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Gonda News: मंडलीय विकास का रोडमैप तैयार, कृषि, पर्यटन व रोजगार पर जोर

Tue, 19 May 2026 11:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Tue, 19 May 2026 11:30 PM IST
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Roadmap for divisional development ready, emphasis on agriculture, tourism and employment
गोंडा। देवीपाटन मंडल के समग्र और योजनाबद्ध विकास के लिए प्रशासन ने नई रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। मंडलायुक्त देवीपाटन मंडल दुर्गा शक्ति नागपाल ने चारों जिलों के जिलाधिकारियों से उनके जिलों की प्रमुख चुनौतियां, संभावनाओं और समाधान संबंधी विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद इस पर अध्ययन शुरू कर दिया है। इसके आधार पर मंडल के विकास का रोडमैप तैयार कर कार्ययोजना को धरातल पर उतारा जाएगा।
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आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक जिले की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियां अलग हैं। ऐसे में स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास योजनाएं तैयार कर लागू की जाएंगी। इसके लिए कृषि, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और जनजातीय क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता में रखा गया है। आयुक्त ने कहा कि देवीपाटन मंडल के सभी जिलों में स्थानीय संसाधनों और संभावनाओं के अनुरूप योजनाबद्ध विकास किया जाएगा। इससे रोजगार, निवेश और आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
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बाढ़ नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था से मिलेगा फायदा
गोंडा जिले की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण और धार्मिक पर्यटन को भविष्य के विकास की मुख्य संभावनाओं के रूप में चिन्हित किया गया है। घाघरा और सरयू नदी से हर वर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या को देखते हुए स्थायी समाधान के लिए भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। प्रशासन का मानना है कि बाढ़ नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था होने से कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।
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बौद्ध पर्यटन व जैविक खेती पर जोर
श्रावस्ती जनपद की रिपोर्ट में बौद्ध पर्यटन, खेल और जैविक खेती को प्रमुख संभावनाओं के रूप में प्रस्तुत किया है। जेतवन विहार समेत ऐतिहासिक स्थलों के विकास, खेल अवसंरचना निर्माण और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। इसके साथ ही बाढ़, परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए रेलवे और एयरपोर्ट विस्तार, तटबंधों के सुदृढ़ीकरण और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर कार्य करने का सुझाव दिया गया है।
युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर
बहराइच की रिपोर्ट में स्थानीय उत्पादों की मार्केटिंग, कृषि आधारित उद्योग, सड़क संपर्क और रेलवे ओवरब्रिज निर्माण को विकास की प्राथमिकता में रखा गया है। युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए तकनीकी और व्यवसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने की योजना भी प्रस्तावित की गई है। प्रशासन का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

डिजिटल सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता
बलरामपुर जनपद ने बाढ़ नियंत्रण, जनजातीय विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं और डिजिटल सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी है। रिपोर्ट में थारू जनजाति की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक पर्यटन, ऑर्गेनिक खेती और फूड प्रोसेसिंग को प्रमुख संभावनाओं के रूप में शामिल किया गया है। इसके अलावा फ्लड अलर्ट सिस्टम, मोबाइल न्यूट्रिशन वैन, डिजिटल शिक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार जैसी योजनाओं पर कार्य किए जाने की बात कही गई है।
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