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तीन लाख बच्चों के लिए अब बाल वाटिका मुहिम
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गोंडा। अब परिषदीय स्कूलों के बच्चे सवाल देने में हिचकेंगे नहीं... फर्राटे से जवाब देंगे। इसके लिए स्कूलों में तीन लाख के करीब बच्चों को प्रस्तुति देने के तरीके बताए जाएंगे। साथ ही लेखन में भी निपुण बनाया जाना है। इसके लिए शिक्षक 100 दिन का अभियान चलाएंगे।
बाल वाटिका मुहिम से बच्चों को अपनी बात रखने और हाजिर जवाब देने के लिए तैयार किया जाना है। जिससे वह अपने ज्ञान की प्रस्तुति दे सकें। अभी परिवार के लोग बच्चों को सिखाएंगे, फिर स्कूल खुलने पर शिक्षक बाल वाटिका अभियान शुरू करेंगे।
स्कूलों के लिए 100 दिवसीय पठन अभियान शुरू हो रहा है। बाल वाटिका अभियान कक्षा एक और कक्षा 8 वीं के बीच कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्रों पर केंद्रित होगा।
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अभियान से छात्रों को उनकी रचनात्मकता, महत्वपूर्ण सोच और शब्दावली को मौखिक और लिखित रूप में व्यक्त करने की क्षमता सुधारने में मदद मिलेगी। बच्चों में किताबों को पढ़ने और उसमें अपनी क्षमता का प्रदर्शन करना बताया जाना है, जिससे उनके ज्ञान का विकास हो सके।
बेसिक स्कूलों में 100 दिनों का अभियान चौदह सप्ताह तक जारी रहेगा। बच्चों का समूह बनाकर हर सप्ताह एक गतिविधि का आयोजन करेंगे। जिसमें पढ़ने को सुखद बनाने और पढ़ने के आनंद के साथ आजीवन जुड़ाव बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।
विभाग के जानकार का कहना है कि पढ़ना सीखने की नींव है, जो छात्रों को स्वतंत्र रूप से किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित करता है। रचनात्मकता, महत्वपूर्ण सोच, शब्दावली और मौखिक और लिखित दोनों में व्यक्त करने की क्षमता विकसित करता है। यह बच्चों को अपने परिवेश और वास्तविक जीवन की स्थिति से रूबरू करानेे में मदद करता है। इसके लिए पहल होगी।
बेसिक शिक्षा के 3100 स्कूलों के करीब 11 हजार शिक्षक अंग्रेजी व्याकरण को सहज तरीके से समझेंगे। इसके लिए विभाग जल्द ही शिक्षकों को एक हैंडबुक उपलब्ध कराएगा। आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान (ईएलटीआई) से विभाग को अंग्रेजी व्याकरण और अपठित गद्यांश पर एक हैंडबुक मिलेगा, जो हर समय शिक्षकों के पास रहेगी ताकि अंग्रेजी अध्यापन में मुश्किल न हो।
यह पुस्तिका अंग्रेजी और हिंदी में होगी। किताब में उदाहरण परिषदीय स्कूलों की अंग्रेजी की किताबों से लिए गए हैं ताकि शिक्षक आसानी से समझ कर बच्चों को अच्छे से समझा सकें। हैंडबुक में अंग्रेजी व्याकरण की आधारभूत जानकारी रहेगी।
जो शिक्षक अधिक अंग्रेजी समझना चाहते हैं उनके लिए उन्नत सामग्री के साथ शिक्षकों के स्व-मूल्यांकन के लिए भी सामग्री रहेगी। पुस्तिका में अंग्रेजी व्याकरण के नियमों की तर्कों के साथ व्याख्या दी जाएगी। इससे न सिर्फ शिक्षकों की अंग्रेजी व्याकरण की समझ बढ़ेगी बल्कि वे बच्चों को अच्छे से पढ़ा सकेंगे।
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बाल वाटिका मुहिम से बच्चों को अपनी बात रखने और हाजिर जवाब देने के लिए तैयार किया जाना है। जिससे वह अपने ज्ञान की प्रस्तुति दे सकें। अभी परिवार के लोग बच्चों को सिखाएंगे, फिर स्कूल खुलने पर शिक्षक बाल वाटिका अभियान शुरू करेंगे।
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स्कूलों के लिए 100 दिवसीय पठन अभियान शुरू हो रहा है। बाल वाटिका अभियान कक्षा एक और कक्षा 8 वीं के बीच कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्रों पर केंद्रित होगा।
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अभियान से छात्रों को उनकी रचनात्मकता, महत्वपूर्ण सोच और शब्दावली को मौखिक और लिखित रूप में व्यक्त करने की क्षमता सुधारने में मदद मिलेगी। बच्चों में किताबों को पढ़ने और उसमें अपनी क्षमता का प्रदर्शन करना बताया जाना है, जिससे उनके ज्ञान का विकास हो सके।
बेसिक स्कूलों में 100 दिनों का अभियान चौदह सप्ताह तक जारी रहेगा। बच्चों का समूह बनाकर हर सप्ताह एक गतिविधि का आयोजन करेंगे। जिसमें पढ़ने को सुखद बनाने और पढ़ने के आनंद के साथ आजीवन जुड़ाव बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।
विभाग के जानकार का कहना है कि पढ़ना सीखने की नींव है, जो छात्रों को स्वतंत्र रूप से किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित करता है। रचनात्मकता, महत्वपूर्ण सोच, शब्दावली और मौखिक और लिखित दोनों में व्यक्त करने की क्षमता विकसित करता है। यह बच्चों को अपने परिवेश और वास्तविक जीवन की स्थिति से रूबरू करानेे में मदद करता है। इसके लिए पहल होगी।
बेसिक शिक्षा के 3100 स्कूलों के करीब 11 हजार शिक्षक अंग्रेजी व्याकरण को सहज तरीके से समझेंगे। इसके लिए विभाग जल्द ही शिक्षकों को एक हैंडबुक उपलब्ध कराएगा। आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान (ईएलटीआई) से विभाग को अंग्रेजी व्याकरण और अपठित गद्यांश पर एक हैंडबुक मिलेगा, जो हर समय शिक्षकों के पास रहेगी ताकि अंग्रेजी अध्यापन में मुश्किल न हो।
यह पुस्तिका अंग्रेजी और हिंदी में होगी। किताब में उदाहरण परिषदीय स्कूलों की अंग्रेजी की किताबों से लिए गए हैं ताकि शिक्षक आसानी से समझ कर बच्चों को अच्छे से समझा सकें। हैंडबुक में अंग्रेजी व्याकरण की आधारभूत जानकारी रहेगी।
जो शिक्षक अधिक अंग्रेजी समझना चाहते हैं उनके लिए उन्नत सामग्री के साथ शिक्षकों के स्व-मूल्यांकन के लिए भी सामग्री रहेगी। पुस्तिका में अंग्रेजी व्याकरण के नियमों की तर्कों के साथ व्याख्या दी जाएगी। इससे न सिर्फ शिक्षकों की अंग्रेजी व्याकरण की समझ बढ़ेगी बल्कि वे बच्चों को अच्छे से पढ़ा सकेंगे।