{"_id":"65301fe6afd33ee3150e8378","slug":"registered-ultrasound-centers-operating-over-74-200-gonda-news-c-100-1-gon1001-6198-2023-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटर 74, 200 से अधिक का संचालन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटर 74, 200 से अधिक का संचालन
Wed, 18 Oct 2023 11:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 18 Oct 2023 11:42 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। स्वास्थ्य विभाग ने अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर शिकंजा कसने की रणनीति तैयार की है। मुख्यालय से लेकर कस्बों तक संचालित अल्ट्रासाउंट सेंटरों की स्क्रीनिंग के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की टीम तैयार की गई है। जो गोपनीय तरीके से सेंटर पर पहुंचकर मानक व पंजीकरण की स्थित खंगालेंगे। सीएमओ कार्यालय में पीसीपीएनडीटी के तहत 74 अल्ट्रासाउंड सेंटर पंजीकृत हैं। जबकि जिले भर में 200 से अधिक सेंटर संचालित हो रहे हैं।
पिछले एक महीने में अवैध अल्ट्रासाउंड पर गलत रिपोर्ट देने की दो गंभीर शिकायतें मिल चुकी हैं। विगत 15 सितंबर को महिला अस्पताल के सामने संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर पर गलत रिपोर्ट देने और एक निजी नर्सिंगहोम पर गलत रिपोर्ट के आधार पर गर्भपात कराने का आरोप लगाकर हंगामा किया गया था। वहीं, सात अक्तूबर को भी एक ही जांच की दो तरह से रिपोर्ट मिलने को लेकर हंगामा हुआ था।
स्वास्थ्य विभाग के आकड़ों में 74 अल्ट्रासाउंड सेंटर का पंजीकरण किया गया है। लेकिन अकेले स्टेशन रोड पर 38 अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हैं। सबसे अधिक सेंटर मेडिकल कॉलेज के सामने व महिला अस्पताल के पास स्थित हैं। अब स्वास्थ्य विभाग ने अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों की स्क्रीनिंग के लिए रणनीति तैयार की है।
विज्ञापन
एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा ने बताया कि नगर क्षेत्र के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की एक टीम बनाई गई है। इस टीम के सदस्य ग्राहक बनकर सेंटर पर पहुंचेगे और वहां पंजीकरण, रेडियोलॉजिस्ट की उपस्थिति सहित अन्य मानकों की जांच करेंगे। उसके बाद संबंधित सेंटर पर औचक निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में सीएचसी अधीक्षक व सीएचओ को अवैध हॉस्पिटल, पैथोलॉजी व अल्ट्रासाउंड सेंटरों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विज्ञापन
पिछले एक महीने में अवैध अल्ट्रासाउंड पर गलत रिपोर्ट देने की दो गंभीर शिकायतें मिल चुकी हैं। विगत 15 सितंबर को महिला अस्पताल के सामने संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर पर गलत रिपोर्ट देने और एक निजी नर्सिंगहोम पर गलत रिपोर्ट के आधार पर गर्भपात कराने का आरोप लगाकर हंगामा किया गया था। वहीं, सात अक्तूबर को भी एक ही जांच की दो तरह से रिपोर्ट मिलने को लेकर हंगामा हुआ था।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के आकड़ों में 74 अल्ट्रासाउंड सेंटर का पंजीकरण किया गया है। लेकिन अकेले स्टेशन रोड पर 38 अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हैं। सबसे अधिक सेंटर मेडिकल कॉलेज के सामने व महिला अस्पताल के पास स्थित हैं। अब स्वास्थ्य विभाग ने अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों की स्क्रीनिंग के लिए रणनीति तैयार की है।
विज्ञापन
एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा ने बताया कि नगर क्षेत्र के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की एक टीम बनाई गई है। इस टीम के सदस्य ग्राहक बनकर सेंटर पर पहुंचेगे और वहां पंजीकरण, रेडियोलॉजिस्ट की उपस्थिति सहित अन्य मानकों की जांच करेंगे। उसके बाद संबंधित सेंटर पर औचक निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में सीएचसी अधीक्षक व सीएचओ को अवैध हॉस्पिटल, पैथोलॉजी व अल्ट्रासाउंड सेंटरों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।