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Gonda News: यूपी बोर्ड परीक्षा परिणाम में निजी स्कूलों का दिखा जलवा
Sat, 26 Apr 2025 12:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 26 Apr 2025 12:21 AM IST
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गोंडा। यूपी बोर्ड के परीक्षा परिणाम में निजी स्कूलों का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। सिर्फ एक सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज के ही दो बच्चे जिले की मेरिट में जगह बना सके। टाॅपटेन में अन्य सभी स्थानों पर निजी स्कूलों के बच्चों ने सफलता हासिल की है। ऐसे में सरकारी कॉलेजों की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जिले में कुल 502 इंटर कॉलेज हैंए इनमें से 42 सहायता प्राप्त व 25 राजकीय इंटर कॉलेज हैं। सरकारी कॉलेजों की शिक्षण व्यवस्था को लेकर सरकार काफी खर्च करती हैए कई गतिविधियां संचालित करती है। इसके बाद भी परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। परीक्षा परिणाम में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की टाॅपटेन सूची में सिर्फ एक सहायता प्राप्त भैया राघवराम पांडेय स्मारक गांधी विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के बच्चे ही अपनी जगह बना सके हैं। इसके अतिरिक्त सरकारी व सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज के बच्चे इससे दूर हैं।
निजी स्कूल के शिक्षक डॉ. अभय श्रीवास्तव, अमित पांडेय, अवधेश शुक्ला, सरिता पांडेय का कहना है कि दरअसल, निजी विद्यालयों ने इधर अपने को अपडेट किया है। हर एक व्यवस्था पर नजर रख रहे हैं। अभिभावकों से नियमित संवाद के साथ ही अन्य पहलुओं पर भी फोकस किया जा रहा है, इसीलिए नतीजा बेहतर है।
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शहीदे आजम भगत सिंह इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य एसएन चतुर्वेदी का कहना है कि यह बात वाकई में सोचनीय है। इसके कारणों का चिंतन करना चाहिए। रिटायर्ड शिक्षक एसपी मिश्र का कहना है कि सरकारी स्कूलों का इस तरह का प्रदर्शन चिंता का विषय है। एक जमाना था, जब शहीदे आजम भगत सिंह इंटर काॅलेज के छात्र भोलानाथ चतुर्वेदी ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया था। ऐसे में चिंतन की आवश्यकता है।
डीआईओएस डॉ. राम चंद्र ने शुक्रवार को यूपी बोर्ड के मेधावियों को कार्यालय में सम्मानित किया। उनके अभिभवकों से बात की और शिक्षकों के प्रयास की सराहना की।
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जिले में कुल 502 इंटर कॉलेज हैंए इनमें से 42 सहायता प्राप्त व 25 राजकीय इंटर कॉलेज हैं। सरकारी कॉलेजों की शिक्षण व्यवस्था को लेकर सरकार काफी खर्च करती हैए कई गतिविधियां संचालित करती है। इसके बाद भी परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। परीक्षा परिणाम में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की टाॅपटेन सूची में सिर्फ एक सहायता प्राप्त भैया राघवराम पांडेय स्मारक गांधी विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के बच्चे ही अपनी जगह बना सके हैं। इसके अतिरिक्त सरकारी व सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज के बच्चे इससे दूर हैं।
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निजी स्कूल के शिक्षक डॉ. अभय श्रीवास्तव, अमित पांडेय, अवधेश शुक्ला, सरिता पांडेय का कहना है कि दरअसल, निजी विद्यालयों ने इधर अपने को अपडेट किया है। हर एक व्यवस्था पर नजर रख रहे हैं। अभिभावकों से नियमित संवाद के साथ ही अन्य पहलुओं पर भी फोकस किया जा रहा है, इसीलिए नतीजा बेहतर है।
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शहीदे आजम भगत सिंह इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य एसएन चतुर्वेदी का कहना है कि यह बात वाकई में सोचनीय है। इसके कारणों का चिंतन करना चाहिए। रिटायर्ड शिक्षक एसपी मिश्र का कहना है कि सरकारी स्कूलों का इस तरह का प्रदर्शन चिंता का विषय है। एक जमाना था, जब शहीदे आजम भगत सिंह इंटर काॅलेज के छात्र भोलानाथ चतुर्वेदी ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया था। ऐसे में चिंतन की आवश्यकता है।
डीआईओएस डॉ. राम चंद्र ने शुक्रवार को यूपी बोर्ड के मेधावियों को कार्यालय में सम्मानित किया। उनके अभिभवकों से बात की और शिक्षकों के प्रयास की सराहना की।