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42 सालों बाद पूरा हुआ नई रेल लाइन का सपना
Sat, 02 Mar 2019 11:27 PM IST
रमेश रमेश
amar ujala
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Published by: रमेश रमेश
Updated Sat, 02 Mar 2019 11:27 PM IST
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42 सालों के लंबे इंतजार के बाद शनिवार को खलीलाबाद-बहराइच वाया डुमरियागंज-उतरौला बलरामपुर नई रेल लाइन का शिलान्यास हो गया। रेल मंत्री पीयूष गोयल व रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने बटन दबाकर खलीलाबाद-बहराइच रेल मार्ग का शिलान्यास किया।
पांच जनपदों संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती व बहराइच को जोड़ने वाली इस रेल परियोजना पर करीब पांच हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। मुख्य अतिथि पीयूष गोयल ने कहा कि यह रेल लाइन दो महान व्यक्तित्व व भारत रत्न से सम्मानित विभूतियों पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और समाजसेवी नानाजी देशमुख को समर्पित है।
करीब एक घंटे देर से शुरू हुए कार्यक्रम में रेल व कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री का निर्देश था कि देश के सर्वाधिक पिछड़े जनपदों में शामिल सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती व बहराइच को रेल मार्ग से जोड़ा जाना है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी व जनसंघ के संस्थापक सदस्य नानाजी देखमुख के कर्म क्षेत्र में विकास कार्य तेज करने के लिए यह रेल लाइन बहुत जरूरी है।
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रेल मंत्री ने प्रदेश सरकार की जमकर तारीफ की। कहा कि यहां डबल इंजन से विकास कार्य में तेजी आई है। प्रदेश सरकार ने एक करोड़ घरों में बिजली पहुंचाकर बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाई है। मंत्री ने कहा कि इस धरती से ही संत कबीर ने भाईचारा व सद्भाव का संदेश दिया था और भाजपा की सरकार भी सबका साथ-सबका विकास के सिद्धांत पर आगे बढ़ रही है।
कार्यक्रम को संतकबीरनगर के सांसद शरद त्रिपाठी, डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल, सांसद कीर्तिवर्द्धन सिंह, सांसद ददन मिश्र, पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम राजीव अग्रवाल आदि ने भी संबोधित किया।
रेल व दूरसंचार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा ने कहा कि कोंकण रेलवे के बाद देश में अब तक की यह सबसे बड़ी नई रेल लाइन परियोजना है। उन्होंने कहा कि यह रेल लाइन कई प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने के साथ ही नेपाल को भी भारत से जोड़ेगी। इंदारा-दोहरीघाट रेल लाइन की चर्चा करते हुए सिन्हा ने कहा कि इसे सहजनवां तक बढ़ाया जाएगा और जल्दी ही इसकी भी घोषणा होगी।
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पांच जनपदों संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती व बहराइच को जोड़ने वाली इस रेल परियोजना पर करीब पांच हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। मुख्य अतिथि पीयूष गोयल ने कहा कि यह रेल लाइन दो महान व्यक्तित्व व भारत रत्न से सम्मानित विभूतियों पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और समाजसेवी नानाजी देशमुख को समर्पित है।
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करीब एक घंटे देर से शुरू हुए कार्यक्रम में रेल व कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री का निर्देश था कि देश के सर्वाधिक पिछड़े जनपदों में शामिल सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती व बहराइच को रेल मार्ग से जोड़ा जाना है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी व जनसंघ के संस्थापक सदस्य नानाजी देखमुख के कर्म क्षेत्र में विकास कार्य तेज करने के लिए यह रेल लाइन बहुत जरूरी है।
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रेल मंत्री ने प्रदेश सरकार की जमकर तारीफ की। कहा कि यहां डबल इंजन से विकास कार्य में तेजी आई है। प्रदेश सरकार ने एक करोड़ घरों में बिजली पहुंचाकर बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाई है। मंत्री ने कहा कि इस धरती से ही संत कबीर ने भाईचारा व सद्भाव का संदेश दिया था और भाजपा की सरकार भी सबका साथ-सबका विकास के सिद्धांत पर आगे बढ़ रही है।
कार्यक्रम को संतकबीरनगर के सांसद शरद त्रिपाठी, डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल, सांसद कीर्तिवर्द्धन सिंह, सांसद ददन मिश्र, पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम राजीव अग्रवाल आदि ने भी संबोधित किया।
रेल व दूरसंचार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा ने कहा कि कोंकण रेलवे के बाद देश में अब तक की यह सबसे बड़ी नई रेल लाइन परियोजना है। उन्होंने कहा कि यह रेल लाइन कई प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने के साथ ही नेपाल को भी भारत से जोड़ेगी। इंदारा-दोहरीघाट रेल लाइन की चर्चा करते हुए सिन्हा ने कहा कि इसे सहजनवां तक बढ़ाया जाएगा और जल्दी ही इसकी भी घोषणा होगी।