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खसरे से एक बच्चे की मौत, चार पीड़ित
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2015 10:37 PM IST
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धानेपुर थाना क्षेत्र के राजापुर गांव के मजरा बल्दूपुरवा में बीते दिन खसरे से पीड़ित एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि चार अन्य नौनिहाल खसरे की चपेट में हैं। सूचना मिलने के बाद गुरुवार को सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और पीड़ित बच्चों का इलाज किया।
राजापुर गांव के मजरा बल्दूपुरवा निवासी सियाराम के मुताबिक गांव में एक सप्ताह से खसरे का प्रकोप है। अब तक दर्जनों बच्चे इसकी चपेट में आ चुके हैं। बुधवार शाम को गांव निवासी प्रहलाद के बेटे प्रेम (1) की खसरे के चलते मौत हो गई। प्रहलाद ने बताया कि उसका बेटा पांच दिनों से खसरे से पीड़ित था। उसने पहले बाबागंज बाजार में निजी चिकित्सक से प्रेम का इलाज कराया।
इसके बाद उसे मुख्यालय के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया, लेकिन बीती शाम प्रेम की मौत हो गई। प्रहलाद ने बताया कि उसकी तीन वर्षीया बेटी मीना भी खसरे की चपेट में है। इसके साथ ही गांव के सियाराम का बेटा रोहित (5), विजय कुमार का पुत्र वीरेंद्र (2) व सुजीत की बेटी सुहानी (5) अभी भी खसरे से पीड़ित है।
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बच्चे की मौत होने की सूचना मिलने पर गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुजेहना के चिकित्सक हरकत में आए और आनन-फानन में गांव पहुंचकर पीड़ित बच्चों का इलाज शुरू किया। सियाराम ने बताया कि बीमारी की सूचना कई बार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुजेहना पर दी गई, लेकिन कोई भी जिम्मेदार गांव में झांकने नहीं आया।
बुधवार को जब बच्चे की मौत हो गई तो गुरुवार सुबह गांव पहुंचे डॉक्टरों ने कुछ पीड़ित बच्चों को दवाइयां दीं। उधर, सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. विवेक मिश्र का कहना है कि जानकारी मिलने पर गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजा गया है। बच्चे की मौत चिकनपॉक्स के चलते हुई है।
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राजापुर गांव के मजरा बल्दूपुरवा निवासी सियाराम के मुताबिक गांव में एक सप्ताह से खसरे का प्रकोप है। अब तक दर्जनों बच्चे इसकी चपेट में आ चुके हैं। बुधवार शाम को गांव निवासी प्रहलाद के बेटे प्रेम (1) की खसरे के चलते मौत हो गई। प्रहलाद ने बताया कि उसका बेटा पांच दिनों से खसरे से पीड़ित था। उसने पहले बाबागंज बाजार में निजी चिकित्सक से प्रेम का इलाज कराया।
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इसके बाद उसे मुख्यालय के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया, लेकिन बीती शाम प्रेम की मौत हो गई। प्रहलाद ने बताया कि उसकी तीन वर्षीया बेटी मीना भी खसरे की चपेट में है। इसके साथ ही गांव के सियाराम का बेटा रोहित (5), विजय कुमार का पुत्र वीरेंद्र (2) व सुजीत की बेटी सुहानी (5) अभी भी खसरे से पीड़ित है।
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बच्चे की मौत होने की सूचना मिलने पर गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुजेहना के चिकित्सक हरकत में आए और आनन-फानन में गांव पहुंचकर पीड़ित बच्चों का इलाज शुरू किया। सियाराम ने बताया कि बीमारी की सूचना कई बार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुजेहना पर दी गई, लेकिन कोई भी जिम्मेदार गांव में झांकने नहीं आया।
बुधवार को जब बच्चे की मौत हो गई तो गुरुवार सुबह गांव पहुंचे डॉक्टरों ने कुछ पीड़ित बच्चों को दवाइयां दीं। उधर, सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. विवेक मिश्र का कहना है कि जानकारी मिलने पर गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजा गया है। बच्चे की मौत चिकनपॉक्स के चलते हुई है।