{"_id":"68ee8d0653fc522ad108420d","slug":"mnrega-payments-could-not-be-made-due-to-negligence-gonda-news-c-100-1-gon1003-145551-2025-10-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: लापरवाही से मनरेगा का नहीं हो सका भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: लापरवाही से मनरेगा का नहीं हो सका भुगतान
Tue, 14 Oct 2025 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 14 Oct 2025 11:18 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। जिले के झंझरी ब्लॉक में विवादों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां अभी तक ग्राम प्रधान व प्रतिनिधि ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर काम करने से इन्कार कर दिया। मंगलवार को प्रदेश के ब्लॉकों में मनरेगा के सामग्री मद में भुगतान हुआ। मगर झंझरी ब्लॉक में भुगतान नहीं हो सका। आरोप है कि समय रहते जरूरी प्रक्रिया ही नहीं पूरी की गई।
मनरेगा के तहत पंचायतों में काम कराने के बाद प्रधान दो वर्ष से भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। मंगलवार दोपहर दो बजे प्रदेश में एकसाथ 70 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। मगर जिले के झंझरी ब्लॉक में भुगतान के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी न होने से खाली हाथ रहना पड़ा। ऐसे में ग्राम प्रधानों की नाराजगी फिर बढ़ सकती है। डीसी मनरेगा ने बताया कि ब्लॉक में सामग्री मद में कुल 1.70 लाख रुपये का भुगतान लंबित है। डीसी मनरेगा जनार्दन प्रसाद की झंझरी ब्लॉक में बतौर कार्यक्रम अधिकारी तैनाती है। उनका कहना है कि भुगतान के लिए प्रथम हस्ताक्षरी लेखाकार होता है। मगर लेखाकर अखिलेश कुमार ने न तो कोई पत्रावली आगे बढ़ाई और न ही समय से उन्हें कोई जानकारी दी। आरोप लगाया कि बार-बार टोकने पर भी लेखाकार न पत्रावली अग्रसारित नहीं की। ऐसे में मनरेगा के सामग्री मद का भुगतान नहीं हो सका। इसके लिए लेखाकार को नोटिस देकर जवाब तलब किया है। साथ ही लिखित जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के दुर्व्यवहार से प्रतिनिधि आहत
विभागीय सूत्रों का कहना है कि जिले में खड़ाऊ राज जैसे हालात हैं। महिला ग्राम प्रधान होने पर पुरुष ही प्रतिनिधि के तौर पर काम करते हैं। बीते दिनों प्रधान प्रतिनिधि विकास भवन शिकायत करने पहुंचे तो उन्हें बाहर कर दिया गया। आरोप लगाया कि उनके साथ दुर्व्यवहार कर कमरे से बाहर कर दिया गया। प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश शुक्ल का कहना है कि प्रतिनिधि का कोई स्थान नहीं है। हालांकि मनरेगा का भुगतान न होने की जानकारी मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मनरेगा के तहत पंचायतों में काम कराने के बाद प्रधान दो वर्ष से भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। मंगलवार दोपहर दो बजे प्रदेश में एकसाथ 70 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। मगर जिले के झंझरी ब्लॉक में भुगतान के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी न होने से खाली हाथ रहना पड़ा। ऐसे में ग्राम प्रधानों की नाराजगी फिर बढ़ सकती है। डीसी मनरेगा ने बताया कि ब्लॉक में सामग्री मद में कुल 1.70 लाख रुपये का भुगतान लंबित है। डीसी मनरेगा जनार्दन प्रसाद की झंझरी ब्लॉक में बतौर कार्यक्रम अधिकारी तैनाती है। उनका कहना है कि भुगतान के लिए प्रथम हस्ताक्षरी लेखाकार होता है। मगर लेखाकर अखिलेश कुमार ने न तो कोई पत्रावली आगे बढ़ाई और न ही समय से उन्हें कोई जानकारी दी। आरोप लगाया कि बार-बार टोकने पर भी लेखाकार न पत्रावली अग्रसारित नहीं की। ऐसे में मनरेगा के सामग्री मद का भुगतान नहीं हो सका। इसके लिए लेखाकार को नोटिस देकर जवाब तलब किया है। साथ ही लिखित जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
अधिकारियों के दुर्व्यवहार से प्रतिनिधि आहत
विभागीय सूत्रों का कहना है कि जिले में खड़ाऊ राज जैसे हालात हैं। महिला ग्राम प्रधान होने पर पुरुष ही प्रतिनिधि के तौर पर काम करते हैं। बीते दिनों प्रधान प्रतिनिधि विकास भवन शिकायत करने पहुंचे तो उन्हें बाहर कर दिया गया। आरोप लगाया कि उनके साथ दुर्व्यवहार कर कमरे से बाहर कर दिया गया। प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश शुक्ल का कहना है कि प्रतिनिधि का कोई स्थान नहीं है। हालांकि मनरेगा का भुगतान न होने की जानकारी मिली है।
विज्ञापन