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अब कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को चिन्हित कर पुनर्वासित कराएगी पुलिस
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गोंडा। कोरोना संक्रमण से माता-पिता की मौत से अनाथ हुए बच्चों को चिह्नित कर पुलिस उन्हें पुनर्वासित कराएगी। गुरुवार को उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने नोडल पुलिस अधिकारियों संग ऑनलाइन समीक्षा कर रणनीति बनाई है। कोरोना महामारी से जिन बच्चों के माता-पिता की मौत हो चुकी है और उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। उन्हें चिह्नित करके निर्वासित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने गुरुवार को कोरोना महामारी के दौरान अनाथ हुए बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण के लिए नोडल पुलिस अधिकारी बाल संरक्षण/ अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के संग ऑनलाइन समीक्षा में जिले में कोरोना से माता-पिता की मौत के बाद ऐसे कितने बच्चे अनाथ हुए हैं।
जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है की जानकारी ली। आयोग के अध्यक्ष ने नोडल अधिकारी को बताया कि ऐसे बच्चों का चिन्हीकरण कराकर उनका पूरा ब्यौरा तैयार कर लें।
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ऐसे बच्चों को जिला बाल संरक्षण अधिकारी के सहयोग से पुनर्वासित कराकर उनकी देखरेख कराई जाए। साथ ही बच्चों के साथ हो रहे शारीरिक उत्पीड़न को रोकने के लिए विशेष किशोर पुलिस इकाई से गहनता से छानबीन कराई जाए।
यदि इस तरह का कोई भी बच्चा मिलता है तो बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्यवाही कराई जाए। नोडल अधिकारी बाल संरक्षण/ अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि बाल किशोर पुलिस इकाई को मामले में कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।
ऑनलाइन समीक्षा के दौरान मंडलीय सलाहकार बाल संरक्षण यूनिसेफ अधिकारी अनिल कुमार, एएचटीयू, एसजेपीयू व जीआरपी के बाल कल्याण अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे।
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उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने गुरुवार को कोरोना महामारी के दौरान अनाथ हुए बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण के लिए नोडल पुलिस अधिकारी बाल संरक्षण/ अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के संग ऑनलाइन समीक्षा में जिले में कोरोना से माता-पिता की मौत के बाद ऐसे कितने बच्चे अनाथ हुए हैं।
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जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है की जानकारी ली। आयोग के अध्यक्ष ने नोडल अधिकारी को बताया कि ऐसे बच्चों का चिन्हीकरण कराकर उनका पूरा ब्यौरा तैयार कर लें।
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ऐसे बच्चों को जिला बाल संरक्षण अधिकारी के सहयोग से पुनर्वासित कराकर उनकी देखरेख कराई जाए। साथ ही बच्चों के साथ हो रहे शारीरिक उत्पीड़न को रोकने के लिए विशेष किशोर पुलिस इकाई से गहनता से छानबीन कराई जाए।
यदि इस तरह का कोई भी बच्चा मिलता है तो बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्यवाही कराई जाए। नोडल अधिकारी बाल संरक्षण/ अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि बाल किशोर पुलिस इकाई को मामले में कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।
ऑनलाइन समीक्षा के दौरान मंडलीय सलाहकार बाल संरक्षण यूनिसेफ अधिकारी अनिल कुमार, एएचटीयू, एसजेपीयू व जीआरपी के बाल कल्याण अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे।