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Gonda News: ढेमवा घाट मार्ग पर बनेगा लघु सेतु, बहादुरपुर से मोड़ी जाएगी सरयू की धारा
Tue, 12 Nov 2024 11:15 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 12 Nov 2024 11:15 PM IST
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गोंडा। ढेमवा घाट मार्ग पर आवागमन में सुधार के लिए कवायद परवान चढ़ने लगी है। ये मार्ग तरबगंज-नवाबगंज क्षेत्र को अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर सोहावल से जोड़ता है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के विशेषज्ञों के अध्ययन के बाद अब पीडब्ल्यूडी यहां निर्माण की तैयारी में दिख रहा है। सरयू के उफान से ढेमवा घाट मार्ग पर कटान रोकने के लिए बाढ़ का पानी निकालने का विकल्प भी बनेगा। इसके लिए डिप के बजाय अब नया लघु सेतु (मिनी ब्रिज) बनेगा। साथ ही बहादुरपुर गांव से सरयू नदी की धारा मोड़ने की रणनीति तैयार की गई है।
साल 2022 में बाढ़ से ढेमवा घाट मार्ग के कटने से जिले के लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। अयोध्या में यातायात का दबाव बढ़ने पर इस मार्ग का प्रयोग विकल्प के रूप में होता था। कटान के बाद दो साल से इस मार्ग के निर्माण की कवायद चल रही है। अब पीडब्ल्यूडी ने आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट से तय किया है कि ढेमवा घाट पर बाढ़ से बचाव का इंतजाम किए बिना सड़क का निर्माण करना उचित नहीं है। डिप बनाने से भी बाढ़ का बहाव रोकना संभव नहीं है। ऐसे में लघु सेतु का निर्माण कराने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
विशेषज्ञों की मानें तो बहादुरपुर गांव के पास सरयू नदी की मुख्यधारा से उत्तर दिशा की ओर कटान कर रही सोती को वहीं स्थायी बैरियर बनाकर रोकना भी जरूरी है। उत्तर दिशा में जा रही नदी की जलधारा को वापस मुख्यधारा की तरफ मोड़ने के लिए भी काम शुरू किया जाएगा। दरअसल धारा बदलने से सरयू नदी ढेमवा घाट को छोड़कर सड़क की ओर मुड़ गई है। इससे सोती की धारा को मोड़कर नदी को मुख्यधारा में लाना होगा। ताकि ढेमवा घाट से नदी सीधे जाए। इसके लिए ड्रेजिंग का कार्य भी कराया जाएगा।
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दरअसल करनैलगंज तहसील क्षेत्र में सरयू नदी के किनारों पर तटबंध बने हैं। तरबगंज तहसील क्षेत्र अंतर्गत ऐली-परसौली के पास तटबंध खत्म हो जाता है। इससे आगे तटबंध न होने से नदी अपने हिसाब से आगे बढ़ती है। वहीं, इसी नदी पर नवाबगंज के ढेमवा घाट पर पुल का निर्माण भी हो गया है। पुल के पास नदी अपने मूल स्थान को अब छोड़ रही है। साल 2022 में नदी की धारा से ढेमवा घाट मार्ग कट गया था। साल 2024 में नदी फिर तेवर में आई तो ढेमवा घाट को जोड़ने वाली अन्य प्रमुख सड़कें भी कट गईं। इससे क्षेत्र के लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जिसमें ढेमवा घाट पुल से ब्यौंदा माझा को जाने वाला मार्ग, बनगांव जाने वाली सड़क, ढेमवा से इंदरपुर जाने वाले मार्ग के साथ ही ढेमवा पुल तक जाने वाला बाईपास मार्ग कट चुका है। इससे ढेमवा पुल तक आने के लिए कई गांवों के लोगों को दिक्कत हो रही है। अब आईआईटी विशेषज्ञों की संस्तुति के आधार पर सुरक्षित सड़क निर्माण के साथ ही नदी को मूल स्थान की ओर मोड़ने के लिए तैयारी की जा रही है।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता वीके त्रिपाठी ने बताया कि ढेमवा घाट पुल के मार्ग का निर्माण जिले के लिए काफी महत्वपूर्ण है। सड़क की सुरक्षा के दृष्टिगत निर्माण की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
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साल 2022 में बाढ़ से ढेमवा घाट मार्ग के कटने से जिले के लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। अयोध्या में यातायात का दबाव बढ़ने पर इस मार्ग का प्रयोग विकल्प के रूप में होता था। कटान के बाद दो साल से इस मार्ग के निर्माण की कवायद चल रही है। अब पीडब्ल्यूडी ने आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट से तय किया है कि ढेमवा घाट पर बाढ़ से बचाव का इंतजाम किए बिना सड़क का निर्माण करना उचित नहीं है। डिप बनाने से भी बाढ़ का बहाव रोकना संभव नहीं है। ऐसे में लघु सेतु का निर्माण कराने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
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विशेषज्ञों की मानें तो बहादुरपुर गांव के पास सरयू नदी की मुख्यधारा से उत्तर दिशा की ओर कटान कर रही सोती को वहीं स्थायी बैरियर बनाकर रोकना भी जरूरी है। उत्तर दिशा में जा रही नदी की जलधारा को वापस मुख्यधारा की तरफ मोड़ने के लिए भी काम शुरू किया जाएगा। दरअसल धारा बदलने से सरयू नदी ढेमवा घाट को छोड़कर सड़क की ओर मुड़ गई है। इससे सोती की धारा को मोड़कर नदी को मुख्यधारा में लाना होगा। ताकि ढेमवा घाट से नदी सीधे जाए। इसके लिए ड्रेजिंग का कार्य भी कराया जाएगा।
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दरअसल करनैलगंज तहसील क्षेत्र में सरयू नदी के किनारों पर तटबंध बने हैं। तरबगंज तहसील क्षेत्र अंतर्गत ऐली-परसौली के पास तटबंध खत्म हो जाता है। इससे आगे तटबंध न होने से नदी अपने हिसाब से आगे बढ़ती है। वहीं, इसी नदी पर नवाबगंज के ढेमवा घाट पर पुल का निर्माण भी हो गया है। पुल के पास नदी अपने मूल स्थान को अब छोड़ रही है। साल 2022 में नदी की धारा से ढेमवा घाट मार्ग कट गया था। साल 2024 में नदी फिर तेवर में आई तो ढेमवा घाट को जोड़ने वाली अन्य प्रमुख सड़कें भी कट गईं। इससे क्षेत्र के लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जिसमें ढेमवा घाट पुल से ब्यौंदा माझा को जाने वाला मार्ग, बनगांव जाने वाली सड़क, ढेमवा से इंदरपुर जाने वाले मार्ग के साथ ही ढेमवा पुल तक जाने वाला बाईपास मार्ग कट चुका है। इससे ढेमवा पुल तक आने के लिए कई गांवों के लोगों को दिक्कत हो रही है। अब आईआईटी विशेषज्ञों की संस्तुति के आधार पर सुरक्षित सड़क निर्माण के साथ ही नदी को मूल स्थान की ओर मोड़ने के लिए तैयारी की जा रही है।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता वीके त्रिपाठी ने बताया कि ढेमवा घाट पुल के मार्ग का निर्माण जिले के लिए काफी महत्वपूर्ण है। सड़क की सुरक्षा के दृष्टिगत निर्माण की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।