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सरयू की धारा मोड़ने के नाम पर 11 करोड़ बालू में मिले

Sat, 02 Jul 2022 12:03 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jul 2022 12:03 AM IST
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फोटो-20-गोंडा के करनैलगंज में बांध का निरीक्षण करते डीएम। -संवाद - फोटो : GONDA
गोंडा। बाढ़ की तबाही से बचाव के लिए सरयू नदी की नई धारा बनाने की योजना बेअसर साबित होती नजर आ रही है। ड्रेजिंग मशीन से धारा को बंधे से दूर करने के लिए बीते साल हुई कवायद धरी रह गई। बीते साल 11 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च करने के बाद भी सिर्फ नदी से बालू निकालने का कार्य ही हो पाया। खुदाई से निकली बालू का भी कुछ अता पता नहीं है। अब एक बार फिर से ड्रेजिंग मशीन से भिखारीपुर सकरौर तटबंध के करीब से बह रही नदी को दूर करने के लिए चंदापुर किटौली के पास खुदाई का काम शुरू हुआ है। ऐसे में सरयू की नई धारा बनाने में एक बार फिर करोड़ों के बंदरबांट की आशंका जतायी जाने लगी है।
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बीते साल भिखारीपुर सकरौर तटबंध को बचाने के लिये प्रोजेक्ट ड्रेजिंग एंड रीवर चैनेलाइजेशन का कार्य शुरू हुआ था। परियोजना में मुख्य रूप से नदियों की खुदाई कर नई धारा का निर्माण करना, तटबंध की कटान को रोक कर बाढ़ की समस्या को टालना था। क्षेत्र के ऐली परसौली गांव के पास सरयू नदी पर भिखारीपुर सकरौर तटबंध पर बीते साल ही घोड़हनपुरवा तटबंध से एक किलोमीटर दक्षिण 7.3 किमी लंबाई में 45 मीटर का चैनल भी बनाया गया था। विष्य में तटबंध के सुरक्षित रहने के साथ ही बाढ़ की आपदा भी कम होने का दावा किया गया था। दावा सही साबित न हो पाने के बाद 11.57 करोड़ की लागत से ड्रेजिंग परियोजना तैयार हुई थी। वर्तमान में नई धारा बनाने की सारी कवायद धरी रह गई और ऐली परसौली के पास एक नया रिंग बांध बनाना पड़ रहा है। वहीं ड्रेजिंग का भी कोई असर दिखाई नहीं पड़ रहा है।
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वर्तमान में चंदापुर किटौली के पास तटबंध से सटकर नदी बह रही है। अब यहां पर ड्रेजिंग मशीन से नदी को धारा मोड़े जाने की कवायद बीते तीन माह से फिर से शुरू हुई है। धीमी गति से हो रहे कार्य के कारण अब मानसून के बीच में धारा को मोड़ा जाना चुनौतीपूर्ण बना है। हालांकि बाढ़ कार्य खंड के अधिशासी अभियंता बीएन शुक्ल कहते हैं कि काफी काम हो चुका है और तटबंध अभी सुरक्षित है। धारा मोड़ने के साथ ही तटबंध के बचाव के लिए अन्य कार्य भी किए जा रहे हैं। (संवाद)
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तटबंध का औचक निरीक्षण
जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए करनैलगंज तहसील के तटबंध इलाके का औचक निरीक्षण भी किया। इस दौरान वह एलग्रिन चरसड़ी तटबंध के करीब में बसे नकहरा गांव पहुंचे और तटबंध की मजबूती को परखा। निर्देश दिया कि नदी की स्थिति पर बराबर नजर बनाए रखी जाए और तटबंध की सुरक्षा के लिए विभागीय जिम्मेदार पूरी तरह सतर्कता बरते ताकि बांध को किसी तरह का कोई नुकसान न होने पाए। उन्होंने करनैलगंज के एसडीएम को भी बाढ़ की संभावनाओं को देखते हुए राहत और बचाव कार्य की तैयारी समय रहते पूरी कराने को निर्देशित किया।

तटबंधों की सुरक्षा के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। चंदापुर किटौली के पास बांध की सुरक्षा के लिए कार्य की गति को तेज कराने के साथ ही नदी के जलस्तर की नियमित निगरानी और समीक्षा भी की जा रही है। डॉ. उज्जवल कुमार, जिलाधिकारी
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