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संकट मोचक बने विनय, नदी में डूब रहे दो बच्चों को बचाया
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02द्दस्रड्डश्च4-गोंडा के टेढी नदी में डूब रहे बच्चे को बचाता युवक विनय।
- फोटो : GONDA
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गोंडा। टेढ़ी नदी में मंगलवार शाम आई उफान में दो बच्चे डूबने लगे। बाजार से घर लौट रहे एक युवक ने देखा कि गांव के तमाम लोग नदी के किनारे सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं। युवक ने तुरंत बिना सोचे-समझे नदी में छलांग लगा दी और दोनों बच्चों को पीठ पर लादकर तैरते हुए बाहर निकल आया। इससे गांव के साथ सोशल मीडिया पर भी उसकी प्रशंसा हो रही है।
थाना क्षेत्र कटरा बाजार में गोंडा-कटरा बाजार मार्ग पर तिलका डीहा गांव है। इसी गांव के कई बच्चे मंगलवार शाम को बकरी चराने टेढ़ी नदी के किनारे गए थे। कटरा बाजार के बाबूपुर व तिलकाडीहा के बीच नदी का बहाव बहुत तेज है। अचानक तारबाबू कनौजिया का 11 वर्षीय बेटा किशनलाल व मेवालाल की नौ वर्षीया बेटी पूजा नदी के बहने लगे। कुछ देर बाद दोनों डूबने लगे। गांव वाले एकत्र हुए लेकिन बच्चों को बचाने की हिम्मत नहीं हुई।
तिलका डीहा गांव निवासी विनय तिवारी कटरा बाजार गया था। करीब शाम छह बजे लौटते हुए उसने देखा कि नदी के किनारे भीड़ जमा है। विनय ने बिना समय गवांए अपना कपड़ा उतार नदी में कूद गया। विनय तैरना जानता है। वह अपनी पीठ पर दोनों बच्चों को लादकर बाहर निकाल लाया।
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विनय एलबीएस कॉलेज में एमए फाइनल ईयर का छात्र है और सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा है। विनय ने बताया कि दोनों बच्चों को बचाकर उसे आत्मसुख प्राप्त हो रहा है। यदि दोनों बच्चों को कुछ हो जाता तो वह अपने आप को माफ नहीं कर पाता। विनय के इस साहसिक कार्य की क्षेत्र में व सोशल मीडिया पर सराहना हो रही है।
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थाना क्षेत्र कटरा बाजार में गोंडा-कटरा बाजार मार्ग पर तिलका डीहा गांव है। इसी गांव के कई बच्चे मंगलवार शाम को बकरी चराने टेढ़ी नदी के किनारे गए थे। कटरा बाजार के बाबूपुर व तिलकाडीहा के बीच नदी का बहाव बहुत तेज है। अचानक तारबाबू कनौजिया का 11 वर्षीय बेटा किशनलाल व मेवालाल की नौ वर्षीया बेटी पूजा नदी के बहने लगे। कुछ देर बाद दोनों डूबने लगे। गांव वाले एकत्र हुए लेकिन बच्चों को बचाने की हिम्मत नहीं हुई।
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तिलका डीहा गांव निवासी विनय तिवारी कटरा बाजार गया था। करीब शाम छह बजे लौटते हुए उसने देखा कि नदी के किनारे भीड़ जमा है। विनय ने बिना समय गवांए अपना कपड़ा उतार नदी में कूद गया। विनय तैरना जानता है। वह अपनी पीठ पर दोनों बच्चों को लादकर बाहर निकाल लाया।
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विनय एलबीएस कॉलेज में एमए फाइनल ईयर का छात्र है और सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा है। विनय ने बताया कि दोनों बच्चों को बचाकर उसे आत्मसुख प्राप्त हो रहा है। यदि दोनों बच्चों को कुछ हो जाता तो वह अपने आप को माफ नहीं कर पाता। विनय के इस साहसिक कार्य की क्षेत्र में व सोशल मीडिया पर सराहना हो रही है।