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कटान तेज होने से लोगों में दहशत
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Mon, 04 Jul 2016 11:37 PM IST
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कटान करती राप्ती
- फोटो : अमर उजाला
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नेपाल तथा पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के चलते सोमवार को राप्ती नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच कर स्थिर हो गया है। जलस्तर स्थिर होने पर जहां प्रशासन ने राहत की सांस ली है, वहीं नदी की कटान तेज हो गई है।
सोमवार को राप्ती नदी का जलस्तर 103.610 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी बिंदु 103.620 मीटर से मात्र एक सेमी कम है। जलस्तर स्थिर हो गया है। केंद्रीय जल आयोग इकाई सिसई घाट के कर्मी अशर्फीलाल ने बताया कि नदी का जलस्तर अब घटेगा।
जलस्तर घटने से नदी की कटान तेज हो गई है। मनियारिया, खम्हरिया, लखमा, चंदापुर, बिरदा, बारम, लालाजोत, फत्तेजोत व बौंड़िहार आदि गांव के निकट राप्ती की कटान के कारण किसान व क्षेत्रवासी दहशत में हैं। लोगों का कहना है कि आगामी दिनों में यदि नदी का जलस्तर बढ़ा तो क्षेत्र के करीब 150 गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे।
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लोगों ने डीएम से नदी के द्वारा की जा रही बांध व खेती की कटान पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है। इस संबंध में एडीएम शिवपूजन ने बताया कि नदी के जलस्तर व कटान पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ तथा कटान से बचाव के सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।
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सोमवार को राप्ती नदी का जलस्तर 103.610 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी बिंदु 103.620 मीटर से मात्र एक सेमी कम है। जलस्तर स्थिर हो गया है। केंद्रीय जल आयोग इकाई सिसई घाट के कर्मी अशर्फीलाल ने बताया कि नदी का जलस्तर अब घटेगा।
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जलस्तर घटने से नदी की कटान तेज हो गई है। मनियारिया, खम्हरिया, लखमा, चंदापुर, बिरदा, बारम, लालाजोत, फत्तेजोत व बौंड़िहार आदि गांव के निकट राप्ती की कटान के कारण किसान व क्षेत्रवासी दहशत में हैं। लोगों का कहना है कि आगामी दिनों में यदि नदी का जलस्तर बढ़ा तो क्षेत्र के करीब 150 गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे।
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लोगों ने डीएम से नदी के द्वारा की जा रही बांध व खेती की कटान पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है। इस संबंध में एडीएम शिवपूजन ने बताया कि नदी के जलस्तर व कटान पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ तथा कटान से बचाव के सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।