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दो इंटर कॉलेजों को सैनिक स्कूल बनाने की तैयारी
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फोटो- 11- गोंडा में सैनिक स्कूल के प्रस्तावित शहीदे आजम भगत सिंह इंटर कालेज। संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। मेडिकल कॉलेज के बाद जल्द ही जिले को एक और सौगात मिल सकती है। सैनिक स्कूल में प्रवेश के लिए छात्रों को दूसरे जिलों की ओर नहीं देखना होगा। नए वित्तीय वर्ष में एक सैनिक स्कूल की सौगत भी मिल सकती है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। शासन ने सैनिक स्कूल स्थापित करने के लिए जमीन की खोज शुरू कर दी है। पांच एकड़ से अधिक जमीन वाले इंटर कॉलेज परिसर में सैनिक स्कूल स्थापित होंगे। विभाग ने जिले के दो स्कूलों में सैनिक स्कूल खोले जाने की संस्तुति करते हुए प्रस्ताव भेजा है। शासन की ओर से प्रस्तावित स्थलों का सत्यापन होगा। इसके बाद शासन को बजट का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
केंद्रीय बजट में देश में सौ सैनिक स्कूलों को खोले जाने की घोषणा की गई थी। शासन ने जिले से ऐसे इंटर कॉलेजों के बारे में रिपोर्ट तलब की, जहां सैनिक स्कूल स्थापित किए जा सकें। विभाग ने पांच एकड़ से अधिक जमीन वाले कॉलेजों के बारे में जानकारी की तो पता चला कि 18 कॉलेज ऐसे हैं, जिनके पास पांच एकड़ से अधिक भूमि है। इसमें अभिनव स्कूल कंसापुर के पास 11 एकड़ से अधिक और शहीदे आजम भगत सिंह इंटर कॉलेज के पास भी 22 एकड़ जमीन है। अभिनव स्कूल का संचालन भारत सरकार की योजना से संचालित है, यह मॉडल स्कूल है। सैनिक स्कूल के प्रस्ताव में यह पहले स्थान पर है। शहीदे आजम भगत सिंह इंटर कॉलेज सरकारी सहायता प्राप्त प्रबंधकीय कॉलेज है। इस कारण इसे दूसरे स्थान पर शामिल किया गया है। जल्द ही सैनिक स्कूल की स्थापना की कार्रवाई तेज होगी।
अग्निपथ भर्ती अभियान से सैनिक स्कूल की जरूरत बढ़ी
भारत सरकार ने अग्निपथ भर्ती अभियान शुरू किया है। ऐसे में सैनिक स्कूलों की जरूरत बढ़ गई है, जो छात्र सैनिक स्कूल में पढ़ाई करेंगे। अग्निपथ भर्ती अभियान में अवसर बढ़ेंगे। जो छात्र सैनिक स्कूलों में पढ़ेंगे। वह अग्निपथ भर्ती में आसानी से सफलता हासिल कर सकेंगे। ऐसे में जिले में सैनिक स्कूल की स्थापना की पहल से लोगों में उत्साह है। धुसवा गांव के मिथलेश तिवारी कहते हैं कि सैनिक स्कूल खुलने से छात्रों को अवसर मिलेंगे। यह अच्छी पहल है, इससे एक जिम्मेदार नागरिक बनकर युवा निकलेंगे।
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सैनिक स्कूल के लिए भेजे गए कॉलेजों की स्थिति
स्कूल उपलब्ध भूमि - छात्र संख्या - कक्षा- कक्ष - छात्रावास
अभिनव स्कूल कंसापुर - 11. 02 एकड़ - 28 - 13 - नहीं
भगत सिंह इंटर कॉलेज - 22 एकड़ - 2218 - 13 - है 55 छात्रों की क्षमता
शासन से सैनिक स्कूल स्थापित किए जाने के लिए प्रस्ताव मांगा था। जिसमें दो कॉलेजों को सैनिक स्कूल में परिवर्तित करने का प्रस्ताव भेजा गया है। निर्णय शासन से होने हैं। राकेश कुमार, डीआईओएस
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केंद्रीय बजट में देश में सौ सैनिक स्कूलों को खोले जाने की घोषणा की गई थी। शासन ने जिले से ऐसे इंटर कॉलेजों के बारे में रिपोर्ट तलब की, जहां सैनिक स्कूल स्थापित किए जा सकें। विभाग ने पांच एकड़ से अधिक जमीन वाले कॉलेजों के बारे में जानकारी की तो पता चला कि 18 कॉलेज ऐसे हैं, जिनके पास पांच एकड़ से अधिक भूमि है। इसमें अभिनव स्कूल कंसापुर के पास 11 एकड़ से अधिक और शहीदे आजम भगत सिंह इंटर कॉलेज के पास भी 22 एकड़ जमीन है। अभिनव स्कूल का संचालन भारत सरकार की योजना से संचालित है, यह मॉडल स्कूल है। सैनिक स्कूल के प्रस्ताव में यह पहले स्थान पर है। शहीदे आजम भगत सिंह इंटर कॉलेज सरकारी सहायता प्राप्त प्रबंधकीय कॉलेज है। इस कारण इसे दूसरे स्थान पर शामिल किया गया है। जल्द ही सैनिक स्कूल की स्थापना की कार्रवाई तेज होगी।
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अग्निपथ भर्ती अभियान से सैनिक स्कूल की जरूरत बढ़ी
भारत सरकार ने अग्निपथ भर्ती अभियान शुरू किया है। ऐसे में सैनिक स्कूलों की जरूरत बढ़ गई है, जो छात्र सैनिक स्कूल में पढ़ाई करेंगे। अग्निपथ भर्ती अभियान में अवसर बढ़ेंगे। जो छात्र सैनिक स्कूलों में पढ़ेंगे। वह अग्निपथ भर्ती में आसानी से सफलता हासिल कर सकेंगे। ऐसे में जिले में सैनिक स्कूल की स्थापना की पहल से लोगों में उत्साह है। धुसवा गांव के मिथलेश तिवारी कहते हैं कि सैनिक स्कूल खुलने से छात्रों को अवसर मिलेंगे। यह अच्छी पहल है, इससे एक जिम्मेदार नागरिक बनकर युवा निकलेंगे।
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सैनिक स्कूल के लिए भेजे गए कॉलेजों की स्थिति
स्कूल उपलब्ध भूमि - छात्र संख्या - कक्षा- कक्ष - छात्रावास
अभिनव स्कूल कंसापुर - 11. 02 एकड़ - 28 - 13 - नहीं
भगत सिंह इंटर कॉलेज - 22 एकड़ - 2218 - 13 - है 55 छात्रों की क्षमता
शासन से सैनिक स्कूल स्थापित किए जाने के लिए प्रस्ताव मांगा था। जिसमें दो कॉलेजों को सैनिक स्कूल में परिवर्तित करने का प्रस्ताव भेजा गया है। निर्णय शासन से होने हैं। राकेश कुमार, डीआईओएस