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प्रवासी घोंघिल पक्षी पर शिकारियों की नजर, रात में करते हैं शिकार ं
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गोंडा। प्रवासी घोंघिल पक्षी काफी दिनों से बटौरा लोहांगी गांव के पास चंद्रभागा नदी (चंदहा) के तट पर पेड़ों पर अपना आशियाना बना कर रहती हैं। लेकिन काफी दिनों से क्षेत्र के शिकारियों की नजर घोंघिल पर टिकी है।
नदी के किनारे प्राचीन हनुमान मंदिर होने के कारण दिन में चहल पहल रहती है। इसलिए दिन में शिकार करना आसान नहीं है। रात में जब घोंघिल अपने पेड़ों पर बनाये घोंसले में चले जाते हैं तब शिकारियों को शिकार करने में आसानी होती है।
हनुमान मंदिर के महंत खुशी राम दूबे कहते हैं कि ये घोंघिल पक्षी प्रत्येक साल अप्रैल माह में आ जाती हैं और नवंबर माह में सर्द मौसम आते ही चले जाते हैं। दो माह पहले बहुत पक्षी थे। लेकिन अब इनकी संख्या धीरे-धीरे कम हो रही है। शिकारी चोरी चुपके से शिकार कर लेते हैं इसलिए संख्या कुछ हो गयी है।
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मंगलवार को घोंघिल को देखने के लिए लोगों की भीड़ रहती है। लोग हनुमान जी का दर्शन करके लौटते समय इन पक्षियों के साथ सेल्फी लेते हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि कुछ शिकारी दिन में रास्ता देकर चले जाते हैं। जब गांव के लोग सो जाते हैं तो शिकारी मौका देखकर इन पक्षियों का शिकार कर लेते हैं।
प्रधान प्रतिनिधि अमर नाथ ओझा ने बताया कि इस नदी की घोंघिल शोभा बढ़ा रहे हैं। गांव वालों के रतजगा करके इन शिकारियों को पकड़ कर पुलिस के हवाले करेंगे। बालपुर चौकी प्रभारी महिमा नाथ उपाध्याय ने बताया कि अभी शिकारियों की कोई जानकारी नही मिली है। अगर ऐसी सूचना आती है तो कड़ी कार्यवाही की जायेगी।
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नदी के किनारे प्राचीन हनुमान मंदिर होने के कारण दिन में चहल पहल रहती है। इसलिए दिन में शिकार करना आसान नहीं है। रात में जब घोंघिल अपने पेड़ों पर बनाये घोंसले में चले जाते हैं तब शिकारियों को शिकार करने में आसानी होती है।
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हनुमान मंदिर के महंत खुशी राम दूबे कहते हैं कि ये घोंघिल पक्षी प्रत्येक साल अप्रैल माह में आ जाती हैं और नवंबर माह में सर्द मौसम आते ही चले जाते हैं। दो माह पहले बहुत पक्षी थे। लेकिन अब इनकी संख्या धीरे-धीरे कम हो रही है। शिकारी चोरी चुपके से शिकार कर लेते हैं इसलिए संख्या कुछ हो गयी है।
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मंगलवार को घोंघिल को देखने के लिए लोगों की भीड़ रहती है। लोग हनुमान जी का दर्शन करके लौटते समय इन पक्षियों के साथ सेल्फी लेते हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि कुछ शिकारी दिन में रास्ता देकर चले जाते हैं। जब गांव के लोग सो जाते हैं तो शिकारी मौका देखकर इन पक्षियों का शिकार कर लेते हैं।
प्रधान प्रतिनिधि अमर नाथ ओझा ने बताया कि इस नदी की घोंघिल शोभा बढ़ा रहे हैं। गांव वालों के रतजगा करके इन शिकारियों को पकड़ कर पुलिस के हवाले करेंगे। बालपुर चौकी प्रभारी महिमा नाथ उपाध्याय ने बताया कि अभी शिकारियों की कोई जानकारी नही मिली है। अगर ऐसी सूचना आती है तो कड़ी कार्यवाही की जायेगी।