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Gonda News: अब मेडिकल कॉलेज में बेड पर मिलेगी प्राण वायु
Wed, 28 Jan 2026 12:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 28 Jan 2026 12:22 AM IST
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गोंडा। जिले के स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिए राहत की खबर है। एक करोड़ रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक एलएमओ (लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन) प्लांट को शासन से संचालन का लाइसेंस मिल गया है। प्लांट के चालू होते ही मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की किल्लत दूर हो जाएगी। ऑक्सीजन बेड-टू-बेड उपलब्ध होगी।
अब तक मेडिकल कॉलेज में गैस आधारित ऑक्सीजन प्लांट से आपूर्ति की जा रही थी, जिसमें तकनीकी खराबी या पाइपलाइन लीक होने पर ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित हो जाती थी। इन समस्याओं को देखते हुए कॉलेज में एलएमओ प्लांट की स्थापना की गई है, जिससे मरीजों को निर्बाध ऑक्सीजन मिल सकेगी।
पूरी तरह फायर प्रूफ है प्लांट
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि यह प्लांट अत्याधुनिक पीएसए (प्रेशर स्विंग एडसाॅर्प्शन) तकनीक पर कार्य करेगा। इससे ऊंचाई पर भी ऑक्सीजन प्रेशर में कमी नहीं आएगी और वेंटीलेटर सहित अन्य आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के संचालन में सुविधा होगी। प्लांट का निर्माण आईनॉक्स संस्था द्वारा किया गया है, जिसकी क्षमता 20 किलोलीटर है। एलएमओ प्लांट से पाइपलाइन के जरिये नए हॉस्पिटल ब्लॉक के 200 बेड जोड़े जाएंगे। यूपी प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन की ओर से बेड-टू-बेड आपूर्ति के कार्य किए जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से प्लांट स्थल को पूरी तरह फायर प्रूफ बनाया गया है।
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लिक्विड ऑक्सीजन ज्यादा शुद्ध
प्राचार्य ने बताया कि गैस ऑक्सीजन की तुलना में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन अधिक शुद्ध होती है। जहां गैस में 96 से 97 प्रतिशत तक शुद्धता होती है, वहीं एलएमओ में 100 प्रतिशत शुद्ध ऑक्सीजन उपलब्ध रहती है। प्लांट के शुरू होने से गंभीर मरीजों के उपचार में और अधिक सहूलियत मिलेगी। एलएमओ प्लांट के चालू होने को मेडिकल कॉलेज के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार माना जा रहा है, जिससे भविष्य में आपात स्थितियों से निपटना भी आसान होगा।
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अब तक मेडिकल कॉलेज में गैस आधारित ऑक्सीजन प्लांट से आपूर्ति की जा रही थी, जिसमें तकनीकी खराबी या पाइपलाइन लीक होने पर ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित हो जाती थी। इन समस्याओं को देखते हुए कॉलेज में एलएमओ प्लांट की स्थापना की गई है, जिससे मरीजों को निर्बाध ऑक्सीजन मिल सकेगी।
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पूरी तरह फायर प्रूफ है प्लांट
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि यह प्लांट अत्याधुनिक पीएसए (प्रेशर स्विंग एडसाॅर्प्शन) तकनीक पर कार्य करेगा। इससे ऊंचाई पर भी ऑक्सीजन प्रेशर में कमी नहीं आएगी और वेंटीलेटर सहित अन्य आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के संचालन में सुविधा होगी। प्लांट का निर्माण आईनॉक्स संस्था द्वारा किया गया है, जिसकी क्षमता 20 किलोलीटर है। एलएमओ प्लांट से पाइपलाइन के जरिये नए हॉस्पिटल ब्लॉक के 200 बेड जोड़े जाएंगे। यूपी प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन की ओर से बेड-टू-बेड आपूर्ति के कार्य किए जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से प्लांट स्थल को पूरी तरह फायर प्रूफ बनाया गया है।
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लिक्विड ऑक्सीजन ज्यादा शुद्ध
प्राचार्य ने बताया कि गैस ऑक्सीजन की तुलना में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन अधिक शुद्ध होती है। जहां गैस में 96 से 97 प्रतिशत तक शुद्धता होती है, वहीं एलएमओ में 100 प्रतिशत शुद्ध ऑक्सीजन उपलब्ध रहती है। प्लांट के शुरू होने से गंभीर मरीजों के उपचार में और अधिक सहूलियत मिलेगी। एलएमओ प्लांट के चालू होने को मेडिकल कॉलेज के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार माना जा रहा है, जिससे भविष्य में आपात स्थितियों से निपटना भी आसान होगा।