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मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ा, अस्पताल में उमड़ी भीड़
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गोंडा। बदलते मौसम के कारण मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। दिन तथा रात के तापमान में भारी अंतर के कारण तेजी के साथ मौसम में बदलाव हो रहा है। मौसम के बदलाव के चलते बुखार के मरीजों में 40 फीसदी तक इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल में सामान्य दिनों में करीब 150 से 200 बुखार के मरीजों की ओपीडी की जाती थी। वहीं सोमवार को 295 मरीज बुखार का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे।
जिला अस्पताल में मियादी बुखार, डेंगू व मलेरिया के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। सामान्य दिनों में आने वाले मरीजों की संख्या से इस समय बुखार से पीड़ित 40 प्रतिशत अधिक मरीज आ रहे हैं। करीब एक सप्ताह से रात के पारें में लगातार गिरावट देखी जा रही है। जहां दिन में तापमान 33 रहता है वहीं रात में लुढ़कर पारा 20 तक पहुंच जाता है। दिन में तेज धूप के चलते गर्मी रहती है तथा शाम ढलते ही ठंडक हो जाती है। जिससे लोग जल्द ही मौसमी बीमारियों की चपेट में आ जा रहे हैं।
बीमारों की बढ़ती संख्या के कारण सोमवार को जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए मरीजों की लंबी कतार देखने को मिली। वहीं चिकित्सकों के ओपीडी कक्ष के बाहर मरीजों भारी भीड़ दिखी। बदलते मौसम की वजह से होने वाली संक्रामक बीमारियों से शरीर ज्यादा प्रभावित होता है। हर समय बुखार बना रहता है। पूरे शरीर व जोड़ो में दर्द रहता है।
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10 दिन से बढ़ा डेंगू का प्रकोप
कोरोना वायरस के बीच डेंगू के बढ़ते प्रकोप ने स्वास्थ्य विभाग के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। मौसम में नमी आने के साथ ही डेंगू मच्छर लोगों को डंक मारने लगा है। पिछले 10 दिन से डेंगू का प्रकोप बढ़ा है। डेंगू के दस्तक के बावजूद भी प्रशासनिक स्तर पर इसके रोकथाम का कोई इंतजाम नहीं दिख रहा है।
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. समीर गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन डेंगू बुखार से पीड़ित करीब 10 से अधिक मरीज आ रहे हैं। जिन्हें सामान्यत: तेज बुखार, जोड़ो में दर्द, सर दर्द तथा मांस पेशियों में दर्द बना रहता है डेंगू के मरीजों को भूख न लगना, चक्कर आना उल्टी होना, रक्तस्राव तथा पेट व पीठ में दर्द की समस्या होती है। डॉ. समीर गुप्ता ने बताया डेंगू से बचने के लिए मच्छरों से बचाव बहुत जरूरी है। वहीं मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए पूरी रात एसी व कूलर का प्रयोग से बचना चाहिए। गुनगुना पानी पीने की आदत डालें।
सामान्य बुखार, डेंगू व कोरोना के लक्षण में अंतर
सामान्य बुखार- जुकाम, नाक बहना, खांसी, बुखार सिर दर्द
कोरोना- सांस लेने में तकलीफ, गले में खरास के साथ सूखी खांसी, मांस पेशियों में दर्द, तेज बुखार, गंध व स्वाद का न आना।
डेंगू- तेज बुखार, प्लेटलेट्स के कमी से रक्तस्राव, जोड़ो में दर्द व भूख न लगना।
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जिला अस्पताल में मियादी बुखार, डेंगू व मलेरिया के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। सामान्य दिनों में आने वाले मरीजों की संख्या से इस समय बुखार से पीड़ित 40 प्रतिशत अधिक मरीज आ रहे हैं। करीब एक सप्ताह से रात के पारें में लगातार गिरावट देखी जा रही है। जहां दिन में तापमान 33 रहता है वहीं रात में लुढ़कर पारा 20 तक पहुंच जाता है। दिन में तेज धूप के चलते गर्मी रहती है तथा शाम ढलते ही ठंडक हो जाती है। जिससे लोग जल्द ही मौसमी बीमारियों की चपेट में आ जा रहे हैं।
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बीमारों की बढ़ती संख्या के कारण सोमवार को जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए मरीजों की लंबी कतार देखने को मिली। वहीं चिकित्सकों के ओपीडी कक्ष के बाहर मरीजों भारी भीड़ दिखी। बदलते मौसम की वजह से होने वाली संक्रामक बीमारियों से शरीर ज्यादा प्रभावित होता है। हर समय बुखार बना रहता है। पूरे शरीर व जोड़ो में दर्द रहता है।
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10 दिन से बढ़ा डेंगू का प्रकोप
कोरोना वायरस के बीच डेंगू के बढ़ते प्रकोप ने स्वास्थ्य विभाग के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। मौसम में नमी आने के साथ ही डेंगू मच्छर लोगों को डंक मारने लगा है। पिछले 10 दिन से डेंगू का प्रकोप बढ़ा है। डेंगू के दस्तक के बावजूद भी प्रशासनिक स्तर पर इसके रोकथाम का कोई इंतजाम नहीं दिख रहा है।
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. समीर गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन डेंगू बुखार से पीड़ित करीब 10 से अधिक मरीज आ रहे हैं। जिन्हें सामान्यत: तेज बुखार, जोड़ो में दर्द, सर दर्द तथा मांस पेशियों में दर्द बना रहता है डेंगू के मरीजों को भूख न लगना, चक्कर आना उल्टी होना, रक्तस्राव तथा पेट व पीठ में दर्द की समस्या होती है। डॉ. समीर गुप्ता ने बताया डेंगू से बचने के लिए मच्छरों से बचाव बहुत जरूरी है। वहीं मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए पूरी रात एसी व कूलर का प्रयोग से बचना चाहिए। गुनगुना पानी पीने की आदत डालें।
सामान्य बुखार, डेंगू व कोरोना के लक्षण में अंतर
सामान्य बुखार- जुकाम, नाक बहना, खांसी, बुखार सिर दर्द
कोरोना- सांस लेने में तकलीफ, गले में खरास के साथ सूखी खांसी, मांस पेशियों में दर्द, तेज बुखार, गंध व स्वाद का न आना।
डेंगू- तेज बुखार, प्लेटलेट्स के कमी से रक्तस्राव, जोड़ो में दर्द व भूख न लगना।