{"_id":"6ad11771dfb97f4d4c06b5b6","slug":"narada-cursed-lord-vishnu-with-separation-from-his-wife-gonda-news-c-100-1-gon1041-168053-2026-10-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: नारद ने विष्णु जी को दिया पत्नी वियोग का श्राप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: नारद ने विष्णु जी को दिया पत्नी वियोग का श्राप
Thu, 15 Oct 2026 11:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 15 Oct 2026 11:42 PM IST
विज्ञापन
बालपुर। हड़ियागाड़ा स्थित प्राचीन मंदिर मां धामसा धाम में आयोजित श्रीराम कथा में बुधवार को राम जन्म का प्रसंग सुन पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा। प्रवाचक हरिनारायणाचार्य ने नारद मोह, मनु-शतरूपा की तपस्या और श्रीराम के जन्म का वर्णन किया।
उन्होंने बताया कि काम पर विजय प्राप्त करने का नारद जी को अभिमान हो गया। तब भगवान विष्णु ने लीला रचकर नारद जी का अहंकार समाप्त किया। क्रोधित नारद ने विष्णु जी को त्रेतायुग में पत्नी वियोग सहने का श्राप दिया। वहीं, मनु-शतरूपा की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें पुत्र के रूप में जन्म लेने का वरदान दिया। प्रभु श्रीराम के जन्म लेते ही अयोध्या में खुशियां छा गईं और मंगलगीत गाए जाने लगे। इस अवसर पर यशकरन सिंह, अखिलेश सिंह, विवेक सिंह, पवन ओझा, हरिकेश सिंह आदि मौजूद रहे।
श्रीराम की लीलाएं सुन श्रद्धालु भाव विभोर
दुर्जनपुर घाट। धौरहरा घाट स्थित झामपुरवा में आयोजित श्रीराम कथा में बुधवार को भगवान राम की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन हुआ। प्रवाचक शेष नारायण शुक्ल ने बताया कि बाल स्वरूप में श्रीराम धूल में खेलते थे और पुकारने पर राजा दशरथ की गोद में बैठ जाते थे। वात्सल्यपूर्ण लीलाएं सुन श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। उन्होंने वैदिक रीति-रिवाजों, समय व राशि के अनुसार नामकरण संस्कार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मर्यादित जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि काम पर विजय प्राप्त करने का नारद जी को अभिमान हो गया। तब भगवान विष्णु ने लीला रचकर नारद जी का अहंकार समाप्त किया। क्रोधित नारद ने विष्णु जी को त्रेतायुग में पत्नी वियोग सहने का श्राप दिया। वहीं, मनु-शतरूपा की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें पुत्र के रूप में जन्म लेने का वरदान दिया। प्रभु श्रीराम के जन्म लेते ही अयोध्या में खुशियां छा गईं और मंगलगीत गाए जाने लगे। इस अवसर पर यशकरन सिंह, अखिलेश सिंह, विवेक सिंह, पवन ओझा, हरिकेश सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
श्रीराम की लीलाएं सुन श्रद्धालु भाव विभोर
दुर्जनपुर घाट। धौरहरा घाट स्थित झामपुरवा में आयोजित श्रीराम कथा में बुधवार को भगवान राम की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन हुआ। प्रवाचक शेष नारायण शुक्ल ने बताया कि बाल स्वरूप में श्रीराम धूल में खेलते थे और पुकारने पर राजा दशरथ की गोद में बैठ जाते थे। वात्सल्यपूर्ण लीलाएं सुन श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। उन्होंने वैदिक रीति-रिवाजों, समय व राशि के अनुसार नामकरण संस्कार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मर्यादित जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। (संवाद)
विज्ञापन