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बेदाग छवि वाले नेता को चुनें विधायक
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Tue, 17 Jan 2017 10:27 PM IST
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अमर उजाला के कार्यक्रम में जुटे युवा
- फोटो : अमर उजाला
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विधान सभा चुनाव 2017 में युवा जनप्रतिनिधियों के चयन के प्रति काफी सजग दिख रहे हैं। युवाओं की राय है कि उनका नेता शिक्षित व बेदाग छवि वाला हो। युवाओं ने अपने हिसाब से ही नेता को रोल मॉडल चुनने का मूड बनाया है। मंगलवार को अमर उजाला फोकस कार्यक्रम में युवाओं ने जनप्रतिनिधियों के प्रति अपनी राय बड़ी ही बेबाकी से रखी।
युवाओं का कहना था कि उन्हें देश की राजनीति को स्वच्छ व जबाबदेह बनाने के लिए आगे आना होगा। जिले में करीब 45 प्रतिशत युवा मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। कार्यक्रम के दौरान जिले का पिछड़ापन व निम्न शैक्षिक स्तर युवाओं को विचलित करता हुआ दिखा। युवाओं का कहना था कि हर बार चुनाव में नेता तो विकास की गंगा बहाने का वायदा तो करते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद खुद के विकास को तवज्जो देते हैं।
युवाओं ने कहाकि उन्हें राजनीति का गिरता स्तर देश व प्रदेश को पिछड़ेपन के दलदल में धकेलता जा रहा है। चुनाव से पूर्व हमें नेताओं के चारित्रिक, आर्थिक व सामाजिक गुण-दोष का गहनता से आकलन करना होगा।
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यदि युवाओं ने सजगता नहीं दिखाई तो सात दशक से पिछड़ेपन का दंश झेल रहा यह क्षेत्र एक बार फिर विकास से अछूता रहेगा। नेताओं ने राजनीतिक दलों को तवज्जो न देकर प्रत्याशियों के बारे में अपनी राय बड़ी ही बेबाकी से रखी। युवाओं का बेबाकीपन यह दर्शाता है कि आने वाले समय में नेता झूठे वायदे करने से परहेज करेंगे और जनता के प्रति जबाबदेह बनेंगे।
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युवाओं का कहना था कि उन्हें देश की राजनीति को स्वच्छ व जबाबदेह बनाने के लिए आगे आना होगा। जिले में करीब 45 प्रतिशत युवा मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। कार्यक्रम के दौरान जिले का पिछड़ापन व निम्न शैक्षिक स्तर युवाओं को विचलित करता हुआ दिखा। युवाओं का कहना था कि हर बार चुनाव में नेता तो विकास की गंगा बहाने का वायदा तो करते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद खुद के विकास को तवज्जो देते हैं।
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युवाओं ने कहाकि उन्हें राजनीति का गिरता स्तर देश व प्रदेश को पिछड़ेपन के दलदल में धकेलता जा रहा है। चुनाव से पूर्व हमें नेताओं के चारित्रिक, आर्थिक व सामाजिक गुण-दोष का गहनता से आकलन करना होगा।
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यदि युवाओं ने सजगता नहीं दिखाई तो सात दशक से पिछड़ेपन का दंश झेल रहा यह क्षेत्र एक बार फिर विकास से अछूता रहेगा। नेताओं ने राजनीतिक दलों को तवज्जो न देकर प्रत्याशियों के बारे में अपनी राय बड़ी ही बेबाकी से रखी। युवाओं का बेबाकीपन यह दर्शाता है कि आने वाले समय में नेता झूठे वायदे करने से परहेज करेंगे और जनता के प्रति जबाबदेह बनेंगे।