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16 साल से रिपोर्टिंग पुलिस चौकी पर नहीं दर्ज हुई एक भी रिपोर्ट
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बालपुर (गोंडा)। जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर की दूरी पर राजधानी मार्ग के किनारे स्थित बालपुर रिपोर्टिंग पुलिस चौकी केवल शोपीस बनकर रह गई है। 16 साल से यहां एक भी केस नहीं दर्ज किया गया।
करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गोंडा-लखनऊ मार्ग पर स्थित बालपुर रिपोर्टिंग पुलिस चौकी में एक उपनिरीक्षक सहित 12 कांस्टेबल तैनात हैं। इनके कंधों पर 23 ग्राम पंचायतों के दो सौ मजरों में कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है। वर्ष 2010 में बालपुर पुलिस चौकी को उच्चीकृत कर थाना बनाने का प्रस्ताव पुलिस अधीक्षक के यहां से शासन को भेजा गया था। स्थानीय जनप्रतिनिधि बालपुर चौकी को थाने का दर्जा दिलाने के लिए प्रशासन से मांग कर रहे हैं।
कोतवाली करनैलगंज की सबसे बड़ी रिपोर्टिंग पुलिस चौकी होने के बावजूद 16 साल से एक भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। फरियादियों को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए 15 किलोमीटर का चक्कर लगाकर करनैलगंज कोतवाली जाना पड़ता है। बालपुर निवासी सोनू पांडेय, शिवकुमार बाबा, बमबम पांडेय, अशोक तिवारी, राहुल तिवारी, सुधीर ओझा व कपिल सोनी ने बताया कि यदि कोई पीड़ित कोतवाली पहुंच जाता है तो वहां के जिम्मेदार यह कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश करते हैं कि अपनी चौकी पर जाओ। यदि मामला गंभीर है तो फिर 15 किलोमीटर दूर कोतवाली वापस जाना पड़ता है। काफी दिनों से यह मांग की जा रही है कि या तो बालपुर चौकी पर रिपोर्ट दर्ज हो या इसे थाने का दर्जा दिलाया जाए।
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बालपुर के प्रधान प्रतिनिधि भाजपा किसान मोर्चा के जिला महामंत्री धर्म पाल सिंह ने बताया कि बालपुर चौकी पर पहले रिपोर्ट लिखी जाती थी। करीब 16 साल पहले पुलिस अधिकारियों में मतभेद होने के बाद से रिपोर्ट नहीं लिखी जा रही है। चौकी क्षेत्र में 23 ग्रामसभाओं के 200 मजरे आते हैं। कुछ हिस्सा कोतवाली देहात का व कुछ हिस्सा कटरा बाजार का मिलाकर थाना बनाने के प्रस्ताव की फाइल शासन में पड़ी है।
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करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गोंडा-लखनऊ मार्ग पर स्थित बालपुर रिपोर्टिंग पुलिस चौकी में एक उपनिरीक्षक सहित 12 कांस्टेबल तैनात हैं। इनके कंधों पर 23 ग्राम पंचायतों के दो सौ मजरों में कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है। वर्ष 2010 में बालपुर पुलिस चौकी को उच्चीकृत कर थाना बनाने का प्रस्ताव पुलिस अधीक्षक के यहां से शासन को भेजा गया था। स्थानीय जनप्रतिनिधि बालपुर चौकी को थाने का दर्जा दिलाने के लिए प्रशासन से मांग कर रहे हैं।
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कोतवाली करनैलगंज की सबसे बड़ी रिपोर्टिंग पुलिस चौकी होने के बावजूद 16 साल से एक भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। फरियादियों को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए 15 किलोमीटर का चक्कर लगाकर करनैलगंज कोतवाली जाना पड़ता है। बालपुर निवासी सोनू पांडेय, शिवकुमार बाबा, बमबम पांडेय, अशोक तिवारी, राहुल तिवारी, सुधीर ओझा व कपिल सोनी ने बताया कि यदि कोई पीड़ित कोतवाली पहुंच जाता है तो वहां के जिम्मेदार यह कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश करते हैं कि अपनी चौकी पर जाओ। यदि मामला गंभीर है तो फिर 15 किलोमीटर दूर कोतवाली वापस जाना पड़ता है। काफी दिनों से यह मांग की जा रही है कि या तो बालपुर चौकी पर रिपोर्ट दर्ज हो या इसे थाने का दर्जा दिलाया जाए।
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बालपुर के प्रधान प्रतिनिधि भाजपा किसान मोर्चा के जिला महामंत्री धर्म पाल सिंह ने बताया कि बालपुर चौकी पर पहले रिपोर्ट लिखी जाती थी। करीब 16 साल पहले पुलिस अधिकारियों में मतभेद होने के बाद से रिपोर्ट नहीं लिखी जा रही है। चौकी क्षेत्र में 23 ग्रामसभाओं के 200 मजरे आते हैं। कुछ हिस्सा कोतवाली देहात का व कुछ हिस्सा कटरा बाजार का मिलाकर थाना बनाने के प्रस्ताव की फाइल शासन में पड़ी है।