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Gonda News: अवैध नर्सिंग होम में जच्चा-बच्चा की मौत
Sat, 20 May 2023 11:03 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 20 May 2023 11:03 PM IST
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गोंडा। गली-गली में संचालित अवैध नर्सिंगहोम व क्लीनिक मरीजों की जान के दुश्मन बन गए हैं। परसपुर में एक अवैध अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिवारीजनों ने पुलिस में शिकायत की है।
शनिवार को परसपुर पसका के उल्टहवा निवासी इंद्र यादव ने स्थानीय थाने में तहरीर देकर बताया कि उसकी पत्नी संगीता को प्रसव पीड़ा होने पर डायल 108 से सीएचसी परसपुर ले जाया गया। सीएचसी पर भर्ती करने के बाद वहां की महिला स्वास्थ्यकर्मी ने बताया कि ऑपरेशन करना पड़ेगा। जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
इंद्र यादव ने बताया कि वह बाहर गाड़ी ढूंढ़ने लगा तभी दो लोग आए और बहला-फुसलाकर सीएचसी के बगल में ही संचालित एक निजी हॉस्पिटल में ले गए। वहां पहुंचते ही 2000 रुपये जांच करवाने के लिए जमा करवा लिए गए। अस्पताल संचालक ने बताया कि थोड़ी देर में आपरेशन करने वाले डॉक्टर आ रहे हैं, 5000 रुपये और जमा करवा दीजिए। भर्ती कराने के एक घंटे बाद ऑपरेशन शुरू हुआ।
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ऑपरेशन के दौरान नवजात की मौत हो गई। कुछ घंटे बाद प्रसूता की भी मौत हो गई। शिव हॉस्पिटल के संचालक डॉ. रमन शुक्ल ने कहा कि यहां किसी जच्चा-बच्चा की मौत नहीं हुई है। मैंने डर से अस्पताल नहीं बंद किया है, बल्कि अस्पताल का पंजीकरण रिनीवल न होने के कारण बंद किया गया है।
एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा ने बताया कि परसपुर में शिव हॉस्पिटल बिना पंजीकरण संचालित हो रहा था। वहां औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल बंद मिला। बाहर अस्पताल का बैनर लगा था, वह उतरवा दिया गया है। अस्पताल कौन संचालित कर रहा था, इसकी जानकारी की जा रही है।
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शनिवार को परसपुर पसका के उल्टहवा निवासी इंद्र यादव ने स्थानीय थाने में तहरीर देकर बताया कि उसकी पत्नी संगीता को प्रसव पीड़ा होने पर डायल 108 से सीएचसी परसपुर ले जाया गया। सीएचसी पर भर्ती करने के बाद वहां की महिला स्वास्थ्यकर्मी ने बताया कि ऑपरेशन करना पड़ेगा। जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
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इंद्र यादव ने बताया कि वह बाहर गाड़ी ढूंढ़ने लगा तभी दो लोग आए और बहला-फुसलाकर सीएचसी के बगल में ही संचालित एक निजी हॉस्पिटल में ले गए। वहां पहुंचते ही 2000 रुपये जांच करवाने के लिए जमा करवा लिए गए। अस्पताल संचालक ने बताया कि थोड़ी देर में आपरेशन करने वाले डॉक्टर आ रहे हैं, 5000 रुपये और जमा करवा दीजिए। भर्ती कराने के एक घंटे बाद ऑपरेशन शुरू हुआ।
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ऑपरेशन के दौरान नवजात की मौत हो गई। कुछ घंटे बाद प्रसूता की भी मौत हो गई। शिव हॉस्पिटल के संचालक डॉ. रमन शुक्ल ने कहा कि यहां किसी जच्चा-बच्चा की मौत नहीं हुई है। मैंने डर से अस्पताल नहीं बंद किया है, बल्कि अस्पताल का पंजीकरण रिनीवल न होने के कारण बंद किया गया है।
एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा ने बताया कि परसपुर में शिव हॉस्पिटल बिना पंजीकरण संचालित हो रहा था। वहां औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल बंद मिला। बाहर अस्पताल का बैनर लगा था, वह उतरवा दिया गया है। अस्पताल कौन संचालित कर रहा था, इसकी जानकारी की जा रही है।