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Gonda News: मानव जीवन का पथ प्रदर्शक ग्रंथ है रामचरितमानस
Fri, 16 Jan 2026 11:32 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 16 Jan 2026 11:32 PM IST
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बालपुर। हनुमंत नगर कॉलोनी स्थित बड़े हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित रामकथा के प्रथम दिवस बृहस्पतिवार की शाम को प्रवाचक विनोद शास्त्री ने रामचरितमानस की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानस केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सदाचार, मर्यादा और कर्तव्य के मार्ग पर अग्रसर करने वाला अनुपम साहित्य है।
प्रवाचक ने कहा कि रामचरितमानस में वर्णित मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का चरित्र आज के समाज के लिए आदर्श प्रस्तुत करता है। माता-पिता का सम्मान, गुरु की आज्ञा का पालन, सत्य, त्याग और न्याय के मार्ग पर अडिग रहना, ये सभी मूल्य आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने राम के युग में थे।
उन्होंने कहा कि यदि समाज रामचरितमानस के आदर्शों को अपने जीवन में उतार ले, तो पारिवारिक, सामाजिक और नैतिक समस्याओं का समाधान स्वयं हो सकता है। रामकथा न केवल भक्ति का मार्ग दिखाती है, बल्कि मानव को जीवन जीने की सही दिशा भी प्रदान करती है।
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श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से रामकथा का श्रवण किया। इस अवसर पर प्रयाग दत्त मिश्र, नरेंद्र सिंह, शिवानंद मिश्र, द्वारिका सिंह, ओमप्रकाश सिंह, वेलकम तिवारी, थानेदार मिश्र, राम गुलाम तिवारी, गयाप्रसाद शुक्ल आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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प्रवाचक ने कहा कि रामचरितमानस में वर्णित मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का चरित्र आज के समाज के लिए आदर्श प्रस्तुत करता है। माता-पिता का सम्मान, गुरु की आज्ञा का पालन, सत्य, त्याग और न्याय के मार्ग पर अडिग रहना, ये सभी मूल्य आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने राम के युग में थे।
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उन्होंने कहा कि यदि समाज रामचरितमानस के आदर्शों को अपने जीवन में उतार ले, तो पारिवारिक, सामाजिक और नैतिक समस्याओं का समाधान स्वयं हो सकता है। रामकथा न केवल भक्ति का मार्ग दिखाती है, बल्कि मानव को जीवन जीने की सही दिशा भी प्रदान करती है।
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श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से रामकथा का श्रवण किया। इस अवसर पर प्रयाग दत्त मिश्र, नरेंद्र सिंह, शिवानंद मिश्र, द्वारिका सिंह, ओमप्रकाश सिंह, वेलकम तिवारी, थानेदार मिश्र, राम गुलाम तिवारी, गयाप्रसाद शुक्ल आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।