{"_id":"5fa2d7cc8ebc3e9bea14efed","slug":"problems-in-account-holders-due-to-shortage-of-staff-gonda-news-lko5486295152","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्मचारियों की कमी से खाताधारकों को लेनदेन में परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्मचारियों की कमी से खाताधारकों को लेनदेन में परेशानी
विज्ञापन
करनैलगंज (गोंडा)। करनैलगंज क्षेत्र का सबसे बड़ा खाताधारकों का भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारियों की कमी के वजह से खाताधारकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। इस बैंक शाखा में करनैलगंज के बड़े व्यापारियों और बड़े काश्तकारों के साथ साथ क्षेत्र के सबसे अधिक लोगों के बैंक खाते हैं। जहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में खाताधारकों की पैसा जमा व निकासी करने के लिए लाइन बैंक के गेट से बाहर तक लग जाती है। मगर बैंक में बैंक कर्मचारियों की कमी एवं मनमानी के चलते बैंक खाता धारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खाताधारक शिव कुमार, राजित राम, उर्मिला, शेष राम, एवं महिलाओं में जनकलता, श्यामा, माधुरी आदि का कहना है कि सुबह से शाम तक लाइन में लगने के बाद भी उन्हें उनका पैसा मिलना आसान नहीं रहता है। काउंटर पर पहुंचने के बाद उन्हें कभी खाता बंद होने तो कभी खाते में आधार न लगा होने का बहाना बता कर वापस कर दिया जाता है। बैंक ग्राहकों का कहना है कि दिन में सुबह 10 से 11 बजे से लाइन लगाने के बाद शाम को साढे़ 3 बजे उनको भुगतान मिला।
ग्राहकों का आरोप है कि बैंक में कर्मचारी काउंटर पर बैठने के बजाय अलग-अलग कामों में लगे रहते हैं और बैंक के ग्राहकों को कोई सुविधा नहीं मिल रही है। और यदि फॉर्म जमा करने या खाता खुलवाने से संबंधित जानकारी मांगी जाए तो बैंक के कर्मचारी अभद्रता करने पर उतारू हो जाते हैं। उधर करनैलगंज भारतीय स्टेट बैंक के प्रभारी प्रबंधक सुरेश कुमार का कहना है कि बैंक में कैशियर के पद पर चार कर्मचारियों की तैनाती थी। जिसमें दो कर्मचारियों का स्थानांतरण हो जाने के बाद मात्र दो कर्मचारी बैंक के लेनदेन का काम देख रहे हैं। स्टाफ की कमी के चलते पिछले कई महीनों से यह समस्या उत्पन्न हो रही है। उनका कहना है कि जब तक कर्मचारी नहीं आते हैं तब तक और काउंटर नहीं खोले जा सकते।
विज्ञापन
विज्ञापन
खाताधारक शिव कुमार, राजित राम, उर्मिला, शेष राम, एवं महिलाओं में जनकलता, श्यामा, माधुरी आदि का कहना है कि सुबह से शाम तक लाइन में लगने के बाद भी उन्हें उनका पैसा मिलना आसान नहीं रहता है। काउंटर पर पहुंचने के बाद उन्हें कभी खाता बंद होने तो कभी खाते में आधार न लगा होने का बहाना बता कर वापस कर दिया जाता है। बैंक ग्राहकों का कहना है कि दिन में सुबह 10 से 11 बजे से लाइन लगाने के बाद शाम को साढे़ 3 बजे उनको भुगतान मिला।
विज्ञापन
ग्राहकों का आरोप है कि बैंक में कर्मचारी काउंटर पर बैठने के बजाय अलग-अलग कामों में लगे रहते हैं और बैंक के ग्राहकों को कोई सुविधा नहीं मिल रही है। और यदि फॉर्म जमा करने या खाता खुलवाने से संबंधित जानकारी मांगी जाए तो बैंक के कर्मचारी अभद्रता करने पर उतारू हो जाते हैं। उधर करनैलगंज भारतीय स्टेट बैंक के प्रभारी प्रबंधक सुरेश कुमार का कहना है कि बैंक में कैशियर के पद पर चार कर्मचारियों की तैनाती थी। जिसमें दो कर्मचारियों का स्थानांतरण हो जाने के बाद मात्र दो कर्मचारी बैंक के लेनदेन का काम देख रहे हैं। स्टाफ की कमी के चलते पिछले कई महीनों से यह समस्या उत्पन्न हो रही है। उनका कहना है कि जब तक कर्मचारी नहीं आते हैं तब तक और काउंटर नहीं खोले जा सकते।
विज्ञापन