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Gonda News: लक्ष्मण की मूर्छा टूटते ही राम दल में गूंजे जयकारे
Fri, 30 Oct 2026 11:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 30 Oct 2026 11:36 PM IST
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कटरा शिवदयालगंज में रामलीला प्रस्तुत करते कलाकार। स्रोत: सोशल मीडिया
नवाबगंज। कटरा शिवदयालगंज में श्री अवध रामलीला समिति की ओर से आयोजित रामलीला महोत्सव में बृहस्पतिवार रात लक्ष्मण शक्ति की लीला का मंचन किया गया। शुभारंभ शिव परिवार की भव्य झांकी सजाकर आरती-पूजन के साथ हुआ।
मंचन में दिखाया गया कि युद्ध में लगातार पराजय से परेशान रावण ने अपने प्रतापी पुत्र मेघनाद को रणभूमि में भेजा। मेघनाद ने लक्ष्मण पर ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया, जिससे वह मूर्छित होकर गिर पड़े। लक्ष्मण को अचेत देख राम दल में शोक छा गया। विभीषण के परामर्श पर हनुमान जी लंका पहुंचे और राजवैद्य सुषेण को अपने साथ राम दल में ले आए।
सुषेण ने लक्ष्मण के उपचार के लिए संजीवनी बूटी लाने को कहा। हनुमान जी द्रोणागिरि पर्वत पहुंचे, रास्ते में उन्होंने कालनेमि राक्षस का वध किया। संजीवनी बूटी की पहचान नहीं कर पाने पर वह पूरा पर्वत ही उठा लाए। रास्ते में अयोध्या में उनकी भेंट भरत से हुई। इसके बाद हनुमान जी पर्वत लेकर राम दल पहुंचे। सुषेण वैद्य ने संजीवनी बूटी पिलाई तो लक्ष्मण की मूर्छा टूट गई। इसके साथ ही राम दल जयकारों से गूंज उठा।
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मंचन में दिखाया गया कि युद्ध में लगातार पराजय से परेशान रावण ने अपने प्रतापी पुत्र मेघनाद को रणभूमि में भेजा। मेघनाद ने लक्ष्मण पर ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया, जिससे वह मूर्छित होकर गिर पड़े। लक्ष्मण को अचेत देख राम दल में शोक छा गया। विभीषण के परामर्श पर हनुमान जी लंका पहुंचे और राजवैद्य सुषेण को अपने साथ राम दल में ले आए।
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सुषेण ने लक्ष्मण के उपचार के लिए संजीवनी बूटी लाने को कहा। हनुमान जी द्रोणागिरि पर्वत पहुंचे, रास्ते में उन्होंने कालनेमि राक्षस का वध किया। संजीवनी बूटी की पहचान नहीं कर पाने पर वह पूरा पर्वत ही उठा लाए। रास्ते में अयोध्या में उनकी भेंट भरत से हुई। इसके बाद हनुमान जी पर्वत लेकर राम दल पहुंचे। सुषेण वैद्य ने संजीवनी बूटी पिलाई तो लक्ष्मण की मूर्छा टूट गई। इसके साथ ही राम दल जयकारों से गूंज उठा।

कटरा शिवदयालगंज में रामलीला प्रस्तुत करते कलाकार। स्रोत: सोशल मीडिया
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