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नहीं मिला कैश, बीमार बच्चे की मौत
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Sat, 10 Dec 2016 10:45 PM IST
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उतरौला कोतवाली क्षेत्र के चिचूड़ी संहनिया गांव में नोटबंदी के चलते बैंक से रुपये न मिलने से इलाज के अभाव में सात साल के बीमार मासूम की शनिवार शाम मौत हो गई। प्रशासन को मामले की जानकारी नहीं है।
उतरौला कोतवाली क्षेत्र के चिचूड़ी संहनिया गांव निवासी अशोक कुमार उर्फ नीबर ने शनिवार शाम को बताया कि उसके सात वर्षीय बेटे कल्लू की तीन दिनों से तबियत खराब थी। अशोक ने कल्लू के इलाज के लिए बीते गुरुवार तथा शुक्रवार को बैंक खाते से पैसा निकालने के लिए लाइन भी लगाई, लेकिन कैश की किल्लत के चलते अशोक को पैसा नहीं मिल पाया।
अशोक का आरोप है कि पैसे न मिलने के कारण वह अपने बेटे का इलाज नहीं करा पाया। इलाज के अभाव में शाम को कल्लू ने दम तोड़ दिया। अशोक ने कल्लू की मौत के लिए नोटबंदी को जिम्मेदार ठहराया है। इस संबंध में उतरौला एसडीएम आरवी राम ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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उतरौला कोतवाली क्षेत्र के चिचूड़ी संहनिया गांव निवासी अशोक कुमार उर्फ नीबर ने शनिवार शाम को बताया कि उसके सात वर्षीय बेटे कल्लू की तीन दिनों से तबियत खराब थी। अशोक ने कल्लू के इलाज के लिए बीते गुरुवार तथा शुक्रवार को बैंक खाते से पैसा निकालने के लिए लाइन भी लगाई, लेकिन कैश की किल्लत के चलते अशोक को पैसा नहीं मिल पाया।
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अशोक का आरोप है कि पैसे न मिलने के कारण वह अपने बेटे का इलाज नहीं करा पाया। इलाज के अभाव में शाम को कल्लू ने दम तोड़ दिया। अशोक ने कल्लू की मौत के लिए नोटबंदी को जिम्मेदार ठहराया है। इस संबंध में उतरौला एसडीएम आरवी राम ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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