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Gonda News: पीएमओ की निगरानी के बाद कार्यदायी संस्था को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी

Sun, 19 Jul 2026 12:46 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sun, 19 Jul 2026 12:46 AM IST
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Preparations underway to blacklist the executing agency following PMO oversight
गोंडा। भारत सरकार की गोबरधन (गैल्वनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज धन) योजना के तहत जिले की दो गोशालाओं में स्थापित बायोगैस प्लांट हैंडओवर से पहले ही बंद हो गए। करीब 48 लाख रुपये की लागत से तैयार इन दोनों संयंत्रों का तीन साल बाद भी संचालन शुरू नहीं हो सका है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) स्तर पर योजना की समीक्षा के बाद मामला फिर सक्रिय हुआ है। तकनीकी खामियों को दूर करने में लापरवाही बरतने पर संबंधित कार्यदायी संस्था को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी की जा रही है।
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वर्ष 2022 में झंझरी ब्लॉक के बिरवा बभनी और मुजेहना ब्लॉक के रुद्रगढ़नौसी स्थित गोशालाओं में 24-24 लाख रुपये की लागत से बायोगैस प्लांट स्थापित किए गए थे। इनके निर्माण के साथ एक वर्ष तक संचालन की जिम्मेदारी लखनऊ की आनंद बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड को दी गई थी। अनुबंध के अनुसार संयंत्र के सफल संचालन के बाद ही अंतिम 10 प्रतिशत भुगतान किया जाना था।
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विभागीय अधिकारियों के मुताबिक कार्यदायी संस्था ने करीब छह माह तक ही संयंत्रों का संचालन किया और लगभग 95 प्रतिशत भुगतान लेने के बाद दोनों साइटों से काम समेट लिया। इसके बाद दोनों प्लांट बंद हो गए और आज तक ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित नहीं किए जा सके।
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सितंबर 2025 में हुए निरीक्षण में बिरवा बभनी स्थित संयंत्र में खाद गड्ढे, मड पंप, फ्लोटिंग डोम की गैस पाइपलाइन और जनरेटर की बैटरी कनेक्शन सहित कई तकनीकी कमियां मिली थीं। रुद्रगढ़नौसी स्थित संयंत्र भी संस्था के हटने के बाद से बंद पड़ा है। इन खामियों के कारण दोनों प्लांटों का संचालन शुरू नहीं हो सका और हैंडओवर की प्रक्रिया भी अटक गई।
पीएमओ ने मांगी रिपोर्ट तब जागे जिम्मेदार
गोबरधन योजना की प्रगति की पीएमओ स्तर पर समीक्षा के बाद स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) ने जिले से रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद जिला पंचायत राज विभाग ने कार्यदायी संस्था को कई नोटिस जारी कर तकनीकी कमियां दूर करने और संयंत्र चालू कराने के निर्देश दिए, लेकिन संस्था की ओर से कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई।

वर्जन

संबंधित फर्म को आठ जुलाई को अंतिम नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। ऐसे में अनुबंध की शर्तों के तहत संस्था को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नियमानुसार आगे की विभागीय प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। - जीडी जैन, जिला पंचायत राज अधिकारी
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