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होनहार छात्र बनेंगे रोल माड़ल, शैक्षिक क्रांति को देंगे रफ्तार
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गोंडा। बेसिक शिक्षा के 900 से अधिक जूनियर हाईस्कूल और कंपोजिट स्कूलों में नई पहल की आगाज हुई है। शिक्षकों ने मेधावी छात्रों को रोल माडल के रूप में प्रस्तुत कर छात्रों को प्रेरित करेंगे।
इसकी शुरूआत शनिवार को झंझरी के एआरपी ( एकाडेमिक रिसोर्स पर्सन ) मोहम्मद अनीस ने कंपोजिट स्कूल कपूरपुर से कराई है। वहां के शिक्षकों की ओर से मेधावी छात्रा मधु का चयन किया गया। मधु को सम्मानित करके छात्रों को प्रेरित किया गया।
परिषदीय स्कूलों में शिक्षा के लिए हो रहे नवाचार से उम्मीदें बढ़ रहीं हैं। कंपोजिट स्कूल कपूरपुर में कक्षा 7 की छात्रा मधु को एआरपी मोहम्मद अनीस के साथ प्रधानाध्यापक ओम शंकर यादव, अनुराधा उपाध्याय, न्यूमी गुप्ता ने सम्मानित किया। वहीं ऐसी ही पहल अन्य स्कूलों में किये जा रहे हैं।
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कई स्कूलों में गतिविधियों का आयोजन करके आगे बढ़ाया जा रहा है। एआरपी मोहम्मद अनीस ने बताया कि बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करने और हौंसला बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी कोमल यादव लगातार प्रयास कर रहे हैं और इसके दूरगामी परिणाम सामने होंगे। वहीं क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य जमुना सिंह, प्रधान सुरेश चौबे ने भी पहल को सराहा।
जिले के बेसिक स्कूलों में पढ़ रहे 76 नेत्रहीन छात्रों के जीवन में स्पेशल टैबलेट बड़ा बदलाव लाने जा रहे हैं। पूर्ण दृष्टि दिव्यांग छात्र-छात्राओं को मुख्य धारा से जोड़ने की पहल हो रही है। विभाग इन टैबलेट का वितरण करने की तैयारी पूरी कर रहा है। इससे ऑटो बिल्ड ऑडियो सिस्टम के जरिए नेत्रहीन छात्र आसानी से पढ़ाई कर सकेंगे। इससे उन्हें करियर बनाने में भी आसानी होगी।
यूनिसेफ के सहयोग से विभाग दिव्यांग छात्र-छात्राओं को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए लगातार अभियान चला रही है। अब नेत्रहीन छात्र-छात्राओं को ऐसे टैबलेट देने की योजना तैयार हुई है, जो उनकी पढ़ाई को सुगम बनाएंगे।
इन टैबलेट में ऑटो बिल्ड ऑडियो सिस्टम रहेगा। ऑडियो के माध्यम से बच्चे टैबलेट पर शैक्षिक सामग्री को सुन सकेंगे। यह मूल रूप से गणित और भाषा की दक्षताओं पर आधारित है। यह टैबलेट बच्चों को स्थायी रूप से दिए जाएंगे।
उनमें इस प्रकार की तकनीक विकसित की जाएगी कि छात्र अपनी कक्षा और विषय अनुसार ऑडियो को स्वयं से संचालित कर सुन सकेंगे। जिला समन्वयक समेकित शिक्षा राजेश सिंह ने बताया कि शासन से टेबलेट मिल गया है। जल्द ही वितरण किया जाएगा। ऐसे छात्रों को पढ़ाने के लिए 10 एजूकेटर भी लगाए गए हैं।
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इसकी शुरूआत शनिवार को झंझरी के एआरपी ( एकाडेमिक रिसोर्स पर्सन ) मोहम्मद अनीस ने कंपोजिट स्कूल कपूरपुर से कराई है। वहां के शिक्षकों की ओर से मेधावी छात्रा मधु का चयन किया गया। मधु को सम्मानित करके छात्रों को प्रेरित किया गया।
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परिषदीय स्कूलों में शिक्षा के लिए हो रहे नवाचार से उम्मीदें बढ़ रहीं हैं। कंपोजिट स्कूल कपूरपुर में कक्षा 7 की छात्रा मधु को एआरपी मोहम्मद अनीस के साथ प्रधानाध्यापक ओम शंकर यादव, अनुराधा उपाध्याय, न्यूमी गुप्ता ने सम्मानित किया। वहीं ऐसी ही पहल अन्य स्कूलों में किये जा रहे हैं।
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कई स्कूलों में गतिविधियों का आयोजन करके आगे बढ़ाया जा रहा है। एआरपी मोहम्मद अनीस ने बताया कि बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करने और हौंसला बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी कोमल यादव लगातार प्रयास कर रहे हैं और इसके दूरगामी परिणाम सामने होंगे। वहीं क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य जमुना सिंह, प्रधान सुरेश चौबे ने भी पहल को सराहा।
जिले के बेसिक स्कूलों में पढ़ रहे 76 नेत्रहीन छात्रों के जीवन में स्पेशल टैबलेट बड़ा बदलाव लाने जा रहे हैं। पूर्ण दृष्टि दिव्यांग छात्र-छात्राओं को मुख्य धारा से जोड़ने की पहल हो रही है। विभाग इन टैबलेट का वितरण करने की तैयारी पूरी कर रहा है। इससे ऑटो बिल्ड ऑडियो सिस्टम के जरिए नेत्रहीन छात्र आसानी से पढ़ाई कर सकेंगे। इससे उन्हें करियर बनाने में भी आसानी होगी।
यूनिसेफ के सहयोग से विभाग दिव्यांग छात्र-छात्राओं को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए लगातार अभियान चला रही है। अब नेत्रहीन छात्र-छात्राओं को ऐसे टैबलेट देने की योजना तैयार हुई है, जो उनकी पढ़ाई को सुगम बनाएंगे।
इन टैबलेट में ऑटो बिल्ड ऑडियो सिस्टम रहेगा। ऑडियो के माध्यम से बच्चे टैबलेट पर शैक्षिक सामग्री को सुन सकेंगे। यह मूल रूप से गणित और भाषा की दक्षताओं पर आधारित है। यह टैबलेट बच्चों को स्थायी रूप से दिए जाएंगे।
उनमें इस प्रकार की तकनीक विकसित की जाएगी कि छात्र अपनी कक्षा और विषय अनुसार ऑडियो को स्वयं से संचालित कर सुन सकेंगे। जिला समन्वयक समेकित शिक्षा राजेश सिंह ने बताया कि शासन से टेबलेट मिल गया है। जल्द ही वितरण किया जाएगा। ऐसे छात्रों को पढ़ाने के लिए 10 एजूकेटर भी लगाए गए हैं।