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एक क्लर्क के भरोसे माध्यमिक विद्यालय
अमर उजाला/गोंडा
Updated Sat, 24 Sep 2016 10:33 PM IST
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प्रदर्शन करते छात्र-छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
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परसपुर क्षेत्र के त्योरासी गांव में बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से संचालित उच्चीकृत राजकीय माध्यमिक विद्यालय का संचालन यहां तैनात एक महिला क्लर्क कर रही है। इस विद्यालय में शिक्षक न होने से यहां पढ़ने वाले 95 नौनिहालों का भविष्य अधर में फंस गया है। इसके अलावा जिले के अन्य माध्यमिक स्कूलों में भी शिक्षा की स्थिति डांवाडोल है। अधिकांश राजकीय विद्यालय उधारी के शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की देखरेख में संचालित त्योरासी के उच्चीकृत राजकीय माध्यमिक विद्यालय में 95 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन बच्चों को पढ़ाने के लिए इस विद्यालय में चार शिक्षिकाओं की तैनाती की गई थी, लेकिन कुछ ही दिन बाद यहां की प्रधानाध्यापिका गीता त्रिपाठी को राजकीय विद्यालय सिसई टिकरिया, सहायक अध्यापिका वर्षा को राजकीय हाईस्कूल पहाड़ापुर में शिक्षण कार्य के लिए संबद्ध कर दिया गया।
शिक्षिका संजू कुमारी 12 जुलाई से मातृत्व अवकाश पर चली गईं। विद्यालय में अकेले बची शिक्षिका नेहा शर्मा भी एक अगस्त को तबादला लेकर मेरठ चली गई। संबद्धीकरण व तबादले के इस खेल में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को यह ध्यान ही नहीं रहा कि विद्यालय का संचालन कौन करेगा।
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अब इस स्कूल का संचालन यहां तैनात महिला क्लर्क बबली सिंह के भरोसे रह गया है। महिला क्लर्क ही इस स्कूल के 95 बच्चों का भविष्य संवार रही हैं। शिक्षक न होने से इस विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
अपने गांव में ही गुणवत्तापरक शिक्षा हासिल करने के लिए त्योरासी के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में 95 बच्चों ने प्रवेश लिया था। लेकिन माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण इन बच्चों का भविष्य बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गया है।
विद्यालय की अर्चना पांडेय, हेमा दूबे, मो. शरीफ, दीपक सिंह आदि छात्र-छात्राओं का कहना है कि इस विद्यालय में प्रवेश लेकर वह फंस गए हैं। विद्यालय में शिक्षक न होने से उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है।
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माध्यमिक शिक्षा विभाग की देखरेख में संचालित त्योरासी के उच्चीकृत राजकीय माध्यमिक विद्यालय में 95 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन बच्चों को पढ़ाने के लिए इस विद्यालय में चार शिक्षिकाओं की तैनाती की गई थी, लेकिन कुछ ही दिन बाद यहां की प्रधानाध्यापिका गीता त्रिपाठी को राजकीय विद्यालय सिसई टिकरिया, सहायक अध्यापिका वर्षा को राजकीय हाईस्कूल पहाड़ापुर में शिक्षण कार्य के लिए संबद्ध कर दिया गया।
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शिक्षिका संजू कुमारी 12 जुलाई से मातृत्व अवकाश पर चली गईं। विद्यालय में अकेले बची शिक्षिका नेहा शर्मा भी एक अगस्त को तबादला लेकर मेरठ चली गई। संबद्धीकरण व तबादले के इस खेल में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को यह ध्यान ही नहीं रहा कि विद्यालय का संचालन कौन करेगा।
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अब इस स्कूल का संचालन यहां तैनात महिला क्लर्क बबली सिंह के भरोसे रह गया है। महिला क्लर्क ही इस स्कूल के 95 बच्चों का भविष्य संवार रही हैं। शिक्षक न होने से इस विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
अपने गांव में ही गुणवत्तापरक शिक्षा हासिल करने के लिए त्योरासी के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में 95 बच्चों ने प्रवेश लिया था। लेकिन माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण इन बच्चों का भविष्य बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गया है।
विद्यालय की अर्चना पांडेय, हेमा दूबे, मो. शरीफ, दीपक सिंह आदि छात्र-छात्राओं का कहना है कि इस विद्यालय में प्रवेश लेकर वह फंस गए हैं। विद्यालय में शिक्षक न होने से उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है।