{"_id":"646d05165a6529e0ee0f13bb","slug":"no-renovation-of-nursing-home-without-medical-waste-disposal-gonda-news-c-13-1-251295-2023-05-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण के बाद होगा नवीनीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण के बाद होगा नवीनीकरण
Tue, 23 May 2023 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 23 May 2023 11:55 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। अस्पतालों के नवीनीकरण मेें इस बार मानक पूरे करने के लिए सख्ती की जा रही है। बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण व अन्य मानक पूरे नहीं होने के कारण जिले के 46 अस्पतालों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन ही नहीं किया। अब विभाग इन्हें अवैध मानकर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
बीते वर्ष जिले में 89 नर्सिंग होम पंजीकृत थे। इनका पंजीकरण 30 अप्रैल तक वैध था। मगर निर्धारित तिथि के भीतर 43 अस्पतालों ने ही नवीनीकरण के लिए आवेदन किया। जबकि 46 निजी अस्पताल ऐसे हैं जिन्होंने नवीनीकरण प्रकिया शुरू तक नहीं की। ऐसे में विभाग इनके संचालन को अवैध मानते हुए कार्रवाई करने की तैयारी में जुट गया है। आवेदन न करने वालों में 50 बेड से अधिक वाले शहर के नामी निजी अस्पताल भी शामिल हैं।
निजी अस्पतालों के पंजीकरण के नवीनीकरण के लिए अब तक बायो मेडिकल बेस्ट निस्तारण का प्रमाणपत्र लगाकर खानापूर्ति कर दी जाती थी। मगर इस बार प्रमाणपत्र देने के बाद बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण कंपनी के साथ सहमति पत्र भी जमा करना होगा। एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा ने बताया कि इस बार बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण की व्यवस्था परखने के बाद ही नवीनीकरण हो सकेगा। अग्निशमन विभाग, पर्यावरण विभाग, स्वास्थ्य विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एओसी) व क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन एक्ट का प्रमाणपत्र लेना आवश्यक होगा।
विज्ञापन
क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन एक्ट लागू होने के बाद अब 50 से अधिक बेड वाले निजी अस्पतालों का पंजीकरण डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी के माध्यम से होगा। इसके लिए जिला रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण बनाया गया है। कमेटी में प्राधिकरण, सीएमओ, सीडीओ, एडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, आईएमए, पुलिस के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
विज्ञापन
बीते वर्ष जिले में 89 नर्सिंग होम पंजीकृत थे। इनका पंजीकरण 30 अप्रैल तक वैध था। मगर निर्धारित तिथि के भीतर 43 अस्पतालों ने ही नवीनीकरण के लिए आवेदन किया। जबकि 46 निजी अस्पताल ऐसे हैं जिन्होंने नवीनीकरण प्रकिया शुरू तक नहीं की। ऐसे में विभाग इनके संचालन को अवैध मानते हुए कार्रवाई करने की तैयारी में जुट गया है। आवेदन न करने वालों में 50 बेड से अधिक वाले शहर के नामी निजी अस्पताल भी शामिल हैं।
विज्ञापन
निजी अस्पतालों के पंजीकरण के नवीनीकरण के लिए अब तक बायो मेडिकल बेस्ट निस्तारण का प्रमाणपत्र लगाकर खानापूर्ति कर दी जाती थी। मगर इस बार प्रमाणपत्र देने के बाद बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण कंपनी के साथ सहमति पत्र भी जमा करना होगा। एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा ने बताया कि इस बार बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण की व्यवस्था परखने के बाद ही नवीनीकरण हो सकेगा। अग्निशमन विभाग, पर्यावरण विभाग, स्वास्थ्य विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एओसी) व क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन एक्ट का प्रमाणपत्र लेना आवश्यक होगा।
विज्ञापन
क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन एक्ट लागू होने के बाद अब 50 से अधिक बेड वाले निजी अस्पतालों का पंजीकरण डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी के माध्यम से होगा। इसके लिए जिला रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण बनाया गया है। कमेटी में प्राधिकरण, सीएमओ, सीडीओ, एडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, आईएमए, पुलिस के प्रतिनिधि शामिल होंगे।