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चमचमाती सड़क पर जर्जर पुलों का पैबंद

Tue, 23 Feb 2021 10:32 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 23 Feb 2021 10:32 PM IST
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Patch of shabby bridges on gleaming road
गोंडा के करनैलगंज में सरयू नदी पर बना पुल। - फोटो : GONDA
गोंडा। लखनऊ जाने के लिए दो साल पहले तक लोगों को 100 बार सोचना पड़ता था। करीब पांच घंटे लगते थे। बाद में जरवल से गोंडा तक फोर लेन सड़क का निर्माण हो गया। लेकिन मार्ग में स्थित तीन जर्जर पुल पैबंद साबित हो रहे हैं।
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इससे आए दिन जाम लगने, पुल जर्जर होने से याता यात प्रभावित होने के कारण लाखों लोगों दुश्वारियां झेलनी पड़ती है। सांसद बृजभूषण शरण सिंह के पहल पर जुलाई 2020 में करनैलगंज सरयू पर नए पुल निर्माण की कवायद हुई और करीब 50 करोड़ रुपये का इस्टीमेट भी भेजा गया लेकिन अभी इस पुल के निर्माण की स्वीकृति नहीं मिल पाई।
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लखनऊ मार्ग पर दो बड़ी नदियों पर बने पुल अपनी आयु बहुत पहले ही पूरी कर चुके हैं। गोंडा-लखनऊ मार्ग पर करनैलगंज स्थित सरयू नदी पर वर्ष 1965 में दो लेन का पुल बनाया गया था। इस पुल की आयु करीब 15 साल पहले ही पूरी हो गई है। पुल के नीचे के सीमेंट तक उखड़ गए हैं।
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पुल के बीच कई बार दरारें आ चुकी हैं। कई बार यातायात प्रभावित हो चुकी है। चार लेन सड़क के मध्य बने यह पुल स्पीड ब्रेकर बन गया है। क्षेत्रीय सांसद बृजभूषण शरण सिंह की पहल पर तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल व आयुक्त ने सेतु निगम से प्रस्ताव तैैयार कर शासन को भेजा था।
मुख्य परियोजना प्रबंधक अयोध्या सेतु निगम ने सरयू नदी पर किलोमीटर 221 पर पुराने जर्जर दो लेन पुल के स्थान पर अप व डाउन स्ट्रीम दो-दो लेन पुल निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा। इसके लिए प्रारंभिक आंगणन 5968.31 लाख का तैयार कर जुलाई 2020 में भेजा गया, लेकिन अभी तक इसकी स्वीकृति नहीं मिल पाई। इसका कारण पैरवी न होना ही है। यदि यह पुल बन जाए तो निर्बाध रूप से चार लेन की सड़क पर लाखों लोगों को सहूलियत मिलेगी।
बलरामपुर तक करीब 42 किलोमीटर लंबी दस मीटर चौड़ी सीसी रोड पर वाहनों की गति रफ्तार पकड़ रही है लेकिन इटियाथोक में बिसुही नदी पर 60 मीटर लंबा बना पुल क्षतिग्रस्त है। पुल के दोनों छोर पर आए दिन जाम की स्थिति रहती है।
कारण इस पुल की चौड़ाई मात्र तीन मीटर है और दोनों छोर पर सड़क की चौड़ाई दस मीटर है। पुल बहुत पुराना व जर्जर है। पुल के दोनों छोर पर जानलेवा गड्ढे बन गए हैं। खास कर बरसात के समय इस मार्ग पर जाम लगता है।
लखनऊ मार्ग पर घाघरा नदी पर संजय गांधी सेतु बना हुआ है। गोंडा से जरवल तक स्टेट हाइवे है, जबकि यह पुल नेशनल हाइवे पर स्थित है। यह पुल सन 1982 बना है। इस पुल का उद्घाटन संजय गांधी ने किया था और इसका नामकरण संजय सेतु किया गया था।
इसके पहले इस पर पीपे का पुल बना था और गोंडा, बलरामपुर सहित डुमरियागंज से लोगों अयोध्या होकर लखनऊ जाना पड़ता था। दो दिन पहले यह पुल क्षतिग्रस्त हो गया और दोनों तरफ सैकड़ों वाहनों की कतार लग गई। इसी तरह बालपुर में टेढ़ी नदी पर भी दो लेन पुल का निर्माण है। यहां भी सेतु निगम ने एक और दो लेन पुल के निर्माण का प्रस्ताव दिया है।
जिले के विकास शुक्ला ने कहा कि चार लेन मार्ग बनने से गोंडा, बलरामपुर, उतरौला, डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर के लोगों को लखनऊ जाने में बहुत सहूलियत मिली है। बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रविचंद्र त्रिपाठी ने कहा कि सड़क के साथ पुलों का भी निर्माण होना चाहिए।

पुलों के निर्माण से लोगों को बहुत ही सहूलियत होगी। राघवेंद्र ओझा व आनंद शुक्ला ने कहा कि सरयू के पास दो रेलवे लाइन पर ओवर ब्रिज का निर्माण, सरयू नदी पर चार लेन का पुल, बलरामपुर मार्ग पर इटियाथोक में भी चार लेन का पुल तथा बालपुर में एक दो लेन का पुल बहुत जरूरी है। इसके लिए प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को पैरवी करनी चाहिए।
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