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Gonda News: एक लाख परिषदीय छात्रों को नहीं मिला अनुदान
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गोंडा। नौनिहालों को ठंड से बचाने के लिए स्वेटर, जूता और मोजे की जरूरत है। शासन ने इसके लिए बजट भी तय कर रखा है। हाल यह है कि वित्तीय वर्ष समाप्ति में दो महीने से भी कम समय बचा है और अभी भी परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले 1.10 लाख छात्रों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) से अनुदान नहीं मिल सका है। प्रत्येक छात्र के अभिभावक के खाते में 1200 रुपए की धनराशि जानी है। जिसमें ड्रेस के साथ स्वेटर, जूता- मोजा व शैक्षिक सामग्री लेनी है।
परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले 4.20 लाख छात्रों को डीबीटी से अनुदान देना था, अभी तक 3.10 लाख को अनुदान दिया गया है। 15 हजार की तैयारी पूरी है, जल्द ही अनुदान जाएगा। एक लाख दस हजार अभी भी लाभ से वंचित हैं। इसमें 4500 छात्रों की जानकारी ही नहीं मिल रही है। डीबीटी से अभिभावकों के खातों में धनराशि भेजे जाने में इस बार माता-पिता के साथ छात्र का आधार नंबर पोर्टल पर दर्ज किया जाना है।
इसी से छात्रों की समस्या दूर नहीं हो रही है। अभिभावक आधार कार्ड बनवा ही नहीं पा रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने न्याय पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर आधार कार्ड बनाने का कार्य भी किया, इसके बाद भी 48 हजार छात्रों का आधार नहीं बन सका है। इसमें अभिभावकों की लापरवाही के साथ ही जागरूकता की कमी भी बताई जा रही है। वहीं 4500 छात्रों के प्रवेश तो हैं लेकिन शिक्षक ही चुप्पी साधे हैं। वह स्पष्ट ही नहीं कर पा रहे हैं कि यह छात्र कौन हैं।
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परिषदीय स्कूलों में शीतकालीन अवकाश 15 जनवरी को खत्म हो रहा है। अनुदान न मिलने से छात्रों को स्वेटर नहीं मिल रहा है। ऐसे में स्कूल खुलने पर छात्रों के सामने ठंड से बचाव की चुनौती रहेगी।
बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह का कहना है कि डीबीटी से छात्रों को अनुदान दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है। प्रयास है कि सभी को अनुदान इसी महीने मिल जाए। अभिभावकों को अपने खाते और आधार को सही कराना होगा। बैंकों से भी समन्वय बनाया जा रहा है।
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परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले 4.20 लाख छात्रों को डीबीटी से अनुदान देना था, अभी तक 3.10 लाख को अनुदान दिया गया है। 15 हजार की तैयारी पूरी है, जल्द ही अनुदान जाएगा। एक लाख दस हजार अभी भी लाभ से वंचित हैं। इसमें 4500 छात्रों की जानकारी ही नहीं मिल रही है। डीबीटी से अभिभावकों के खातों में धनराशि भेजे जाने में इस बार माता-पिता के साथ छात्र का आधार नंबर पोर्टल पर दर्ज किया जाना है।
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इसी से छात्रों की समस्या दूर नहीं हो रही है। अभिभावक आधार कार्ड बनवा ही नहीं पा रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने न्याय पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर आधार कार्ड बनाने का कार्य भी किया, इसके बाद भी 48 हजार छात्रों का आधार नहीं बन सका है। इसमें अभिभावकों की लापरवाही के साथ ही जागरूकता की कमी भी बताई जा रही है। वहीं 4500 छात्रों के प्रवेश तो हैं लेकिन शिक्षक ही चुप्पी साधे हैं। वह स्पष्ट ही नहीं कर पा रहे हैं कि यह छात्र कौन हैं।
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परिषदीय स्कूलों में शीतकालीन अवकाश 15 जनवरी को खत्म हो रहा है। अनुदान न मिलने से छात्रों को स्वेटर नहीं मिल रहा है। ऐसे में स्कूल खुलने पर छात्रों के सामने ठंड से बचाव की चुनौती रहेगी।
बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह का कहना है कि डीबीटी से छात्रों को अनुदान दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है। प्रयास है कि सभी को अनुदान इसी महीने मिल जाए। अभिभावकों को अपने खाते और आधार को सही कराना होगा। बैंकों से भी समन्वय बनाया जा रहा है।