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कोरोना टीका लगवाकर दस लाख लोग बने बाहुबली
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गोंडा के सीएचसी बेलसर में कोरोना टीकाकरण के लिए उमड़ी भीड़।
- फोटो : GONDA
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गोंडा। कोरोना टीकाकरण को लेकर लोगों में खासी जागरूकता बढ़ी है। नतीजन टीकाकरण केंद्रों पर सुबह से ही लंबी लाइनें लग जा रही हैं। जिसमें अधिकतर संख्या महिलाओं की होती है।
हालांकि टीके की कमी अभी भी लोगों के मंसूबे पर पानी फेर रही है। जिले में औसतन हर रोज करीब 35 हजार लोग टीका लगवाने के लिए केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। जिनमें 18 से 20 हजार लोगों को ही कोरोनारोधी टीका लग पा रहा है। अभी तक करीब दस लाख लोगों को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है।
शुरूआत में देखा गया कि कोरोना वैक्सीन लगवाने को लेकर लोगों में मन में तरह-तरह की भ्रांति थी। ऐसे में लोग अस्पतालों तक नहीं पहुंच रहे थे। प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग और ग्रामीण स्तर पर प्रधान और निगरानी समिति लोगों को टीकाकरण के लिए जागरूक करती रही, लेकिन अब अब लोग खासे जागरूक हो रहे हैं।
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कहा जाए तो प्रशासन, प्रबुद्ध वर्ग, जनप्रतिनिधि ने भी इसमें भूमिका निभाई। यूं तो एक जुलाई से कलस्टर फेज में गांव-गांव टीकाकरण किया जाना था, लेकिन वैक्सीन की अधिक उपलब्धता न होने के कारण अभी सिर्फ स्वास्थ्य केंद्रों पर ही टीकाकरण किया जा रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलसर, इटियाथोक, रुपईडीह, वजीरगंज व नबाबगंज समेत अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों पर सुबह से ही लोगों की लंबी लाइन जा रही है। जिसमें अधिकांश महिलाएं होती हैं।
कोरोना टीकाकरण को लेकर सबसे अधिक भ्रम गांवों की महिलाओं में देखा जा रहा था। लेकिन जागरूकता बढ़ने के कारण ग्रामीण महिलाएं सबसे अधिक संख्या में टीकाकरण केंद्रों पर पहुंच रही हैं।
रुपईडीह की रेशमा, शबनम, महरूम निशा व रूबी ने बताया कि टीकाकरण के प्रति लोग तरह तरह की अफवाहें फैला रहे थे, जिससे महिलाओं में डर था, लेकिन अब भ्रम दूर हो गया है। महिलाओं उत्साह के साथ टीकाकरण केंद्रों पर लाइन लगाकर वैक्सीन लगवा रही हैं।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए शुरु हुए टीकाकरण अभियान के जिले में 1,11058 लोगों को कोरोनारोधी वैक्सीन की दोनों डोज लगाई जा चुकी है। हालांकि दोनों डोज के अंतराल बढ़ जाने की वजह से 8 लाख 48 हजार लोगों को वैक्सीन की दूसरी खुराक नहीं लगी। वहीं लोग केंद्रों पर लंबी लाइन को देखकर दूसरी डोज बाद में लेने की बात कहते हैं। कुछ टीकाकरण केंद्रों पर दूसरी डोज के लिए अलग काउंटर बनाए गए हैं।
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हालांकि टीके की कमी अभी भी लोगों के मंसूबे पर पानी फेर रही है। जिले में औसतन हर रोज करीब 35 हजार लोग टीका लगवाने के लिए केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। जिनमें 18 से 20 हजार लोगों को ही कोरोनारोधी टीका लग पा रहा है। अभी तक करीब दस लाख लोगों को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है।
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शुरूआत में देखा गया कि कोरोना वैक्सीन लगवाने को लेकर लोगों में मन में तरह-तरह की भ्रांति थी। ऐसे में लोग अस्पतालों तक नहीं पहुंच रहे थे। प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग और ग्रामीण स्तर पर प्रधान और निगरानी समिति लोगों को टीकाकरण के लिए जागरूक करती रही, लेकिन अब अब लोग खासे जागरूक हो रहे हैं।
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कहा जाए तो प्रशासन, प्रबुद्ध वर्ग, जनप्रतिनिधि ने भी इसमें भूमिका निभाई। यूं तो एक जुलाई से कलस्टर फेज में गांव-गांव टीकाकरण किया जाना था, लेकिन वैक्सीन की अधिक उपलब्धता न होने के कारण अभी सिर्फ स्वास्थ्य केंद्रों पर ही टीकाकरण किया जा रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलसर, इटियाथोक, रुपईडीह, वजीरगंज व नबाबगंज समेत अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों पर सुबह से ही लोगों की लंबी लाइन जा रही है। जिसमें अधिकांश महिलाएं होती हैं।
कोरोना टीकाकरण को लेकर सबसे अधिक भ्रम गांवों की महिलाओं में देखा जा रहा था। लेकिन जागरूकता बढ़ने के कारण ग्रामीण महिलाएं सबसे अधिक संख्या में टीकाकरण केंद्रों पर पहुंच रही हैं।
रुपईडीह की रेशमा, शबनम, महरूम निशा व रूबी ने बताया कि टीकाकरण के प्रति लोग तरह तरह की अफवाहें फैला रहे थे, जिससे महिलाओं में डर था, लेकिन अब भ्रम दूर हो गया है। महिलाओं उत्साह के साथ टीकाकरण केंद्रों पर लाइन लगाकर वैक्सीन लगवा रही हैं।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए शुरु हुए टीकाकरण अभियान के जिले में 1,11058 लोगों को कोरोनारोधी वैक्सीन की दोनों डोज लगाई जा चुकी है। हालांकि दोनों डोज के अंतराल बढ़ जाने की वजह से 8 लाख 48 हजार लोगों को वैक्सीन की दूसरी खुराक नहीं लगी। वहीं लोग केंद्रों पर लंबी लाइन को देखकर दूसरी डोज बाद में लेने की बात कहते हैं। कुछ टीकाकरण केंद्रों पर दूसरी डोज के लिए अलग काउंटर बनाए गए हैं।