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यहां 8 दिन में कोरोना को मात दे रहे हैं लोग
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गोंडा। कोरोना को लेकर जिस तरह का भय लोगों में है, उस तरह से कोरोना के संक्रमण ने जिले के लोगों को परेशान नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि जिले में मरीजों की रिकवरी दर काफी अच्छी है। जिससे लोग पूरी तरह से ठीक होकर अपने घर वापस लौट रहे हैं। बताया जा रहा है कि औसतन अगर किसी में कोई बहुत अधिक परेशानी नहीं हुई तो 8 दिन में लोग पूरी तरह से ठीक हो जा रहे हैं। ऐसा अब तक के आंकड़े बता रहे हैं। बच्चों की कोरोना से रिकवरी दर बड़ो से अच्छी बताई जा रही है।
जिले के पंडरीकृपाल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर कोरोना मरीजों के लिए कोविड का लेवल-1 अस्पताल बनाया गया है। इस अस्पताल में मरीजों के लिए कुल 50 बेड की व्यवस्था है। जिले में अब कुल 42 कोरोना के एक्टिव केस मौजूद हैं। बाकी के सभी कोरोना को मात देकर घर लौट चुके हैं। इसमें 14 कोरोना संक्रमितों का इलाज शहर के एससीपीएम अस्पताल में चल रहा है। सीएमओ डॉ. मधु गैरोला ने बताया कि जो सरकारी के बजाय निजी अस्पतालों में अपना इलाज कराना चाह रहे हैं उनके लिए एससीपीएम हॉस्पिटल चिन्हित किया गया है। कोविड अस्पताल में कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए 25 टीमें बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम में 10-10 लोग शामिल हैं।
अब तक लगभग एक दर्जन बच्चों का भी हुुआ है इलाज
पंडरी कृपाल के कोविड अस्पताल का निरीक्षण अभी कुछ दिन पूर्व जिले के नोडल अफसर डॉ. राजशेखर ने किया था। उन्होंने भी यहां की व्यवस्था पर संतोष जताया था। यहां अभी तक अन्य मरीजों के अलावा अब तक कोरोना संक्रमित पाये गये लगभग एक दर्जन बच्चों का भी इलाज किया गया है और वो ठीक होकर घर जा चुके हैं। इसमें एक डेढ़ साल का बच्चा और एक 6 महीने की बच्ची भी शामिल है। यहां चिकित्साधीक्षक डॉ. शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि अभी तक अब ठीक है। लगभग सारे मरीज ठीक होकर यहां ये गये हैं। औसतन 7 से 8 दिन में सभी मरीज ठीक हो जा रहे हैं।
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लक्षणों के मुताबिक दी जाती हैं दवायें
बताया जा रहा है कोविड अस्पताल में भर्ती मरीजों को लक्षणों के मुताबिक कोविड प्रोटोकाल के आधार पर दवाये दी जा रही हैं। इसके साथ हाईड्राक्सी क्लोरोक्वीन की खुराक भी दी जाती है। बहुत से मरीज ऐसे हैं कि जिनमें लक्षण नहीं होते हैं लेकिन वो कोरोना पॉजिटिव होते हैं। उनको भर्ती करके उनकी देखभाल की जाती है। वहीं जिनमें कोरोना जैसे लक्षण मिलते हैं उन्हें लक्षण के मुताबिक दवायें दी जाती हैं। जैसे सर्दी जुकाम और खांसी होने पर इसकी दवायें दी जाती हैं और सामान्य केसों में केवल विटामिन ही खिलाई जाती हैं। विभाग के मुताबिक कोरोना मरीजों के इलाज के लिए दवाओं की कोई कमी नहीं है।
दो समय भोजन और दो समय नाश्ता
कोविड लेवल-1 में भर्ती मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से ही सरकार की ओर से डाइट खर्च के लिए 100 रूपये दिये जाते हैं। इसमें सभी मरीजों को दो समय का भोजन और दो समय का नाश्ता दिया जाता है। भोजन में दाल, चावल, सब्जी और रोटी खिलाई जाती है। नाश्ते में सुबह के समय चना या ब्रेड के साथ चाय और शाम को बिस्किट के साथ चाय दी जाती है।
फैक्ट पाइल
अब तक कुल मरीज 233
जिले में कुल मृत्यु 5
एक्टिव केस 42
ठीक हो चुके मामले 186
इनसेट
दो चादर में गुजारे 14 दिन
रूपईडीह- गोंडा। कोविड-19 पड़री कृपाल में 4 मई को भर्ती कराया गया था। घर वालों से बात होती रहती थी। 14 दिन भर्ती था। एक कमरे में तीन लोग भर्ती थे। सुबह चाय देते थे, दोपहर में भोजन दाल, चावल, रोटी सब्जी देते थे, शाम को चाय देते थे। दो चार दिन तो सभी को पूरा भोजन दिया गया उसके बाद सिर्फ रोटी सब्जी देने लगे। सिर्फ दो चादर में ही 14 दिन गुजारना पड़ा। बिस्तर की चादर नहीं बदलते थे। चाय बिस्कुट बाहर से मंगाते थे। दो से तीन प्रकार की दवा दी जाती थी। -हरिकेश दूबे, ग्राम- दूबेपुरवा मौजा- कमरांवा, रूपईडीह, कोरोना विजेता
कोविड की प्रोटोकाल के तहत मरीजों को भोजन और दवाये दी जाती हैं। जिले में अब कुल 42 कोरोना एक्टिव केस हैं। जिसमें 14 लोग एससीपीएम के काविड वार्ड में भर्ती हैं। सभी मरीजों को पूरी निगरानी में रखा जा रहा है। नियम के मुताबिक उनकी सैंपलिंग कराई जा रही है। निगेटिव आने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाता है। -डॉ. मधु गैरोला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
लेवल-2 में भर्ती कराई गई महिला
खरगूपुर (गोंडा)। स्थानीय नगर पंचायत के बस स्टॉप की एक 36 वर्षीय महिला देर रात आयी जांच रिपोर्ट में कोरोना पॉजिटिव पायी गयी। जिसे कोविड लेवल-2 अस्पताल बहराइच में शिफ्ट कर दिया गया है। पॉजिटिव पायी गयी महिला ने जिला अस्पताल में दो दिन पहले सैंपलिंग करायी थी। खरगूपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. जेपी शुक्ल ने बताया कि पॉजिटिव पायी गयी महिला को कोविड लेवल -2 अस्पताल बहराइच में शिफ्ट कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य टीम को भेजकर पॉजिटिव पायी गयी महिला के संपर्क में आने वाले लोगों की सूची बनाई जा रही है। इसके बाद महिला के कांटेक्ट में आने वाले लोगों की सैंपलिंग करायी जायेगी।
बैंककर्मी को सांस लेने में तकलीफ हुई तो मचा हड़कंप
मसकनवा (गोंडा)। कस्बे के गौराचौकी रोड स्थिति इलाहाबाद बैंक मसकनवा में एक कर्मचारी अजय कुमार को सांस लेने में तकलीफ होने से बैंक कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। इलाहाबाद बैंक मैनेजर विशाल कुमार ने बताया की बैंक में दफ्तरी पद पर कार्य कर रहा अजय कुमार आज सुबह बैंक आया। यहां उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी। जिसकी सूचना बैंक अधिकारियों व उप जिलाधिकारी मनकापुर को दी गयी। उप जिलाधिकारी हीरालाल के निर्देश पर बैंककर्मी को लखपतनगर के पास दिनकरपुर में चल रहे कैंप में कोविड-19 की सैंपलिंग के लिये भेजा गया है।
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जिले के पंडरीकृपाल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर कोरोना मरीजों के लिए कोविड का लेवल-1 अस्पताल बनाया गया है। इस अस्पताल में मरीजों के लिए कुल 50 बेड की व्यवस्था है। जिले में अब कुल 42 कोरोना के एक्टिव केस मौजूद हैं। बाकी के सभी कोरोना को मात देकर घर लौट चुके हैं। इसमें 14 कोरोना संक्रमितों का इलाज शहर के एससीपीएम अस्पताल में चल रहा है। सीएमओ डॉ. मधु गैरोला ने बताया कि जो सरकारी के बजाय निजी अस्पतालों में अपना इलाज कराना चाह रहे हैं उनके लिए एससीपीएम हॉस्पिटल चिन्हित किया गया है। कोविड अस्पताल में कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए 25 टीमें बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम में 10-10 लोग शामिल हैं।
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अब तक लगभग एक दर्जन बच्चों का भी हुुआ है इलाज
पंडरी कृपाल के कोविड अस्पताल का निरीक्षण अभी कुछ दिन पूर्व जिले के नोडल अफसर डॉ. राजशेखर ने किया था। उन्होंने भी यहां की व्यवस्था पर संतोष जताया था। यहां अभी तक अन्य मरीजों के अलावा अब तक कोरोना संक्रमित पाये गये लगभग एक दर्जन बच्चों का भी इलाज किया गया है और वो ठीक होकर घर जा चुके हैं। इसमें एक डेढ़ साल का बच्चा और एक 6 महीने की बच्ची भी शामिल है। यहां चिकित्साधीक्षक डॉ. शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि अभी तक अब ठीक है। लगभग सारे मरीज ठीक होकर यहां ये गये हैं। औसतन 7 से 8 दिन में सभी मरीज ठीक हो जा रहे हैं।
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लक्षणों के मुताबिक दी जाती हैं दवायें
बताया जा रहा है कोविड अस्पताल में भर्ती मरीजों को लक्षणों के मुताबिक कोविड प्रोटोकाल के आधार पर दवाये दी जा रही हैं। इसके साथ हाईड्राक्सी क्लोरोक्वीन की खुराक भी दी जाती है। बहुत से मरीज ऐसे हैं कि जिनमें लक्षण नहीं होते हैं लेकिन वो कोरोना पॉजिटिव होते हैं। उनको भर्ती करके उनकी देखभाल की जाती है। वहीं जिनमें कोरोना जैसे लक्षण मिलते हैं उन्हें लक्षण के मुताबिक दवायें दी जाती हैं। जैसे सर्दी जुकाम और खांसी होने पर इसकी दवायें दी जाती हैं और सामान्य केसों में केवल विटामिन ही खिलाई जाती हैं। विभाग के मुताबिक कोरोना मरीजों के इलाज के लिए दवाओं की कोई कमी नहीं है।
दो समय भोजन और दो समय नाश्ता
कोविड लेवल-1 में भर्ती मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से ही सरकार की ओर से डाइट खर्च के लिए 100 रूपये दिये जाते हैं। इसमें सभी मरीजों को दो समय का भोजन और दो समय का नाश्ता दिया जाता है। भोजन में दाल, चावल, सब्जी और रोटी खिलाई जाती है। नाश्ते में सुबह के समय चना या ब्रेड के साथ चाय और शाम को बिस्किट के साथ चाय दी जाती है।
फैक्ट पाइल
अब तक कुल मरीज 233
जिले में कुल मृत्यु 5
एक्टिव केस 42
ठीक हो चुके मामले 186
इनसेट
दो चादर में गुजारे 14 दिन
रूपईडीह- गोंडा। कोविड-19 पड़री कृपाल में 4 मई को भर्ती कराया गया था। घर वालों से बात होती रहती थी। 14 दिन भर्ती था। एक कमरे में तीन लोग भर्ती थे। सुबह चाय देते थे, दोपहर में भोजन दाल, चावल, रोटी सब्जी देते थे, शाम को चाय देते थे। दो चार दिन तो सभी को पूरा भोजन दिया गया उसके बाद सिर्फ रोटी सब्जी देने लगे। सिर्फ दो चादर में ही 14 दिन गुजारना पड़ा। बिस्तर की चादर नहीं बदलते थे। चाय बिस्कुट बाहर से मंगाते थे। दो से तीन प्रकार की दवा दी जाती थी। -हरिकेश दूबे, ग्राम- दूबेपुरवा मौजा- कमरांवा, रूपईडीह, कोरोना विजेता
कोविड की प्रोटोकाल के तहत मरीजों को भोजन और दवाये दी जाती हैं। जिले में अब कुल 42 कोरोना एक्टिव केस हैं। जिसमें 14 लोग एससीपीएम के काविड वार्ड में भर्ती हैं। सभी मरीजों को पूरी निगरानी में रखा जा रहा है। नियम के मुताबिक उनकी सैंपलिंग कराई जा रही है। निगेटिव आने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाता है। -डॉ. मधु गैरोला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
लेवल-2 में भर्ती कराई गई महिला
खरगूपुर (गोंडा)। स्थानीय नगर पंचायत के बस स्टॉप की एक 36 वर्षीय महिला देर रात आयी जांच रिपोर्ट में कोरोना पॉजिटिव पायी गयी। जिसे कोविड लेवल-2 अस्पताल बहराइच में शिफ्ट कर दिया गया है। पॉजिटिव पायी गयी महिला ने जिला अस्पताल में दो दिन पहले सैंपलिंग करायी थी। खरगूपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. जेपी शुक्ल ने बताया कि पॉजिटिव पायी गयी महिला को कोविड लेवल -2 अस्पताल बहराइच में शिफ्ट कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य टीम को भेजकर पॉजिटिव पायी गयी महिला के संपर्क में आने वाले लोगों की सूची बनाई जा रही है। इसके बाद महिला के कांटेक्ट में आने वाले लोगों की सैंपलिंग करायी जायेगी।
बैंककर्मी को सांस लेने में तकलीफ हुई तो मचा हड़कंप
मसकनवा (गोंडा)। कस्बे के गौराचौकी रोड स्थिति इलाहाबाद बैंक मसकनवा में एक कर्मचारी अजय कुमार को सांस लेने में तकलीफ होने से बैंक कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। इलाहाबाद बैंक मैनेजर विशाल कुमार ने बताया की बैंक में दफ्तरी पद पर कार्य कर रहा अजय कुमार आज सुबह बैंक आया। यहां उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी। जिसकी सूचना बैंक अधिकारियों व उप जिलाधिकारी मनकापुर को दी गयी। उप जिलाधिकारी हीरालाल के निर्देश पर बैंककर्मी को लखपतनगर के पास दिनकरपुर में चल रहे कैंप में कोविड-19 की सैंपलिंग के लिये भेजा गया है।