, इटियाथोक, तरबगंज, कटरा बाजार, बेलसर व बभनजोत समेत 14 ब्लॉकों के मनरेगा के पटल सहायकों के वेतन पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी है। इसके साथ ही फिसड्डी पटल सहायकों की संविदा खत्म करने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिले को 8903 आवास का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिले स्तर से विकासखंड वार आवास का लक्ष्य आवंटित करते हुए पात्र परिवारों का पंजीकरण कराने के निर्देश ग्राम पंचायतों को दिए गए थे। 31 मार्च तक इस पंजीकरण के कार्य को हर हाल में पूरा कर लिया जाना था, लेकिन लक्ष्य से दूर रहने पर यह तारीख बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दी गई थी।
विज्ञापन
पंजीकरण की जिम्मेदारी मनरेगा के पटल सहायकों को सौंपी गई थी। 15 अप्रैल को जब इस योजना की समीक्षा की गई तो पता चला कि जिले में अब तक 77 फीसदी पात्र परिवारों का पंजीकरण ही किया गया है।
विज्ञापन
ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक वीरपाल ने बताया कि पंजीकरण को लेकर जिले के मनकापुर व परसपुर विकासखंड को छोड़कर अन्य सभी ब्लॉकों की हालत बेहद खराब है। करनैलगंज, रुपईडीह, नवाबगंज, मुजेहना व वजीरगंज में महज 60 से 70 फीसदी पात्र परिवारों का ही पंजीकरण कराया गया है।
इस नाराजगी जताते हुए सीडीओ ने ने सभी बीडीओ को फटकार लगाई है। सीडीओ ने करनैलगंज, रुपईडीह, नवाबगंज, मुजेहना, वजीरगंज, झंझरी, पंडरीकृपाल, छपिया, हलधरमऊ, इटियाथोक, तरबगंज, कटरा बाजार, बेलसर व बभनजोत समेत 14 ब्लॉकों के मनरेगा के पटल सहायकों के वेतन पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी है। इसके साथ ही फिसड्डी पटल सहायकों की संविदा खत्म करने की चेतावनी दी है।