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आकस्मिक सेवाएं ठप, जर्जर आवास बना जी का जंजाल
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गोंडा। विकास खंड छपिया के मसकनवा बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मसकनवा में ओपीडी के बाद इमरजेंसी सेवा बंद है। चिकित्सक सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के रहने के लिए बने 10 आवास भी पूरी तरह जर्जर हैं।
ऐसे में उन्हें पीएचसी से दूर जाकर रहना पड़ रहा है। इस कारण यहां के लोगों को रात में इमरजेंसी की सुविधा नहीं मिल पा रही है। कस्बे सहित आसपास गांव के मरीजों को रात में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
मसकनवा पीएचसी में केवल ओपीडी का संचालन होता है। पीएचसी पर प्रसव केंद्र में 24 घंटे प्रसव कराने की व्यवस्था उपलब्ध है। स्वास्थ्य केंद्र पर एक चिकित्सक व फार्मासिस्ट, एक एलए, दो एएनएम व तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी स्थाई रूप से नियुक्त हैं।
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संविदा पर एक चिकित्सक व दो स्टाफ नर्स की तैनाती है। पीएचसी में चिकित्सक, फार्मासिस्ट, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के रहने के लिए 10 आवास बने हैं। सभी आवास जर्जर व मरम्मत योग्य हैं।
स्वास्थ्य केंद्र में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए पिछले माह से आरओ मशीन मंगाकर रखी गई है, जिसे लगवाया नहीं जा सका है। जेनरेटर पांच सालों से खराब पड़ा है। कुछ माह पहले पीएचसी का जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के बाद ओपीडी भवन के छत की मरम्मत व ओपीडी भवन के साथ लेबर रूम की रंगाई पुताई कराई गई। आवासों का मरम्मत कार्य नहीं कराया गया।
स्वास्थ्य केंद्र के पास मसकनवा बजार, खालेगांव, खपरीपारा, पटखौली, दुबौली, फुटहिया, शीतलगंज ग्रांट, मनीपुर, महुलीखोरी, पांडेपुरवा, भवाजीतपुर, सोहिला, बासुदेवपुर ग्रांट, भोपतपुर सहित स्वास्थ केंद्र से कम दूरी पर स्थिति मनकापुर ब्लाक के गोपालपुर, तुरकौली, सुमेरपुर, गड़रही, ऐलनपुर सहित दर्जनों गांव के लोग दवा के लिए आते हैं।
ओपीडी के बाद स्वास्थ्य केंद्र पर इमरजेंसी सेवा न होने से सड़क दुर्घटना में घायल लोगों व अन्य मरीजों को ज्यादा दूरी तय करके सीएचसी छपिया या मनकापुर उपचार के लिए जाना पड़ता है। मरीजों को परेशान हो रहे हैं। पीएचसी की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ करूणा गुप्ता ने बताया कि आवासीय भवन जर्जर होने के कारण समस्या हो रही है। सूचना विभाग के उच्च अधिकारीयों को दी गई है।
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ऐसे में उन्हें पीएचसी से दूर जाकर रहना पड़ रहा है। इस कारण यहां के लोगों को रात में इमरजेंसी की सुविधा नहीं मिल पा रही है। कस्बे सहित आसपास गांव के मरीजों को रात में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
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मसकनवा पीएचसी में केवल ओपीडी का संचालन होता है। पीएचसी पर प्रसव केंद्र में 24 घंटे प्रसव कराने की व्यवस्था उपलब्ध है। स्वास्थ्य केंद्र पर एक चिकित्सक व फार्मासिस्ट, एक एलए, दो एएनएम व तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी स्थाई रूप से नियुक्त हैं।
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संविदा पर एक चिकित्सक व दो स्टाफ नर्स की तैनाती है। पीएचसी में चिकित्सक, फार्मासिस्ट, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के रहने के लिए 10 आवास बने हैं। सभी आवास जर्जर व मरम्मत योग्य हैं।
स्वास्थ्य केंद्र में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए पिछले माह से आरओ मशीन मंगाकर रखी गई है, जिसे लगवाया नहीं जा सका है। जेनरेटर पांच सालों से खराब पड़ा है। कुछ माह पहले पीएचसी का जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के बाद ओपीडी भवन के छत की मरम्मत व ओपीडी भवन के साथ लेबर रूम की रंगाई पुताई कराई गई। आवासों का मरम्मत कार्य नहीं कराया गया।
स्वास्थ्य केंद्र के पास मसकनवा बजार, खालेगांव, खपरीपारा, पटखौली, दुबौली, फुटहिया, शीतलगंज ग्रांट, मनीपुर, महुलीखोरी, पांडेपुरवा, भवाजीतपुर, सोहिला, बासुदेवपुर ग्रांट, भोपतपुर सहित स्वास्थ केंद्र से कम दूरी पर स्थिति मनकापुर ब्लाक के गोपालपुर, तुरकौली, सुमेरपुर, गड़रही, ऐलनपुर सहित दर्जनों गांव के लोग दवा के लिए आते हैं।
ओपीडी के बाद स्वास्थ्य केंद्र पर इमरजेंसी सेवा न होने से सड़क दुर्घटना में घायल लोगों व अन्य मरीजों को ज्यादा दूरी तय करके सीएचसी छपिया या मनकापुर उपचार के लिए जाना पड़ता है। मरीजों को परेशान हो रहे हैं। पीएचसी की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ करूणा गुप्ता ने बताया कि आवासीय भवन जर्जर होने के कारण समस्या हो रही है। सूचना विभाग के उच्च अधिकारीयों को दी गई है।