{"_id":"6333353c5ae45c2a2739cea7","slug":"rain-flud-gonda-news-lko650386885","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda: बाढ़ व बारिश से बेघर हुए 500 गरीबों को झटका, बजट लटका, पन्नी तानकर रहने को मजबूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda: बाढ़ व बारिश से बेघर हुए 500 गरीबों को झटका, बजट लटका, पन्नी तानकर रहने को मजबूर
Wed, 28 Sep 2022 05:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संजय तिवारी, अमर उजाला, गोंडा
संजय तिवारी, अमर उजाला, गोंडा
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 28 Sep 2022 05:24 PM IST
सार
मुख्यमंत्री आवास योजना की स्वीकृति के बाद भी बजट जारी न होने से 500 गरीबों को झटका लगा है। लाभार्थियों को आवास निर्माण के बजट पर जुलाई से ही रोक लगा दी गई है।
विज्ञापन
इस तरह रहने को मजबूर हैं गरीब परिवार।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोंडा जिले में बाढ़ और बारिश में कई गरीबों का आशियाना उजड़ गया है। ऐसे गरीबों को मुख्यमंत्री आवास देने की व्यवस्था है, पात्रों का चयन भी हो चुका है। 500 गरीबों को मुख्यमंत्री आवास योजना से बजट भी स्वीकृति हो गया था, मगर ग्राम्य विकास विभाग ने बजट पर जुलाई में रोक लगा दी थी। अभी तक उन गरीबों को आवास नहीं मिल सका है, जो बाढ़ या बारिश से बेघर हो गए हैं। जुलाई माह से अधिकारी भी रोक पर चुप्पी साधे हैं।
विज्ञापन
एक तो प्रधानमंत्री आवास योजना से इस बार अभी तक बजट का आवंटन नहीं हो सका है। वहीं बाढ़, बारिश या आपदा में बेघर हुए लोगों को प्रदेश सरकार की ओर से मुख्यमंत्री आवास योजना से आवंटन की योजना से बजट की व्यवस्था थी। इसके तहत पात्रों का चयन तहसील और ग्राम्य विकास विभाग की संयुक्त जांच के बाद हुआ। 500 बेघरों को आवास के लिए बजट दिए जाने की स्वीकृति हो गई थी। माह जुलाई में उपायुक्त ग्राम्य विकास विभाग की ओर से जारी निर्देश में बजट आवंटन पर रोक लगा दी गई। साथ ही पंजीकरण बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
उस समय ग्राम्य विकास उपायुक्त ने स्पष्ट किया था कि बजट आवंटन करने के लिए अलग से निर्देश दिए जाएंगे। अधिकारी तभी से इंतजार कर रहे हैं। अभी तक बेघरों को आवास योजना से बजट दिए जाने का आदेश जारी नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि इस बार एक तो प्रधानमंत्री आवास योजना से बजट व लक्ष्य तक तय नहीं है। ऊपर से राज्य सरकार की ओर से संचालित योजना भी बेघरों को आसरा नहीं दे पा रही है।
विज्ञापन
दो-दो आवास की योजनाएं, फिर भी बेघर हैं 16 हजार लोग
जिले में गरीब कल्याण की योजनाओं की समीक्षा अधिकारी व जनप्रतिनिधि तक कर रहे हैं। बेघरों को आवास देने के लिए दो-दो योजनाएं संचालित हैं। केंद्र से प्रधानमंत्री आवास योजना संचालित है और राज्य सरकार ने भी मुख्यमंत्री आवास योजना संचालित कर रखा है। इसके बाद भी 16 हजार लोग बेघर हैं, माना जा रहा है कि इस बार आवास का बजट देने में देरी हो रही है। मुख्यमंत्री आवास योजना से आपदा से बेघर हुए लोगों को उम्मीदें थीं लेकिन वह टूटती दिख रहीं हैं। इससे लोगों को झटका लगा है।
घर न होने का दर्द ऐसा कि भर आईं आंखें
आपदाओं से बेघर हुए लोगों के पास बेघर होने के बाद अलग ही दर्द है। मांझा राठ के गंगा यादव कहते हैं कि सड़क किनारे किसी तरह गुजर बसर हो रहा है। घर न होने से बच्चों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह जैतपुर माझा के माया देवी कहती हैं कि आवास योजना से लाभ मिलने की उम्मीद है। कई बार आश्वासन मिला है, लेकिन आवास नहीं मिल सका है। वहीं, ऐली परसौली में बेघर हुए कई लोग आवास का इंतजार कर रहे हैं। तहसीलों से कई बेघर लोगों की संस्तुति भेजी गई है, लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं।
परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास चंद्रशेखर का कहना है कि मुख्यमंत्री आवास योजना से बजट आवंटन करने के लिए अभी रोक नहीं हटी है। आदेश जारी होने पर मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को बजट जारी किया जाएगा। ,