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Gonda News: 16 माह बाद भी ड्यूटी पर नहीं लौटे रेडियोलॉजिस्ट, एक करोड़ की होगी वसूली

Sat, 04 Jan 2025 11:08 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sat, 04 Jan 2025 11:08 PM IST
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Radiologist did not return to duty even after 16 months, Rs 1 crore to be recovered
गोंडा। पहले से ही रेडियोलॉजिस्ट की कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य विभाग को एक और झटका लगा है। सरकारी छूट लेकर पीजी (स्नातकोत्तर) की पढ़ाई करने वाले एक रेडियोलॉजिस्ट भी सेवा देने से पीछे हट गए। पीजी की पढ़ाई खत्म होने के 16 महीने बाद भी सेवा शुरू नहीं करने पर तरबगंज सीएचसी पर तैनात डॉ. धीरज कुमार गुप्ता को शासन ने अब बंधन पत्र के एक करोड़ रुपये जमा कराने के लिए नोटिस जारी किया है।
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मेडिकल कॉलेज व जिला महिला अस्पताल में एक भी नियमित रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है। महिला अस्पताल में सेवानिवृत रेडियोलॉजिस्ट डॉ. पीके श्रीवास्तव को संविदा पर पुनर्नियुक्ति देकर काम चलाया जा रहा है, तो वहीं मेडिकल कॉलेज में सीनियर रेजिडेंट डॉ. हर्षा गारा, डॉ. शुभम आर्य व डॉ. प्रताप के सहारे मरीजों की जांच हो रही है।
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तरबगंज सीएचसी में 14 दिसंबर 2012 को तैनात हुए डॉ. धीरज गुप्ता ने जुलाई 2020 में पीजी की पढ़ाई के लिए इस शर्त पर अनुमति मांगी कि वह विशेषज्ञ चिकित्सक बनकर मरीजों की सेवा करेंगे। शर्त के अनुसार उन्हें सितंबर 2023 में ड्यूटी जॉइन करनी थी, लेकिन बिना कोई सूचना दिए ही वह 16 महीने से नदारद हैं।
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डॉ. धीरज गुप्ता के ड्यूटी पर नहीं आने की सूचना सीएमओ की ओर से शासन को भेज दी गई। बांड के शर्तों को अनदेखा करने के आरोप में प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पार्थ सारथी सेन शर्मा ने डॉ. धीरज को बंधन पत्र के एक करोड़ रुपये जमा कराने का नोटिस जारी किया है। रकम जमा नहीं करने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि डॉ. धीरज गुप्ता को शासन की ओर से नोटिस भेज दिया गया है।

यह है व्यवस्था
एमबीबीएस के बाद पांच साल तक सरकारी अस्पतालों में सेवा देने वाले डॉक्टरों को एमडी या एमएस की पढ़ाई के लिए 30 प्रतिशत अंक की वरीयता दी जाती है। मगर इन डॉक्टरों को 10 साल तक सरकारी अस्पतालों में सेवा देना अनिवार्य होता है। इसके लिए एक करोड़ रुपये का बंधन पत्र भरवाया जाता है। यदि डॉक्टर ने सरकारी सेवाएं नहीं दीं तो बंधन पत्र के नियमों के अनुसार उन्हें एक करोड़ रुपये सरकारी खाते में जमा करना होगा।
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