{"_id":"62bc982b3c34bf0cb638c03e","slug":"rain-flud-gonda-news-lko6374231198","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ की भी दस्तक, दो तहसील में अलर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ की भी दस्तक, दो तहसील में अलर्ट
विज्ञापन
फोटो-5-गोंडा के एनआईसी में वीडियो कान्फ्रेंसिंग में मौजूद डीएम व अन्य अधिकारी। -संवाद
- फोटो : GONDA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। मानसून के साथ बाढ़ का खतरा भी मंडराने लगा है। करनैलगंज और तरबगंज तहसील के 24 से अधिक गांवों में बाढ़ के संभावित संकट से निपटने की तैयारी प्रशासन ने पूरी कर ली है। 24 बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की तैनाती कर निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही 34 शरणालय बनाए गए हैं, जिससे बाढ़ की स्थिति होने पर प्रभावित लोगों के रोकने की व्यवस्था है। भोजन, पेयजल आदि की व्यवस्था का टेंडर भी करा दिया है। मुख्यमंत्री ने बाढ़ के संभावित संकट से निपटने की तैयारियों की एनआईसी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा किया। बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने तैयारियों की जानकारी दी। डीएम ने दोनों तहसीलों के अधिकारियों को सतर्क कर दिया है और साफ कहा कि बाढ़ की स्थिति पर नियमित नजर रखें, किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार रहें।
बारिश के साथ ही नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ का संकट ज्यादा बढ़ जाता है। इस बार बारिश में देरी होने से बाढ़ का खतरा अभी तक नहीं रहा। दो दिनों से रह- रहकर बारिश होने और नेपाल में पहाड़ी नालों से पानी आने के संकेत से प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। करनैलगंज व तरबगंज के अधिकारियों व कर्मचारियों को सतर्क किया है। सात जुलाई को बाढ़ क्षेत्र में मॉकड्रिल कराने की तैयारी की गई है। जिससे बाढ़ के समय बचाव व राहत कार्य का अभ्यास भी लोगों को रहे। पशुपालन विभाग को बाढ़ चौकियों पर ड्यूटी दी गई है, जिससे संभावित बाढ़ के खतरे के समय पशुओं के चारे का इंतजाम हो सके और दवाओं की व्यवस्था हो। साथ ही सीएमओ को बाढ़ चौकियों पर दवाओं के इंतजाम करने को कहा गया है।
एडीएम सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि तीन सौ नावों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें जरूरत पड़ने पर आम लोगों की मदद के लिए लगाया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सीएम ने जिले में की जा रही तैयारियों की जानकारी किया। साथ ही निर्देश दिया कि पूरी सतर्कता बरती जाए और बाढ़ के समय किसी को दिक्कत न होने पाए।
विज्ञापन
इनसेट
ऐली बांध के निर्माण को जल्द पूरा करने पर जोर
भिखारीपुर सकरौर बांध ऐली परसौली गांव तक बना है। इसमें कटान होने की जानकारी से रिंग बांध का निर्माण हो रहा है। बीते दिनों जिलाधिकारी ने बांध का निरीक्षण भी किया था और चल रहे कार्य को समय से पूरा कराने की हिदायत दी थी। चंदापुर किटौली के पास भी बाढ़ का ज्यादा खतरा रहता है। डीएम ने निरीक्षण कर जरूरी कार्य कराने के निर्देश दिए थे। डीएम ने बाढ़ खंड के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द बांध व अन्य निर्माण कार्य पूरे करा लिए जाएं। बांध से किसी तरह की दिक्कत लोगों को न हो।
वर्जन-
बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है और नियमित निगरानी की जा रही है। किसी तरह से बाढ़ प्रभावितों को परेशानी न होने पाए, इसके लिए तैयारी पूरी है। अभी फिलहाल बाढ़ की स्थिति नही है।
- सुरेश कुमार सोनी, एडीएम
विज्ञापन
बारिश के साथ ही नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ का संकट ज्यादा बढ़ जाता है। इस बार बारिश में देरी होने से बाढ़ का खतरा अभी तक नहीं रहा। दो दिनों से रह- रहकर बारिश होने और नेपाल में पहाड़ी नालों से पानी आने के संकेत से प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। करनैलगंज व तरबगंज के अधिकारियों व कर्मचारियों को सतर्क किया है। सात जुलाई को बाढ़ क्षेत्र में मॉकड्रिल कराने की तैयारी की गई है। जिससे बाढ़ के समय बचाव व राहत कार्य का अभ्यास भी लोगों को रहे। पशुपालन विभाग को बाढ़ चौकियों पर ड्यूटी दी गई है, जिससे संभावित बाढ़ के खतरे के समय पशुओं के चारे का इंतजाम हो सके और दवाओं की व्यवस्था हो। साथ ही सीएमओ को बाढ़ चौकियों पर दवाओं के इंतजाम करने को कहा गया है।
विज्ञापन
एडीएम सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि तीन सौ नावों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें जरूरत पड़ने पर आम लोगों की मदद के लिए लगाया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सीएम ने जिले में की जा रही तैयारियों की जानकारी किया। साथ ही निर्देश दिया कि पूरी सतर्कता बरती जाए और बाढ़ के समय किसी को दिक्कत न होने पाए।
विज्ञापन
इनसेट
ऐली बांध के निर्माण को जल्द पूरा करने पर जोर
भिखारीपुर सकरौर बांध ऐली परसौली गांव तक बना है। इसमें कटान होने की जानकारी से रिंग बांध का निर्माण हो रहा है। बीते दिनों जिलाधिकारी ने बांध का निरीक्षण भी किया था और चल रहे कार्य को समय से पूरा कराने की हिदायत दी थी। चंदापुर किटौली के पास भी बाढ़ का ज्यादा खतरा रहता है। डीएम ने निरीक्षण कर जरूरी कार्य कराने के निर्देश दिए थे। डीएम ने बाढ़ खंड के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द बांध व अन्य निर्माण कार्य पूरे करा लिए जाएं। बांध से किसी तरह की दिक्कत लोगों को न हो।
वर्जन-
बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है और नियमित निगरानी की जा रही है। किसी तरह से बाढ़ प्रभावितों को परेशानी न होने पाए, इसके लिए तैयारी पूरी है। अभी फिलहाल बाढ़ की स्थिति नही है।
- सुरेश कुमार सोनी, एडीएम